यह लेख ऐसे एनआरआई के लिए है जो कि शेयर, बॉन्ड और आईपीओ में निवेश करना चाहते हैं।
भारतीय इक्विटी बाज़ार को भारत के निवासी और अनिवासी भारतीयों के द्वारा समृद्धि का द्वार कहा जाता है। अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए शेयरों में निवेश करने का सबसे पहला कदम है एनआरआई डीमैट अकाउंट खोलना। जो एनआरआई लोग शेयर्स, बॉन्ड और आईपीओ में निवेश करना चाहते हैं उनके लिए डीमैट अकाउंट खोलना बेहद ज़रूरी है। शेयर्स और सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रोनिक रूप में खरीदने के लिए डीमैट अकाउंट खोला जाता है। हम आपको बताते हैं कि NRI लोग किस तरह भारत के शेयर्स में निवेश कर सकते हैं।
पुराने डीमैट अकाउंट को बंद करवाना
आप यदि सोच रहे हैं कि भारतीय इक्विटी बाज़ार में जब आप भारत में रह रहे थे तब का पुराना डीमैट अकाउंट काम करेगा, तो यह गलत है। एक एनआरआई को अपना पुराना डीमैट अकाउंट बंद करवाकर नया एनआरआई डीमैट अकाउंट खुलवाना होता है। जब आप भारत के नागरिक थे तब यदि आपने डीमैट अकाउंट खुलवाया था और उसमें शेयर्स भी हैं तो उसे NRO (नॉन रेसिडेंट ओर्डनरी) डीमैट अकाउंट में बदलवाना ज़रूरी है।
एनआरआई के लिए भारत निवेश के तरीके
भारतीय रिजर्व बैंक ने NRIs को भारतीय सिक्योरिटी बाज़ार में निवेश करने को प्रतिबंधित किया हुआ है। RBI के नियमों के अनुसार, यदि आप एक एनआरआई हैं तो अपने पुराने डीमैट अकाउंट से सेकंडरी मार्केट में इक्विटीज खरीदना और सौदेबाजी नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही, एनआरआई भारतीय कंपनी की पेड-अप कैपिटल में 5% से ज़्यादा निवेश नहीं कर सकते हैं। यही कारण है कि एनआरआई होने पर आपको अपना पुराना डीमैट अकाउंट बंद करवाकर नया एनआरआई स्टेटस वाला डीमैट अकाउंट खुलवाना होता है। एक एनआरआई अपने नॉन रेसिडेंट एक्स्ट्रनल (एनआरई) अकाउंट से रीप्ट्रियल के आधार पर आईपीओ के माध्यम से खुले शेयर खरीद सकता है।
शेयर्स के लिए PINS अकाउंट खोलना
एक एनआरआई के लिए सेकंडरी मार्केट में शेयर खरीदने के लिए बैंक का पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट स्कीम (पीआईएनएस) अकाउंट खोलना ज़रूरी होता है। आरबीआई के नियमों के अनुसार रीप्ट्रियल और नॉन-रीप्ट्रियल शेयर्स के लिए दो अलग-अलग अकाउंट खोलने होते हैं। पीआईएनएस स्कीम में, आप अपने एनआरई अकाउंट के फंड से शेयर्स खरीद सकते हैं, बेचने पर आने वाला पैसा रीपैट्रीऐशन (देश-प्रत्यावर्तन) के लिए आपने एनआरआई अकाउंट में भेज दिया जाता है। लेकिन यदि आप नॉन-रीप्ट्रियल आधार पर शेयर खरीदना चाहते हैं, तो आपके रिटर्न्स NRO अकाउंट में क्रेडिट किए जाते हैं। एक एनआरआई केवल एक ही बैंक का पीआईएनएस अकाउंट खोल सकता है। इसके साथ ही, आप रीप्ट्रियल और नॉन-रीप्ट्रियल शेयर्स के लिए के लिए भी एक-एक ही अकाउंट खोल सकते हैं। जब आप भारत के स्थायी निवासी बन जाएँ, तो आप पीआईएनएस अकाउंट बंद करवा सकते हैं।
पीआईएनएस अकाउंट के लिए आवश्यक दस्तावेज़
हम आपको पीआईएनएस अकाउंट के लिए आवश्यक दस्तावेज़ बता रहे हैं। आप ये दस्तावेज़ लेकर जा सकते हैं। लेकिन बैंक के अनुसार ये दस्तावेज़ अलग-अलग हो सकते हैं। यदि एनआरआई डीमैट अकाउंट खुलवाते समय आप विदेश में हैं तो दस्तावेजों को भारतीय दूतावास से अटेस्टेड करवाना ज़रूरी है। यदि आप भारत में हैं, तो आप ओरिजनल दस्तावेज़ ला सकते हैं, बैंक स्टाफ उनको अटेस्टेड कर देगा। पीआईएनएस अकाउंट के लिए ये हैं आवश्यक दस्तावेज़...
भारत का एड्रेस प्रूफ
- नई फोटो
- पैन कार्ड की कॉपी
- बाहर जहां रहते हैं वहाँ का एड्रेस प्रूफ
- एफईएम घोषणा
- वीसा और पासपोर्ट की कॉपी
- एनआरई/एनआरओ बैंक अकाउंट का रद्द चेक
- एनआरआई डिमैट अकाउंट के फ़ैक्ट्स
एनआरआई भारतीय कंपनियों के शेयर और सिक्योरिटीज, सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकते हैं। एनआरआई की अनुपस्थिति में भारतीय पावर ऑफ अटॉर्नी धारक द्वारा एनआरआई डीमैट अकाउंट खाता खोला या संचालित नहीं किया जा सकता है। कोई व्यक्ति एनआरआई की तरफ से भारत से बाहर पेमेंट नहीं कर सकता है। भारतीय इक्विटी बाज़ार से अधिकतम मुनाफा कमाने के लिए आप एनआरआई डीमैट अकाउंट की हर छोटी से छोटी जानकारी होनी चाहिए।


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