Akshaya Tritiya के मौके पर सोने की खरीदारी करने से पहले ये पढ़ें

आज अक्षय तृतीया है (Akshaya Tritiya) और भारतीय इस दिन सोना (gold) खरीदना शुभ मानते हैं।

नई द‍िल्‍ली: आज अक्षय तृतीया है (Akshaya Tritiya) और भारतीय इस दिन सोना (gold) खरीदना शुभ मानते हैं। सोना निवेश (Gold investment) का अच्छा जरिया हो सकता है लेकिन इसे खरीदते वक्त इससे जुड़ी सावधानियों पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। ये बात भी सच हैं कि अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) होने की वजह से सोने के आभूषण का जबरदस्त डिमांड (Demand) है। ऐसे में खरीदारी करते वक्त ग्राहकों को कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। ग्राहकों को जागरूक (Aware customers) होना जरूरी है। उन्हें मालूम होना चाहिए कि अलग-अलग शुद्धता वाले सोने की कीमत (Gold price) अलग-अलग होती है। इसके साथ ही, आभूषण बनाने के लिए सोने की शुद्धता कितनी होनी चाहिए।

सोने की कीमत हमेशा कैरेट के हिसाब से हो

सोने की कीमत हमेशा कैरेट के हिसाब से हो

सोना के कैरेट (Gold carat) जितने ज्यादा होते हैं, उसकी कीमत भी उतनी ज्यादा रहती है। ज्‍यादातर 22 कैरेट गोल्‍ड 24 कैरेट गोल्‍ड से सस्‍ता होता है। चूंकि ज्‍वैलरी (Jewelery) 22 कैरेट गोल्‍ड की होती है, इसलिए इसकी कीमत उस कैरेट गोल्‍ड के हिसाब से नहीं होगी। इसलिए ध्यान रखें कि प्‍योर गोल्‍ड ज्‍वैलरी बताकर 22 कैरेट ज्‍वैलरी (Carat jewelery) के लिए 24 कैरेट के हिसाब से पैसे न वसूल लिए जाएं। इतना ही नहीं बिल बनवाते वक्त ज्‍वैलर से सोने की शुद्धता (Gold purity) और कीमत को बिल पर जरूर लिखवाएं।

सोने की शुद्धता को बिल्‍कुल नजरअंदाज न करें

सोने की शुद्धता को बिल्‍कुल नजरअंदाज न करें

बता दें कि पहले सोने की शुद्धता (Gold purity) पर बहुत फोकस होता था। लेकिन अब ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। बीआईएस (BIS) या एनएबीएल सर्टिफिकेशन शर्तें (NABL Certification Terms)आपको शुद्ध सोना (Gold purity) खरीदने में मदद करता है। जौहरियों के पास हमेशा मैग्निफाइंग ग्लास (Magnifying glass) मौजूद होता हैं, आप उसकी मदद से सोने के सिक्के या जेवर पर लगे हॉलमार्क लोगो की अच्छे-से जांच करें। उसकी शुद्धता की पुष्टि करें। सोने के सिक्के (Gold coins) में शुद्धता 99.99% तक होती है और पैकेजिंग व सोने के सिक्कों पर एनएबीएल (NBL) की मान्यता भी होती है।

ब‍िल लेना कभी न भूलें

ब‍िल लेना कभी न भूलें

इतना ही नहीं हर वस्तु के साथ पर्ची पर वजन का उल्लेख होता है। इसके बाद भी आश्वस्त होने और सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन (Electronic weighing machine) पर वजन की जांच करें जो सभी ज्वैलर्स के पास उपलब्ध रहती है। सोना खरीदने के बाद, जैसा कि आप पहले ही जीएसटी (GST) का भुगतान कर चुके हैं, रसीद के लिए आग्रह करें और इसे सुरक्षित रखें। गोल्ड की खरीदारी करते वक्‍त पक्‍का बिल जरूर लें। कई लोग जान-पहचान की दुकान से खरीदारी करते वक्‍त बिल (Bills) को तवज्‍जो नहीं देते, जो कि गलत है। सोना चाहे जहां से खरीदें लेकिन उसका पक्‍का बिल लेना न भूलें। इस बात का भी व‍िशेष तौर पर ध्‍यान रखें कि उसमें खरीदी गई ज्‍वैलरी, मेकिंग चार्ज और दुकानदार आदि की पूरी डिटेल हो।

मेकिंग चार्जेस पर ध्‍यान दें

मेकिंग चार्जेस पर ध्‍यान दें

गोल्‍ड ज्‍वैलरी बनवाते वक्त उस पर किए गए काम के हिसाब से मेकिंग चार्ज (Making charge) लिया जाता है। आपको बता दें कि ज्वैलरी जितने बारीक काम वाली होती है, उसका मेकिंग चार्ज (Making charge) ज्‍यादा रहता है। त्योहारों के टाइम पर डिमांड (Demand) ज्‍यादा रहती है। लेकिन सही तो यह है कि मेकिंग चार्ज को लेकर आप जितनी बार्गेनिंग कर सकते हैं करें। गोल्‍ड कॉइन में 0.5 ग्राम के मिनिमम वेट (Min weight) के गोल्‍ड के कॉइन (Gold coin) भी खरीदे जा सकते हैं और इसलिए ज्‍वैलरी के मुकाबले इन पर मेकिंग चार्ज भी कम होता है।

गोल्‍ड कॉइन की पैकेजिंग पर ध्‍यान दें

गोल्‍ड कॉइन की पैकेजिंग पर ध्‍यान दें

वहीं हम आपको यह भी बताना चाहेंगे कि बेहतर होगा, यदि आप बिना नगों वाले जेवर खरीदें। भले ही उसकी कीमत अनुपात में कम हो, ज्वैलर्स (Jewelers) अक्सर नगों और मीनाकारी की कीमत को भी सोने की कीमत में जोड़ लेते हैं। वहीं गोल्‍ड क्वॉइन (Gold coins) की पैकेजिंग टेंपर प्रूफ (Packaging taper proof) होती है। टेंपर प्रूफ पैकेजिंग से क्वॉइन की प्‍योरिटी बरकरार रखने के लिए की जाती है। इसलिए गोल्‍ड कॉइन (Gold coins) खरीदते वक्‍त ध्‍यान रखें कि कॉइन टेंपर प्रूफ पैकेजिंग (Coin Taper Proof Packaging) वाला ही हो। इस बात से भी अवगत करा दें कि अगर आप आगे चलकर इसे बेचना चाहते हैं तो आपको भी इसकी यही पैकेजिंग बरकरार रखनी होगी।

हॉलमार्क को ब‍िलकुल न करें अनदेखी

हॉलमार्क को ब‍िलकुल न करें अनदेखी

बीआईएस (BSI) हॉलमार्क गोल्ड (Hallmark gold) के शुद्ध होने की गांरटी होता है। इसलिए बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी (Jewelery) न खरीदें। गोल्‍ड कॉइन लेते वक्‍त भी जांच लें कि वह BIS सर्फिाइड हो। किसी भी गोल्‍ड आइटम पर पांच चीजें मार्क होती हैं- BIS लोगो, प्‍योरिटी या फाइननेस दर्शाने वाला नंबर जैसे 22 कैरेट या 916, एसेइंग या हॉलमार्किंग सेंटर (Hallmarking Center) का लोगो, मार्किंग का साल और ज्‍वैलर्स आइडेंटिफिकेशन नंबर (Jewelers Identification Number)।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+