पिछली तिमाही की शुद्ध आय और प्रति कर्मचारी मुनाफे के आधार पर सिलिकॉन वेली के कर्मचारी अन्य परंपरागत कंपनियों के कर्मचारियों की तुलना में ज़्यादा कमा रहे हैं। यहां एक रिपोर्ट के जरिए इसका आंकलन किया गया है जिसमें फेसबुक के कर्मचारी और गूगल के कर्मचारियों की आय को लेकर रिपोर्ट दी गई है।
प्रति कर्मचारी का मुनाफा ज्यादा
फेसबुक, जिसने पिछली तिमाही में 20,658 लोगों को रोजगार दिया है, जो कि पिछले साल के मुक़ाबले 43 प्रतिशत अधिक है, अन्य कंपनियों से अगर तुलना करें तो यहां के प्रति कर्मचारी का मुनाफा जून में 188,498 डॉलर है जिसमें रेवेन्यू हाफ मिलियन पर एम्प्लॉयी है।
गूगल के मुकाबले 4 गुना ज्यादा
प्रति कर्मचारी मुनाफे में फ़ेसबुक, गूगल की पेरेंट कंपनी एल्फाबेट से चार गुना आगे है। एल्फाबेट में दूसरी तिमाही में प्रति कर्मचारी मुनाफा 46,610 डॉलर रहा था। इस लिहाज से यदि देखा जाए तो फेसबुक के कर्मचारी गूगल के कर्मचारियों से 4 गुना ज्यादा कमाई कर रहे हैं।
फेसबुक का मुनाफा
अगर पैसे की बात करें तो आज सोशल मीडिया आगे निकलता जा रहा है। पिछले साल, दूसरी तिमाही में फेसबुक का मुनाफा 157,503 डॉलर प्रति कर्मचारी रहा था। ध्यान देने योग्य बात है कि फेसबुक में बहुत से कर्मचारी कोंट्रेक्ट पर भी हैं जिनकी इसमें गिनती नहीं की गई है।
ट्विटर का घाटा
ट्विटर, जिसे पिछली तिमाही में 166 मिलियन डॉलर का घाटा रहा, स्पेक्ट्रम के अंत में उसे 36,000 डॉलर पर एम्प्लॉई का नुकसान उठाना पड़ा है।
श्रम का एकीकरण
फेसबुक की दक्षता आंशिक है क्यों कि सॉफ्टवेयर प्रोडक्टस में लोगों की ज़्यादा ज़रूरत नहीं होती है, जो कंपनियां कोई अन्य फिजिकल उत्पाद बनाती हैं तो उनमें उत्पादन और वितरण की साथ स्टोर ओर लोगों के घरों तक पहुंचाने के लिए ज़्यादा कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। कई कंपनियों में जो काम आदमियों द्वारा होता था वो भी आजकल रोबोट से होने लग गया, इसलिए अधिकतर कमनियों में श्रम का एकीकरण हो रहा है।
पार्ट टाइम कर्मचारियों की संख्या ज्यादा
अमेजन और इसकी समकक्ष वॉलमार्ट जैसी कंपनी में पार्ट-टाइम कर्मचारियों की संख्या ऑन-रोल कर्मचारियों की तुलना में ज़्यादा है, इससे भी उनका मुनाफा और रेवेन्यू पर एम्प्लोई प्रभावित होता है।
टेक कंपनियों पर सवाल
जहां तक टेक कंपनियों का सवाल है, बड़ी अर्थव्यवस्था में उनका योगदान स्पष्ट नहीं है। अमेरिका में उत्पादन क्षमता स्थिर सी है क्यों कि इन्टरनेट तकनीक के अर्थव्यवस्था में योगदान को आंकना मुश्किल है, जो कि अधिकतर फ्री है।
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