हेज फंड और म्‍यूचुअल फंड के बीच क्‍या अंतर है?

हेज फंड एक हेजिंग रिस्‍क है यानी कि आप जीरो रिस्‍क पर निवेश को हेज फंड कह सकते हैं।

निवेश और पोर्टफोलियो के हिसाब से हेज फंड और म्‍यूचुअल फंड दोनो ही काफी अलग हैं। आप में से ज्‍यादातर लोग यह तो जानते होंगे कि म्‍यूचुअल फंड क्‍या है पर हेज फंड क्‍या है इसके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे। तो आइए आपको बताते हैं कि हेज फंड क्‍या है साथ ही बताएंगे कि हेज फंड और म्‍यूचुअल फंड के बीच अंतर के बारे में।

हेज फंड और म्‍यूचुअल फंड

हेज फंड और म्‍यूचुअल फंड

सबसे पहले आपको बता दें कि म्‍यूचुअल फंड के लिए कोई हिंदी शब्‍द नहीं है ठीक उसी तरह हेज फंड (Hedge Fund) के लिए भी कोई हिंदी शब्‍द नहीं है। हेज फंड एक हेजिंग रिस्‍क है यानी कि आप जीरो रिस्‍क पर निवेश को हेज फंड कह सकते हैं। तो वहीं म्‍यूचुअल फंड निवेश की एक यूनिट है जिसमें आप 500 रुपए से लेकर कितना भी निवेश कर सकते हैं लेकिन म्‍यूचुअल फंड में निवेश के दौरान रिस्‍क या जोखिम हो सकता है।

हेज फंड, म्‍यूचुअल फंड के द्वारा रेगुलेट होते हैं

हेज फंड, म्‍यूचुअल फंड के द्वारा रेगुलेट होते हैं

दुनिया भर में म्युचुअल फंड विनियमित हैं चाहे वह भारत हो या संयुक्त राज्य अमेरिका। भारत में, उन्हें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा विनियमित किया जाता है, जबकि अमेरिका में उन्हें अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा विनियमित किया जाता है। कई लोग कहते हैं कि हेज फंड के लिए नियम भी जल्‍द ही रेगुलेट किए जाएंगे, पर ये कब होगा कोई नहीं जानता।

निवेश पर प्रतिबंध

निवेश पर प्रतिबंध

हेज फंड किसी भी चीज या हर चीज का एक्सपोजर ले सकते हैं। यह सोना या लॉटरी का टिकट भी हो सकता है। म्यूचुअल फंड के मामले में ऐसा नहीं हो सकता है और न ही होगा। वे निवेश करते समय अधिक अनुशासित दृष्टिकोण अपनाते हैं, खुद को गुणवत्ता वाले ऋण और इक्विटी तक सीमित रखते हैं।

हेज फंड और म्‍यूचुअल फंड में निवेश

हेज फंड और म्‍यूचुअल फंड में निवेश

म्यूचुअल फंड आमतौर पर बहुत कम अवधि में रिटर्न पर फायदा नहीं देते हैं। उदाहरण के लिए, वे बहुत लंबे समय के लिए निवेश पर पकड़ बनाते हैं। हेज फंड अधिक शॉर्ट टर्म रिटर्न को देखते हैं। यानी कि हेज फंड में आपको कम समय में भी अच्‍छा रिटर्न प्राप्‍त कर सकते हैं।

डेरिवेटिव
डेरिवेटिव मतलब भविष्‍य में बाजार का रुख। म्यूचुअल फंड डेरिवेटिव में निवेश नहीं करते हैं, जबकि हेज फंड ऐसा कर सकते हैं। यह अल्पावधि में अधिक जोखिम लेने की क्षमता और उन जोखिमों से लाभ के अनुरूप है।

 

हेज फंड में उधार के पैसे से निवेश कर सकते हैं

हेज फंड में उधार के पैसे से निवेश कर सकते हैं

हेज फंड में उधार लिए गए पैसे से निवेश करते हैं। यह उनके जोखिम लेने की प्रकृति के कारण है और, इसके आधार पर खरीदना और बेचना वास्तव में जोखिम भरा हो सकता है। म्यूचुअल फंड पैसा उधार नहीं लेते हैं और जो धन उपलब्ध है उसे निवेश करते हैं। हेज फंड शॉर्ट सेल हैं यानी कम बिकते हैं जबकि म्‍यूचुअल फंड नहीं।

उपसंहार

उपसंहार

जैसा कि देखा जा सकता है कि हेज फंड और म्यूचुअल फंड में बहुत अंतर है। अनिवार्य रूप से, हेज फंड्स शॉर्ट टर्म में बहुत जोखिम भरा दांव लगाते हैं, जबकि म्यूचुअल फंड्स शॉर्ट टर्म में रिस्क नहीं लेते हैं और लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करते हैं। छोटे निवेशक हेज फंड में निवेश नहीं करते हैं, लेकिन, निश्चित रूप से म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इसके अलावा, हेज फंड प्रबंधकों को उनके प्रदर्शन के आधार पर भुगतान किया जा सकता है, जबकि म्यूचुअल फंड प्रबंधकों को प्रदर्शन के पहले ही भुगतान किया जाता है।

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