यहां पर आपको बताएंगे कि संपत्ति के बदले लोन कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
जीवन में कभी न कभी किसी न किसी परिस्थिति में आपको लोने लेने की आवश्यकता पड़ ही जाती है फिर चाहे वो संपत्ति के बदले लोन हो या गैर आवासीय लोन हो। बच्चों की पढ़ाई, शादी या फिर बीमारियों या संपत्ति खरीदने के लिए हमको लोन लेने की जरुरत पड़ जाती है। होम इक्विटी लोन सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा और आवास वित्त कंपनियों द्वारा भी प्रदान किए जाते हैं। बैंक आमतौर पर संपत्ति के वास्तविक मूल्य का लगभग 60 प्रतिशत लोन के रुप में देते हैं। फिलहाल इस प्रकार के लोन की अंतिम मंजूरी और दी जाने वाली राशि ऋणदाता की नीति पर निर्भर करती है।
होम इक्विटी लोन
होम लोन की पात्रता की गणना संपत्ति के वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर की जाती है, जिस पर उधारकर्ता उस पर बकाए राशि का भुगतान करता है। स्वीकृत राशि उधारकर्ता की इक्विटी होगी। बैंकों के लिए, यह एक सुरक्षित लोन है क्योंकि यह घर को आंशिक रुप से प्राप्त करता है। होम इक्विटी लोन के लिए ब्याज दर एक सामान्य होम लोन से अधिक है। फिलहाल व्यक्तिगत लोन या क्रेडिट कार्ड लोन जैसे अन्य प्रकार के लोन की तुलना में दरें बहुत कम हैं।
बता दें कि इस लोन पर हर महीने किस्त का भुगतान किया जाता है, मासिक किस्त के टॉप पर पहले से ही मौजूदा होम लोन की ओर भुगतान करता है। होम लोन के विपरीत जो ब्याज भुगतान पर 2 लाख तक सालाना टैक्स छूट देता है और प्रिंसिपल पुर्नभुगतान के लिए 1.5 लाख तक, होम इक्विटी लोन पुर्नभुगतान पर कोई टैक्स लाभ नहीं देता है।
होम इक्विटी लोन को प्रभावित करने वाले कारक
घर की इक्विटी समय-समय पर अचल संपत्ति की कीमतों के आधार पर अलग-अलग होती है। चूंकि अचल संपत्ति बाजार अर्थव्यवस्था की विकास दर, मांग और आपूर्ति की स्थिति और मौजूदा ब्याज दरों पर निर्भर करता है, इसलिए घरेलू इक्विटी उस अनुसार बदलती है। वर्तमान समय में जब घर की कीमत स्थिर होती है और सूची बढ़ जाती है तो होम इक्विटी में सुधार नहीं होगा, खासकर यदि घर पिछले 7 से 10 साल में खरीदा गया है।
लोन की शर्तें
होम इक्विटी लोन के लिए, बैंक एकमुश्त राशि दे सकते हैं जहां उधारकर्ता को लोन की पूरी राशि उकमुश्त राशि मिल जाएगी। दूसरा विकल्प यह है कि जब बैंक उधारकर्ता की जरुरतों के आधार पर लोन को कुछ भाग में बांटकर मंजूर करेगा। उधारकर्ता हर महीने पुर्नभुगतान करेगा। साथ ही सरप्लस लिक्विडिटी के आधार पर कोई भी मूल राशि का आंशिक पुर्नभुगतान कर सकता है।
आपको बता दें कि बैंक फ्लोटिंग लोन पर प्री-पेमेंट पेनाल्टी नहीं लेते हैं और प्रीपेमेंट की न्यूनतम राशि कम से कम दो महीने EMI होती है। लोन लेने वाले व्यक्ति को लोने लेने के पहले वर्ष से कुछ राशि का भुगतान करना शुरु करना चाहिए। बाद में प्री पेइंग ब्याज भुगतान के मामले में ज्यादा बचत नहीं करता है।
जरुरी दस्तावेज
नौकरीपेश व्यक्ति और खुद का व्यापार करने वाले लोग होम इक्विटी लोन का लाभ उठा सकते हैं। उधारकर्ता को पहचान और निवास प्रमाण, वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए छह महीने की सैलरी स्लिप, स्वनियोजित व्यक्तियों के लिए दो साल लिए बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाता, दो साल के लिए आयकर रिटर्न, पिछले छह महीनों के बैंक स्टेटमेंट और आवेदन पत्र देना होगा।
साथ ही प्रॉपर्टी के लिए, पंजीकरण कार्य, समापन प्रमाणपत्र, अधिभोग प्रमाण पत्र, बिल्डिंग अनुमोदन योजना, बैंक के अनुमोदित मूल्यवान और नवीनतम संपत्ति टैक्स भुगतान रसीद से मूल्यांकन रिर्पोट आवेदन पत्र और प्रसंस्करण शुल्क के साथ जमा करनी होगी।
More From GoodReturns

Gold Price Today: 4 सितंबर को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, जानें 22 और 24 कैरेट का ताजा रेट

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
