यहां पर आपको मनी मार्केट म्यूचुअल फंड के बारे में बताएंगे।
मनी मार्केट म्यूचुअल फंड को लिक्विड फंड भी कहते हैं। इसमें कंपनी निवेशकों से लिया हुआ पैसा सुरक्षित व शॉर्ट-टर्म स्कीम में लगाती हैं, जैसे सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, ट्रेज़री एंड कमर्शियाल पेपर, आदि। ऐसे निवेश कम सीमा समय के होते हैं। ऐसे निवेश एक साल से भी काम समय में मैच्योर हो जाते हैं, इसमें 91 दिन या फिर उससे भी कम समय यानी 1-3 महीने के लिए निवेश होता है।
इसके साथ ही किसी आपातकालीन स्थिति में आप पूरा पैसा निकाल भी सकते हैं। अगर आप किसी ठीक-ठाक मनी मार्केट म्यूचुअल फंड यानी लिक्विड फण्ड में निवेश करते हैं, तो आपको कम से कम 8 से 10 प्रतिशत सालाना की दर से या उससे अधिक ब्याज प्राप्त हो सकता है, क्योंकि लिक्विड फण्ड के अन्तर्गत आपके इन्वेस्ट्मन्ट का ज्यादातर हिस्सा गोवेर्मेंट सिक्युरटीज़ और बॉन्ड्स में निवेश किया जाता है। आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही मनी मार्केट म्यूचुअल फंड्स के बारे में जिनमें आप निवेश कर सकते हैं।
डेब्ट फंड
डेब्ट फंड में लोग इसलिए निवेश करते हैं जिससे वे निवेश किये गए धन पर उन्हें ज्यादा से ज्यादा ब्याज मिल सके और वे पूंजी भी जमा कर सके। डेब्ट फंड पुराने निवेशकों के लिए एक अच्छा जरिया है पैसा कमाने का, यही नहीं इसमें आप शार्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों में निवेश कर सकते हैं। सेविंग बैंक अकाउंट के जरिये लिक्विड फंड में शार्ट टर्म में निवेश करने से (6.5-7.5% की सीमा में) से अधिक रिटर्न मिलता है जिसका इस्तेमाल आप किसी भी वित्त-संबंधी परेशानियों में कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर आप मध्य अवधि के साथ 3-5 साल के लिए निवेश करते हैं तो इसे डायनामिक बॉन्ड फंड कहा जाता है जहाँ फंड मैनेजर सिक्युरटीज़ की खरीद -फरोक कर पॉर्ट्फोलीओ की अवधि बदलता है। "डायनामिक बॉन्ड फंड में निवेश करने से अच्छे रिटर्न्स मिलते हैं फिर चाहे इंटरेस्ट रेट कम हो या ज्यादा। यह उनके लिए बहुत अच्छा है जो इंटरेस्ट रेट के बारे में कम जानकारी रखते हैं।
गिल्ट फंड
गिल्ट फंड वो म्यूचुअल फंड होते हैं जो विभिन्न तरह के मध्यम और लंबी अवधि के लिए सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं और सिर्फ ऊंची क्वालिटी के कॉर्पोरेट डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं। गिल्ट फंड निवेशकों की सुरक्षा से जुड़ी जरूरतें पूरी करते हैं। क्योंकि ये स्कीम ऐसे इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं जो एएए ग्रेड इंवेस्टमेंट की तरह सुरक्षित होते हैं। गिल्ट फंड बॉन्ड फंड से अलग होते हैं क्योंकि बॉन्ड फंड मुख्य रुप से कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं जबकि गिल्ट फंड ऊंची क्वालिटी के, कम जोखिम जैसे सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं। इससे निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहता है वहीं उन्हें अच्छे रिटर्न भी मिलते हैं।
फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान
यह एक क्लोज एंडेड म्युचुअल फंड स्कीम है, इसमें एक निश्चित अवधि तक निवेश की सुविधा होती है । इसके तहत जमा पैसों को फंड मैनेजर बैंक सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट्स (सीडी), कमर्शियल पेपर्स (सीपी), कॉर्पोरेट बॉन्ड्स जैसे डेट सिक्योरिटीज में लगाते हैं। फंड मैनेजर डेट सिक्योरिटीज में लगाए पैसों को स्कीम्स की मैच्योरिटी तक रखते हैं। एफएमपी के मैच्योर होने पर स्कीम का पैसा आपके अकाउंट में आ जाता है। इसके साथ ही एफएमपी में जोखिम बैंक एफडी के मुकाबले ज्यादा होता है। ये गारंटीड रिटर्न का भरोसा नहीं देते हैं लेकिन आमतौर पर ये बैंक एफडी से ज्यादा रिटर्न देते हैं। निवेशक एक बात ध्यान रखें कि एफएमपी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते हैं, लेकिन मैच्योरिटी से पहले इसको बेचकर बाहर निकलना मुश्किल होता है।
पांच मुख्य कारण इन फंड्स में आपको क्यों निवेश करना चाहिए
एसेट काम्पज़िशन: ये फंड ज्यादातर मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज, कैश इत्यादि जैसे विभिन्न उपकरणों में निवेश करते हैं। जिसकी वजह से पोर्टफोलियो मैनेजर में होने वाले बदलाव को आसानी से समझा जा सकता है।
मैच्योरिटी प्रोफाइल: यह फंड पोर्टफोलियो के सभी होल्डिंग्स की मैच्योरिटी दिखाता है। इसके साथ ही अलग अलग मैच्योरिटी बांड / जी सेक / मनी मार्केट के तरीकों में फंड में किये गए निवेश के आधार पर ब्याज दर के जोखिम को समझने में सहायता करता है।
क्रेडिट क्वॉलिटी: स्कीम इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजी के मुताबिक ये फंड अलग-अलग क्रेडिट रेटिंग वाले सिक्युरटीज़ में निवेश करतें हैं। अभिनव एंगिरिश investonline.in के संस्थापक के अनुसार ये रेटिंग उधारकर्ता की क्रेडिट योग्यता को दिखता है। जितनी ज्यादा रेटिंग उतनी ज्यादा उधारकर्ता की अच्छी क्रेडिट योग्यता।
अच्छे रिटर्न मिलना : मनी मार्केट फंड बचत बैंक खातों की तुलना में ज्यादा रिटर्न देता है। अगर आपके बचत खाते में ज्यादा पैसे हैं तो उसे मनी मार्केट फंड में निवेश जरूर करें।
चेक स्कीम ट्रैक रिकॉर्ड: अच्छी मैच्योरिटी देने वाला फंड आपके लिए सही हो यह जरुरी नहीं है। इक्विटी की तरह ही, कुछ डेब्ट फंड को आप बुल मार्केट में नेविगेट कर सकते है। यही नहीं इससे आप उस फंड ट्रैक रिकॉर्ड और वह फंड कैसा प्रदर्शन कर रहा है इसे भी आप चेक कर सकते हैं।
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