Modi government : आप पर सीधा असर करेगा '73' का ये डबल अटैक

नई दिल्ली। मोदी सरकार (Modi government) में गुरुवार का दिन अच्छा नहीं रहा। आज 73 के अंक ने लोगों को दोहरा झटका दिया है। जहां आज पेट्रोल (petrol) 7 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 73 रुपये के पार निकल गया, वहीं डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (rupee) कमजोर होकर 73 रुपये के स्तर पर आ गया। इन दोनों बुरी खबरों का देश के लोगों पर महंगाई (Inflation) के रूप में भार पड़ेगा। जहां पेट्रोल (petrol) और डीजल महंगा होने से लोगों का आना-जाना महंगा होगा, वहीं सामान की ढुलाई की लागत (Cost of goods transportation) बढ़ने से सामानों के रेट बढ़ेंगे (rate of goods will increase)। इसके अलावा रुपये की कमजोरी भी लोगों को परेशान करेगी, यहां तक की आपकी लोन की किस्त (Loan EMI) भी बढ़ सकती है।

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जानें रुपये (rupee) में कमजोरी से होने वाल दिक्कतें
रुपया (rupee) कमजोर होने से आयात (Import) होना महंगा हो जाएगा। खाद्य तेल (edible oil) जैसे सामानों का आयात (Import) रोका या कम नहीं किया जा सकता है ऐसे में इसके रेट पर भी असर पड़ेगा। वहीं इससे देश का चालू खाता घाटा (Country's current account deficit) भी बढ़ेगा। बहुत से लोगों के बच्चे विदेशों में पढ़ाई (Children study abroad) करते हैं उनको अब फीस (Children's education fees abroad) और खर्च के रूप में ज्यादा पैसा खर्च करना होगा। कंप्यूटर्स, स्मार्टफोन और कारें (car) भी महंगी हो जाएंगी, क्योंकि इनके उत्पादन में कई आयातित पुर्जों का इस्तेमाल होता है। रुपये (rupee) की कमजोरी का सबसे ज्यादा असर आयात आधारित सभी उद्योगों (Import-based industries) पर पड़ेगा।

क्यों हो रहा रुपया (Rupee) कमजोर

क्यों हो रहा रुपया (Rupee) कमजोर

रुपये (Rupee) की कीमत पूरी तरह इसकी मांग एवं आपूर्ति पर निर्भर करती है। इस पर आयात एवं निर्यात का भी असर पड़ता है। दरअसल हर देश के पास दूसरे देशों की मुद्रा का भंडार होता है, जिससे वे लेनदेन यानी सौदा (आयात-निर्यात) करते हैं। इसे विदेशी मुद्रा भंडार कहते हैं। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है। इसका मतलब है कि निर्यात की जाने वाली ज्यादातर चीजों का मूल्य डॉलर (dollar) में चुकाया जाता है। यही वजह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये (Rupee) की कीमत से पता चलता है कि भारतीय मुद्रा मजबूत है या कमजोर।

पेट्रोल-डीजल महंगा होने का आम लोगों पर असर (Petrol and diesel costlier)

पेट्रोल-डीजल महंगा होने का आम लोगों पर असर (Petrol and diesel costlier)

पेट्रोल-डीजल महंगा होने की लोगों पर दोहरी मार पड़ती है। जैसे ही पेट्रोल (petrol) महंगा होता है तो लोगों का घर से निकलना महंगा हो जाता है। देश में ज्यादातर आमलोग दो पहिया वाहन (Two wheelers) ही इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पेट्रोल का बढ़ा रेट (Petrol rate) सीधे इन पर असर डालता है। दूसरी तरफ डीजल (diesel) के रेट बढ़ने से सामानों की ढुलाई महंगी हो जाती है। इससे खाने पीने के सामान सहित अन्य वस्तुए महंगी हो जाती हैं। इसका असर महंगाई के आंकड़े पर पड़ता है और रिजर्व बैंक (rbi) इसके बाद रेपो रेट (repo rate) को बढ़ाकर इस महंगाई को रोकने की कोशिश करता है। इसका सीधा असर आपके लोन की किस्त (loan emi) पर पड़ता है, जो बढ़ जाती है।

आगे क्या हैं आसान होगी जिंदगी

आगे क्या हैं आसान होगी जिंदगी

फिलहाल जो ग्लोबल स्थिति दिख रही है उसमें हालात सुधरते दिख नहीं रहे हैं। अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध और कड़े कर दिए हैं। इसका सीधा सा असर कच्चे तेल के रेट के बढ़ने के रूप में दुनिया के सामने आ रहा है। अगर ऐसा ही रहा तो कच्चे तेल के रेट अभी और बढ़ सकते हैं। जिससे देश को महंगे क्रूड का आयात करना होगा। इसके चलते लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमत ज्यादा चुकानी होगी।
वहीं भारत को कच्चे तेल की कीमत डॉलर में चुकाना होती है, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपये की हालात कमजोर ही रह सकती है। ऐसे में लोगों को अभी और दिक्कतों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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