बार्सिलोना। रिलायंस जियो (Reliance Jio) से मुकाबला करने के लिए एयरटेल (Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) में समझौता हो सकता है। यह दोनों कंपनियां आप्टिकल फाइबर (optical fiber) केबल के क्षेत्र में साझेदारी कर सकती हैं। इस बात की संभावना इसलिए बढ़ गई है कि क्योंकि यहां पर एक कार्यक्रम के दौरान एयरटेल (Airtel) के अध्यक्ष सुनील मित्तल भारती ने कहा है कि मैं वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) से ऑप्टिकल फाइबर (optical fiber) कंपनी में साझेदारी का आमंत्रण देता हूं। एयरटेल (Airtel) ऑप्टिकल फाइबर कंपनी टेलीसोनिक (telesonic) का संचालन करती है। मोबाइल फोन कंपनियों के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क उनका दिल की तरह होता है, जिसके बिना कोई भी मोबाइल कंपनी अपना संचालन नहीं कर सकती है। यह जानना बड़ा रोचक है कि आप्टिकल फाइबर में डाटा की स्पीड कितनी होती है।

टॉवर कारोबार में हो चुका है ऐसा
मित्तल ने कहा कि हम एक बार इससे पहले भी ऐसा कर चुके हैं। यह काम टॉवर कारोबार में हो चुका है। यह दोनों कंपनियां मिलकर इंडस टॉवर का संचालन कर रही हैं। उनके अनुसार जब टॉवर कारोबार में ऐसा हो सकता है तो ऑप्टिकल कारोबार (optical fiber) में ऐसा क्यों नही हो सकता है। हालांकि उनके अनुसार वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) का शुरुआती रिस्पांस पॉजटिव है। अगर ऐसा होता है तो ऑप्टकल फाइबर (optical fiber) कारोबार की कॉस्ट घटाने में मदद मिलेगी।
वोडाफोन भी ऐसा ही सोच रहा
इससे पहले वोडाफोन समूह के सीईओ निक रीड ने भी भारतीय टेलीकॉम सेक्टर को लेकर बड़ा बयान दिया था। उनके अनुसार पिछले दो साल में इस सेक्टर में नियमों को लेकर कई तरह के बदलाव हुए हैं, लेकिन इनका फायदा सिर्फ रिलायंस जियो को ही हुआ है। एयरटेल (Airtel) के अध्यक्ष सुनील मित्तल के बयान पर इनका कहना है कि यह एक अच्छा आइडिया है। उनके अनुसार नेटवर्क शेयर करने से कॉस्ट कटिंग में मदद मिल सकती है।
रिलायंस जियो (Reliance Jio) पर क्या बोले मित्तल
आप्टिकल फाइबर (optical fiber) नेटवर्क में रिलायंस जियो (Reliance Jio) को जोड़ने के सवाल पर सुनील मित्तल भारती का कहना था कि फिलहाल तो वोडाफोन आइडिया की तरफ ध्यान है। बाद में रिलायंस जियो (Reliance Jio) के बारे में सोचा जाएगा।
ऑप्टिकल फाइबर क्या है? (what is optical fiber in hindi)
ऑप्टिकल फाइबर (optical fiber) एक पतला तार होता है, जिससे लाइट का उपयोग कर के डाटा ट्रांसफर बहुत ही तेज़ी से भेजा जा सकता है। एक स्पेशल कोण से लाइट दिखाने पर ये टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन (total internal reflection) के सिद्धांत पर चलता है। ऑप्टिकल फाइबर में बिजली का संचार नहीं लाइट का संचार होता है। लाइट का उपयोग करके इसकी स्पीड को बहुत तेज किया जाता है। ऑप्टिकल फाइबर पतले कांच या प्लास्टिक से बना एक तार होती है, जिससे लाइट के रूप में सूचनाओं का प्रवाह होता है। इसमें डाटा तीन लाख किलोमीटर पर सेकंड की रफ़्तार से ट्रैवेल करता है।
ऑप्टिकल फाइबर के फायदे (benefits of optical fiber in hindi)
बड़े बैंडविड्थ
ऑप्टिकल फाइबर बहुत ही तेज़ी से बहुत काम समय में लम्बा सफर तय करने में सक्षम है। ये बिजली वाली तारों की तुलना में 10 से 100 गुना अधिक बैंडविड्थ दे सकता है। इसका मतलब यह ज्यादा डाटा लाने और ले जाने में सक्षम होता है।
विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप की प्रतिरक्षा
ऑप्टिकल फाइबर इंसुलेटर के बने हुए होते हैं, इस कारण मैग्नेटिक वेव इन पर कोई असर नहीं डाल सकती
छोटे आकार और हल्के
ऑप्टिकल फाइबर काफी छोटे होते हैं, इनकी मोटाई बाल से भी काम होती है। इसकी इसी संरचना के कारण इनका वजन भी बहुत कम होता है।
सुरक्षा
ऑप्टिकल फाइबर डटा को पूरी सेफ्टी प्रदान करता है। इसकी सिक्योरिटी को तोड़ना आसान नहीं है।
डिजिटल सिग्नल ट्रांसमिशन
इसमें डाटा का एनालॉग तरीके से नहीं बल्कि डिजिटली तरीके से ट्रांसमिशन किया जाता है। आपको बता दे इसमें अनलॉग ट्रांसमिशन भी किया जा सकता है। एनालॉग ट्रांसमिशन में तीव्रता लगातार भिन्न होती रहती है, इसीलिए डिजिटल मोड का उपयोग ज्यादा ठीक रहता है।


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