एक नए निवेशक के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक बहुत ही बड़ा और कठिन काम लगता है। अक्सर लोग सोचते रहते हैं कि वो म्यूचुअल फंड में निवेश करेंगे लेकिन पर्याप्त जानकारी न होने की वजह से लोग इस पर निवेश नहीं कर पाते हैं। उन्हें म्यूचुअल फंड से संबंधित शब्दाबली जैसे कि बैलेंस फंड, डेब्ट फंड, इक्विटी फंड, FMPs आदि में कई शंकाएं होती हैं। तो चलिए कोई बात नहीं हम आपको बताएंगे कि आप म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करें?
सबसे पहले पूरी करें KYC डिटेल
म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए सबसे पहले आपको KYC डिटेल पूरी करनी होगी। इसके लिए आप ई-केवाईसी फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस फॉर्म को भरकर फोटो, पैन कार्ड की कॉपी और आधार, पासपोर्ट, इलेक्ट्रिसिटी बिल या बैंक स्टेटमेंट की कॉपी को एड्रेस प्रूफ के तौर पर दिया जा सकता है। आपको पहला निवेश फॉर्म रजिस्ट्रार बिल या म्यूचुअल फंड ऑफिस में जमा करना होगा। कुछ म्यूचुअल फंड वेबसाइट या डिस्ट्रीब्यूटर म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले प्लेटफॉर्म पर ई-केवाईसी भी करते हैं।
अपने हिसाब से चुनाव करें म्यूचुअल फंड स्कीम की
पहली बार निवेश करने वाले निवेशक को अपने लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश की अवधि के हिसाब से म्यूचुअल फंड स्कीम का चुनाव करना चाहिए। निवेशक किसी फाइनैंशियल प्लानर या डिस्ट्रीब्यूटर की मदद भी ले सकते हैं। निवेशक अपने लिए एक ऐसेट अलोकेशन प्लान भी बना सकते हैं, जो उन्हें इस बारे में गाइड करे कि उन्हें इक्विटी, डेट या गोल्ड में किस ऐसेट क्लास में कितना प्रतिशत पैसाल लगाना चाहिए।
इन म्यूचुअल फंड स्कीम में करें निवेश
अगर आप 3 साल से कम लिए निवेश करना चाहते हैं तो डेट आधारित फंड्स या आर्बिट्राज फंड्स को चुनना चाहिए। तीन से पांच साल के लिए हाइब्रिड फंड्स अच्छे होते हैं। इनमें डेट और इक्विटी का मिक्स होता है। अगर 5 से 7 साल का लक्ष्य है तो इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स जैसे ज्यादा जोखिम वाले प्रोडक्ट्स पर विचार किया जा सकता है।
पिछली परफॉर्मेंस पर भी डालें नजर
निवेश करने से पहले फंड हाउस और स्कीम का चुनाव सतर्कता के साथ करना चाहिए। फंड हाउस और फंड मैनेजर का फैसला स्कीम के परफॉर्मेंस को बड़े लेवल पर प्रभावित करता है। फाइनैंशियल प्लानर के अनुसार निवेशक को फंड हाउस और स्कीम के पिछले परफॉर्मेंस के बारे में पता कर लेना चाहिए। उन्हें फंड मैनेजर का इतिहास, ट्रैक रिकार्ड और उपलब्धियों को भी एक बार देख लेना चाहिए।
अच्छे बेंचमार्क वाले फंड का करें चुनाव
म्यूचुअल फंड पिछला परफॉर्मेंस आने वाले परफॉर्मेंस पर निर्भर नहीं करता, लेकिन फाइनैंशियल प्लान के अनुसार निवेशक को स्कीम के 3,5 और 10 साल के लॉन्ग टर्म उपलब्धियों को देखना चाहिए। इन्हें ऐसे फंड्स को चुनना चाहिए जिन्होंने लगातार अपने बेंचमार्के के मुकाबले बेहतर परफॉर्म किया हो। कोई स्कीम जो अपने बेंचमार्क को लगातार लंबे समय तक पछाड़ती है, वह फंड हाउस के अच्छे फंड मैनेजमेंट और एफिशियंट प्रोसेस का संकेत देती है।
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