यहां पर आपको सरकारी बॉन्ड खरीदने की प्रक्रिया के बारे में बताएंगे।
क्या आप शेयर बाज़ार के खिलाड़ी हैं? या फिर आप वो हैं जो कि म्यूचुअल फण्ड या फिक्स्ड डिपॉजिट खातों में निवेश करते हैं? वैसे तो उदास होने से अच्छा है सावधान रहना है, लेकिन आजकल रिस्क लेने का दौर है। आइए देखते हैं कुछ सरकारी बांड और प्रतिभूतियों की ओर।
सुनने में तो ये काफी नया और भ्रामक लगता है लेकिन ऐसा है नहीं। न केवल उद्योगपति बल्कि बैंक भी सरकारी प्रतिभूतियों पर धन निवेश करते हैं। लेकिन छोटे-छोटे निवेशक के रूप में, हर व्यक्ति भी निवेश कर सकता है। आइए देखते हैं कैसे-

डीमैट खाता जरुरी
इसके बारे में विस्तार से जानने से पहले, अपने-आप से पूछिए आप क्या चाहते है कम या अधिक अवधि का बचत? अगर आप शेयरों में निवेश करना चाहते हैं तो डीमैट खाता होना जरूरी है। डीमैट अकाउंट्स वे खाते हैं, जिसमें सभी ट्रेडिंग शेयर और म्यूचुअल फंड होते हैं।
शेयर बाजार में सभी सरकारी बॉन्ड उपलब्ध नहीं होते
शेयर बाजार की सुनवाई आपको डरा सकती है, लेकिन चिंता न करें, शेयर बाजार में आम तौर पर सरकारी स्टॉक या बॉन्ड उपलब्ध नहीं होते हैं। वे पूरी तरह से सभी प्रमुख बैंकों और डाकघरों के साथ उपलब्ध हैं।
धन निवेश के लिए, पास के किसी बैंक के शाखा में जाकर आपको आवश्यक दस्तावेजों सहित निवेदन पत्र देना होगा। आपके अनुरोध प्रक्रिया के कुछ समय बाद आपको अपना नाम लिखा हुआ बांड प्रमाण पत्र हासिल हो जाएगा।
आरबीआई की योजना
सुनने में यह आसान लगता है, चलिए विस्तार से जानते हैं इसका पंजीकरण कौन कराता है। जैसा कि पहले कहा गया है, हमारे जैसे छोटे-समय के निवेशक को सरकारी प्रतिभूतियों में सौदा करने की अनुमति नहीं थी, मगर आर.बी.आई के शुक्रगुज़ार हैं कि एक नई योजना लेकर आए हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक योजना शुरू की है जिसका नाम है नेगोशिएटेड डीलिंग सिस्टम - आर्डर मैचिंग (एनडिएस -ओएम्) प्लेटफॉर्म।
सरकारी प्रतिभूतियों के सभी बैंक और प्राथमिक डीलरों (पीडी) आरबीआई की योजना एनडीएस-ओएम के मौजूदा सदस्य हैं, और हम व्यक्तिगत निवेशक भी उनके माध्यम से बांड खरीद और बेच सकते हैं।
ध्यान देने योग्य
सरकारी प्रतिभूति सब्सिडियरी जनरल लेजर (एसजीएल) खातों के मामले में आयोजित की जाती है। एक बार जब बैंक या पीडीएस आदेश को अंजाम देते हैं, तो सरकार ऑर्डर रद्द कर देगी और एसजीएल को खाता डीमैट फॉर्म में बदल देगी और फंड को डीमैट खाते में ही स्थानांतरित कर देगा।
20 से 30 साल के लिए वरिष्ठ नागरिक जो लंबे समय तक निवेश करते हैं उनके निवेश किए गए पैसे पर प्रत्यक्ष 8% ब्याज मिलता है, जो सबसे अधिक ऋण साधनों की तुलना में अधिक है।
बचत के अलावा, सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करके कर लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। चूंकि बाजार में उतार-चढ़ाव है, इसलिए लोग ट्रांजैक्शन के सुरक्षित रूप की तलाश में म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना शुरू कर सकते हैं।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

IPO बंद होने का आखिरी मौका: आज शाम 5 बजे से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना अटक सकता है पैसा

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन



Click it and Unblock the Notifications