ऐसे घटाएं AC का बिजली का बिल, आसान है तरीका

नई दिल्‍ली। गर्मी शुरू होते हैं एयर कंडीशनर (Air Conditioners) के विज्ञापनाें की भरमार हो गई है। सभी का दावा है कि उनका एसी (AC) सबसे ज्‍यादा बिजली बचाता है, लेकिन सच यह है कि अगर आपका कमरा पूरी तरह से एसी (AC) लगाने के लिए फिट नहीं है, तो बिजली की बचत (power saving) होना कठिन है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि एसी (AC) लगाने से पहले कमरे में क्या सुधार किया जाए जिससे अधिक से अधिक बिजली बचे (power saving) और ठंडक भी अच्छी मिले। अगर इन आसान से कुछ उपाए को अपनाया जाए तो एसी (AC) के बिल में करीब 20 फीसदी तक की कमी की जा सकती है।

AC

एसी (AC) लगाने से पहले इन बातों पर दे ध्‍यान

कमरे का आकार के हिसाब से लगाएंं एयर कंडीशनर (Air Conditioners)
कमरे के आकार के हिसाब से एयर कंडीशनर (Air Conditioners) लगाएं। अगर ज्‍यादा क्षमता का एसी (AC) लगाएंगे तो उसकी क्षमता बेकार जाएगी और कम क्षमता को होगा तो बिजली ज्‍यादा खर्च करेगा और कूलिंग भी अच्‍छी नहीं देगा।

कमरे (room) में कम सामान रखें

कमरे (room) में कम सामान रखें

कमरे (room) में जो भी सामान होता है एसी (AC) उसे भी ठंडा करता है। इसलिए कमरे (room) में जितना कम सामान होगा उतना ही बेहतर होगा।

कमरे (room) में बिजली के उपकरणों पर ध्‍यान दें
कई बिजली के उपकरण ऐसे होते हैं जो काफी गर्मी छोड़ते हैं। इसलिए कमरे में बिजली के उपकरणों पर जरूर नजर डालें। रोशनी के लिए भी अगर एलईडी (LED) का इस्‍तेमाल करेंगे तो अच्छा रहेगा।

कैसी हैं खिड़कियां

कैसी हैं खिड़कियां

कमरे में अगर ज्‍यादा खिड़कियां होंगी तो यह भी कूलिंग पर प्रभाव डालेंगी। इसलिए ऐसे कमरे में एसी (AC) लगाना चाहिए जहां खिड़कियां कम हों। अगर ऐसा संभव नहीं है तो इन खिड़कियों को इंसुलेटड जरूर करा लेना चाहिए। इससे सूर्य की गर्मी का कमरे में प्रभाव कम रहेगा और एयर कंडीशनर (Air Conditioners) अच्‍छा काम करेगा। इससे बिजली की खपत भी कम होगी। 

कैसी है कमरे में सूर्य की रोशनी

कैसी है कमरे में सूर्य की रोशनी

कई घरों में एयर कंडीशनर (Air Conditioners) ऐसे कमरों में लगे हैं जहां सूर्य की रोशनी सीधी पड़ती है। इसके चलते एसी (AC) के कंप्रेशर पर ज्‍यादा जोर पड़ता है। जिससे यह बिजली की खपत (power consumption) ज्‍यादा करते हैं। लेकिन घरों की दीवाराें को बदला नहीं जा सकता है, लेकिन इनमें सुधार किया जा सकता है। इन दीवारों पर हीट प्रूफ पेंट (Heat proof paint) कराया जा सकता है। इससे सूर्य की गर्मी कमरे में आना कम हो जाएगी और अच्‍छी ठंडक के साथ बिजली का बिल भी कम हो जाएगा।

विंडो एसी (Window ac) या स्प्लिट एसी (Split AC) कहां लगाएं

विंडो एसी (Window ac) या स्प्लिट एसी (Split AC) कहां लगाएं

एसी (AC) चाहे विंडो एसी (Window ac) हो या स्प्लिट एसी (Split AC) जब भी लगाएं तो यह सुनिश्चित करें कि उस पर सीधे धूप न पड़े। अगर ऐसा होगा तो उसकी कूलिंग पर फर्क पड़ेगा। इसलिए जब भी एयर कंडीशनर (Air Conditioners) लगाएं तो इससे बचने की कोशिश करें। अगर ऐसा संभव न हो तो ऐसा इंतजाम जरूर करें कि इन पर धूप न पड़े। इसके लिए उनके ऊपर शेड बनाया जा सकता है। ऐसा करने से भी बिजली के बिल में कमी लाना संभव है।

एसी (AC) खरीदते वक्‍त यह भी ध्‍यान रखें

एसी (AC) खरीदते वक्‍त यह भी ध्‍यान रखें

गर्मी के सीजन में देश के कई भागों में तापमान 50 डिग्री के ऊपर चला जाता है। ऐसी गर्मी में कई एयर कंडीशनर (Air Conditioners) काम करना बंद कर देते हैं। इसका कारण है कि ज्‍यादातर एसी (AC) 43 से 48 डिग्री के बीच ही अच्‍छा काम करते हैं। लेकिन जब तापमान 48 के ऊपर जाता है तो यह एसी (AC) ठंडा करना बंद कर देते हैं। इसलिए जब भी एसी (AC) खरीदे तो यह जरूर देख लें कि वह कितनी गर्मी पड़ने तक काम कर सकता है। आजकल कई एसी (AC) ऐसे आ रहे हैं जो 54 डिग्री तक काम कर सकते हैं। इसलिए ऐसे ही एसी (AC) लेना चाहिए।

इन कामों से बचेगी 20 फीसदी तक बिजली

इन कामों से बचेगी 20 फीसदी तक बिजली

सिटी एयरकंडीसनर्स के संजय लजारस के अनुसार एयर कंडीशनर (Air Conditioners) चाहे जितना भी अच्‍छा हो, लेकिन वह तभी अच्‍छा काम करता है जब उसे लगाया ठीक से जाए। इसके लिए कमरे में जरूरी फेरबदल कर लेने चाहिए। इसके दो फायदे हाेते हैं, एक तो बिजली का बिल करीब 20 फीसदी तक कम हो जाता है, वहीं एसी (AC) की लाइफ भी बढ़ जाती है। इसके अलावा चाहे‍ जितना भी गर्मी पड़े] कमरे में अच्‍छी कूलिंग भी मिलती है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+