SC: मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ना अन‍िवार्य नहीं

आधार पर सुप्र‍िम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। आधार पर 40 पेज का फैसला सुप्रीम कोट के द्वारा द‍िया गया है। आधार एक्ट के सेक्शन 33(2) को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है।

आधार पर सुप्र‍िम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। आधार पर 40 पेज का फैसला सुप्रीम कोट के द्वारा द‍िया गया है। आधार एक्ट के सेक्शन 33(2) को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। इससे डेटा शेयरिंग पर रोक लग जाएगी। इसके अलावा सेक्शन 57 पर भी रोक लगा दी गई है। सेक्शन 57 के तहत सरकार और प्राइवेट कंपनियों को आधार का डेटा मांगने का अधिकार दिया गया है।

देश में 122 करोड़ आधार कार्ड बने

आधार की अनिवार्यता को 31 याचिकाओं के जरिए चुनौती दी गई थी और इस पर करीब चार महीने तक बहस चली। आधार आम नागरिक की पहचान बन चुका है। देश में 122 करोड़ आधार कार्ड बने हैं।

इन जग‍हों पर आधार नंबर का होना अन‍िवार्य

इन जग‍हों पर आधार नंबर का होना अन‍िवार्य

 

  • पैन और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार नंबर जरूरी। 
  • सरकार की लाभकारी योजना और सब्सिडी योजना पाने के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा।

 

इन जगहों पर आधार की अनिवार्यता नहीं

इन जगहों पर आधार की अनिवार्यता नहीं

  • सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि मोबाइल सिम, बैंक अकाउंट के लिए आधार जरूरी नहीं है। 
  • सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि स्कूल में ऐडमिशन के लिए आधार जरूरी नहीं। 
  • सीबीएसई, नीट और यूजीसी की परीक्षाओं के लिए आधार जरूरी नहीं। 
  • सीबीएसई, बोर्ड एग्जाम में शामिल होने के लिए छात्रों से आधार की मांग नहीं कर सकता है। 
  • टेलिकम कंपनियां, ई-कॉमर्स फर्म, प्राइवेट बैंक और अन्य इस तरह के संस्थान आधार की मांग नहीं कर सकते हैं।
  • आधार को लेकर फैसले के दौरान कोर्ट ने कहा

    आधार को लेकर फैसले के दौरान कोर्ट ने कहा

    • आधार आम लोगें के हित के लिए काम करता है और इससे समाज में हाशिये पर बैठे लोगों को फायदा होगा। 
    • आधार डेटा को 6 महीने से ज्यादा डेटा स्टोर नही करेंगे। 5 साल तक डेटा रखना बैड इन लॉ है। 
    • सुप्रीम कोर्ट ने आधार ऐक्ट की धारा 57 को रद्द करते हुए कहा कि प्राइवेट कंपनियां आधार की मांग नहीं कर सकतीं। 
    • आधार पर हमला संविधान के खिलाफ है। इसके डुप्लिकेट होने का कोई खतरा नहीं। आधार एकदम सुरक्षित है। 
    • लोकसभा में आधार बिल को वित्त विधेयक के तौर पर पास करने को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया। 
    •  यह गैरकानूनी है।
    • राज्य और जनता के हित संतुलित होना

      राज्य और जनता के हित संतुलित होना

      जस्‍ट‍िस एके सीकरी ने आधार पर फैसला पढ़ते हुए कहा कि राज्य और जनता के हित संतुलित होने चाहिए। संविधान पीठ ने 38 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद 10 मई को मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पर कुल 31 याचिकाएं दायर की गयी थीं। सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिकता को बरकरार रखा है।

      आधार 12 अंको की एक संख्या है जो देश के नागरिकों के लिए पहचान के तौर पर जारी की जाती है। आधार के जरिए कई योजनाओं का फायदा सीधे लाभार्थियों को उनके बैंक अकाउंट में दिया जाता है। आधार कार्ड पर फैसला मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा और जज एके सिकरी, एएम खानविलकर, डीवाई चंद्रचूड और अशोक भूषण की बैंच ने सुनाया है। आधार के इस फैसले से सरकार और लोगों पर बड़ा असर पड़ेगा।

       

      सरकार का दलील आधार के जरिए कई कामों में सुविधा हुई

      सरकार का दलील आधार के जरिए कई कामों में सुविधा हुई

      आधार की सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन को लेकर हमेशा सवाल उठता है। सरकार का दलील है कि आधार के जरिए कई कामों में सुविधा हुई है। अभी यूआईडीएआई देश में आधार कार्ड जारी करता है। इसमें लोगों के बायोमेट्रिक, आइरिश और फोटो की जानकारी ली जाती है। ये डेटा यूआईडीएआई के सर्वर में रहता है। जिसे भेद पाना बहुत मुश्किल है।  

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