यहां पर आपको बताएंगे कि आप पत्नी की सहायता से कैसे टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं।
आपकी पत्नी आपके इनकम टैक्स को बचाने में बड़ी मददगार साबित हो सकती है। शायद आप यह बात नहीं जानते होंगे। वह आपको ना केवल मानसिक सहायता बल्कि आर्थिक रुप से भी सहायता कर सकती है। भारत सरकार ने महिलाओं को लेकर एक खास नियम बनाया है जिसके तहत हसबैंड को टैक्स में छूट मिल सकती है। इसके लिए दो तरीके हैं एक तो पत्नी का PPF में खाता खुलवाना और दूसरा पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदना, दोनों ही सूरत में आप टैक्स बचा सकते हैं लेकिन कैसे यह आपको आगे की स्लाइड में पता चलेगा।
PPF खाते से इस तरह से मिलेगा लाभ
आप अपनी वाइफ का पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)खाता खुलवा सकते हैं क्योंकि इसमें उन्हें गारंटीड रिटर्न मिलता है। आपकी वाइफ अपने अकाउंट में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा कर सकती हैं। 15 साल के बाद जब उनका पीपीएफ अकाउंट मैच्योर होगा तो उनके खाते में 50 लाख का फंड बन चुका होगा। इस तरह जरुरत पड़ने पर अपनी वाइफ से 50 लाख रुपए तक की मदद ले सकते हैं।
कुछ इस तरह रहेगी ब्याज दर
वर्तमान समय में PPF पर सालाना 7.8 प्रतिशत का रिटर्न मिल रहा है। इस हिसाब से अगर पीपीएफ अकाउंट में 15 साल तक हर साल 1.5 लाख रुपए जमा कराते हैं तो मौजूदा ब्याज दर पर कुल फंड 43 लाख रुपए का हो जाएगा। केंद्र सरकार पीपीएफ स्कीम पर ब्याज दर का हर तीन महीने में समीक्षा करती है। ऐसे में लंबी अवधि में पीपीएफ पर इंटरेस्ट रेट घट भी सकता है और बढ़ भी सकता है। ऐसे में आप 15 साल में पीपीएफ अकाउंट में लगभग 50 लाख का फंड बना सकते हैं। आपको बता दें कि इस अकाउंट में साल में 1.5 लाख रुपए से अधिक नहीं जमा किया जा सकता है।
ऐसे प्राप्त कर सकते हैं टैक्स में छूट
पीपीएफ का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें जमा की गई राशि पर मिलने वाली ब्याज टैक्स फ्री होती है। इतना ही नहीं उस पर मिलने वाली ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तीनों ही टैक्स फ्री होती है। ऐसे में अगर आप इनकम टैक्स बचाने के लिए सेक्शन 80 सी के तहत पीपीएफ में निवेश करते हैं तो इस पर जमा रकम को अपने दस्तावेजों में शो करके टैक्स की छूट का भी लाभ ले सकते हैं।
वाइफ के नाम पर प्रापर्टी खरीदकर
यदि किसी महिला के नाम से कोई प्रॉपर्टी खरीदी जाती है या महिला के नाम से उस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होती है तो स्टांप ड्यूटी में आपको 2 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। तो वहीं अगर प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक पूरी तरह से महिला का है या ज्वाइंट ओनर बनाया गया है तो रजिस्ट्री में भी 1 प्रतिशत की छूट मिलेगी। तो वहीं टैक्स में भी छूट प्रदान की जाती है।
प्रापर्टी टैक्स एवं रजिस्ट्री में छूट
महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी होने पर एक ओर जहां रजिस्ट्री में छूट मिलती है तो वहीं स्टांप ड्यूटी में 2 प्रतिशत की छूट आपको मिलेगी अगर प्रॉपर्टी आपकी वाइफ के नाम है। इसके अलावा प्रापर्टी टैक्स में भी महिलाओं के छूट के प्रावधान किए गए हैं लेकिन उसके लिए मालिकाना हक महिला का होना चाहिए।


Click it and Unblock the Notifications