यहां पर आपको लिक्विड फंड के बारे में विस्तार से बताएंगे, साथ ही बताएंगे कि ये फंड किस तरह से काम करते हैं।
म्यूचुअल फंड कई प्रकार के होते हैं जिनमें से एक प्रकार है लिक्विड फंड। लिक्विड फंड डेट म्यूचुअल फंड होते हैं ये आपको पैसा ट्रेजरी बिल्स, गर्वमेंट सिक्योरिटीज और कॉल मनी जैसे शॉर्ट टर्म वाले मार्केट इंस्टूमेंट्स में निवेश करते हैं। इन फंड्स के द्वारा 91 दिनों के परिपक्वता अवधि वाले यंत्र में निवेश कर सकते हैं। लिक्विड फंड का उपयोग निवेशक आमतौर पर एक से तीन महीने के समय के लिए करते हैं।
इस तरह समझें
अगर आपके बच्चे की स्कूल फीस का इंस्टॉलमेंट दो महीने बाद हो या आप दो महीने के बाद छुट्टी पर जाने वाले हों, तो उसके लिए तय पैसा आप लिक्विड फंड में निवेश कर सकते हैं। बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो अभी तक थोड़ा-बहुत म्यूचुअल फंड के बारे में जानना शुरु किए हैं लेकिन क्या आप और वो सभी लोग लिक्विड म्यूचुअल फंड के बारे में जानते हैं यदि नहीं तो आपको यहां पर हम इस फंड के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं।
लिक्विड फंड का उपयोग
लिक्विड फंड का उपयोग तब किया जाता है, जब आपके पास अचानक ज्यादा पैसे आ जाएं। यह राशि एक बड़े बोनस के रुप में हो सकती है या रियल एस्टेट की बिक्री से मिली नकदी हो सकती है या ऐसे अन्य माध्यमों से आयी राशि हो सकती है। कई इक्विटी निवेशक अपने निवेश को सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान के जरिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में बांधने के लिए भी लिक्विड फंड का उपयोग करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इस तरीके से उन्हें बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
लिक्विड फंड में कम जोखिम
म्यूचुअल फंड की कैटगरी में लिक्विड फंड को सबसे कम जोखिम का जरिया माना जाता है। इनमें सबसे कम वोलैटिलिटी भी रहती है। इसकी वजह यह है कि ये फंड्स आमतौर पर ज्यादा क्रेडिट रेटिंग वाले यंत्र में निवेश करते हैं। ऐसे फंड की नेट एसेट वैल्यू हासिल होने वाली ब्याज आय के दायरे तक ही बदलती है।
लिक्विड फंड पर रिटर्न
इसके अलावा निवेशक अपने निवेश को भुना सकते हैं और पैसा अगले वर्किंग डे को उनके बैंक अकाउंट में चला जाता है। लिक्विड फंड में फंड हाउस कोई एंट्री या एग्जिट लोड नहीं वसूलते हैं। तो वहीं वैल्यू रिसर्च के डाटा के अनुसार लिक्विड फंड की कैटेगरी ने पिछले सालभर में 7 प्रतिशत से कुछ रिटर्न दिया है। यह अधिकतर बैंकों के सेविंग्स अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज से कहीं ज्यादा है।
लिक्विड फंड में निवेश
आपको बता दें कि लिक्विड फंड दूसरे डेट फंड से नेट एसेट वैल्यू के लिहाज से अलग होते हैं। किसी ट्रांजेक्शन डे को दोपहर बाद दो बजे तक किए गए निवेश के मामले में पिछले दिन के ANV पर यूनिट्स अलॉट की जाती है। इस तरह लिक्विड फंड एक मात्र ऐसी श्रेणी है, जिसमें पिछले दिन के एनवी का उपयोग होता है। किसी खास ट्रांजेक्शन डे को दोपहर बाद तीन बजे तक रिडेम्पशन के मामले में यूनिट्स उसी दिन के एनवी पर रिडीम की जाती है और पैसे को अगले वर्किंग डे पर बैंक अकाउंट में भेज दिया जाता है।
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