एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ईएसओपी) कर्मचारियों के हित में बनाई गई एक लाभकारी योजना है। इस प्लान के तहत कर्मचारी कंपनी के शेयरों का हकदार बन सकता है।
पिछले कुछ दिनों से ESOP शब्द के बारे में गूगल पर बहुत ज्यादा खोजबीन की जा रही है। ESOP एक स्कीम का शॉर्ट फॉर्म है जिसके बारे में IT समेत तमाम सेक्टर्स में काम करने वाले लाखों कर्मचारी जानना चाहते हैं। ESOP क्या है और ये कर्मचारियों के लिए कैसे फायदेमंद है इसके बारे में हम आपको आगे चार आसान चरणों में बता रहे हैं।
ESOP यानि एम्प्लॉइई स्टॉक ऑप्शन प्लान
एम्प्लॉइई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ईएसओपी) कर्मचारियों के हित में बनाई गई एक लाभकारी योजना है। इस प्लान के तहत कर्मचारी कंपनी के शेयरों का हकदार बन सकता है। अन्य योजनाओं की तुलना में ईएसओपी कर्मचारियों को विशेष लाभ प्रदान करता है। कर्मचारियों को कंपनी के साथ जोड़े रखने के लिए भारत तथा विदेशों में कई कंपनियां इस प्लान का उपयोग कर रही हैं। यह तरीका आईटी कंपनियों में सबसे अधिक प्रचलित है।
कर्मचारी बनेगा शेयर का मालिक
विदेश में, ईएसओपी में मौजूद ‘ओ' का मतलब है स्वामित्व। अर्थात प्रमोटर को बिना कोई शुल्क दिए कर्मचारी शेयर का मालिक बन जाता है। जबकि भारत में, कंपनी की लागत को बढाए बिना कर्मचारियों को बेहरत प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने तथा उन्हें कंपनी के साथ जोडे रखने के लिए ईएसओपी योजना का इस्तेमाल किया जाता है। इस दो लाभों के कारण अब तक दो-तिहाई से भी अधिक कर्मचारी ईएसओपी के हकदार बन चुके हैं तथा आने वाले समय में इनकी संख्या बढ सकती है।
विदेशों में भी है ESOP
हालांकि, विदेशों में कई कंपनियां ईएसओपी को कॉर्पोरेट वित्त के विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के रूप में इस्तेमाल करती हैं। इसमें वित्तीय विस्तार, अधिग्रहण, डिविजन एवं कंपनी को निजी रूप से खरीदने से जुडे कारण शामिल हैं। जबकि भारत में ईएसओपी इतना लोकप्रिय नहीं है क्योंकि भारत में ईएसओपी का दायरा इतना विस्तृत नहीं है।
जानने वाली बात
जरूरी और जानने वाली बात ये है कि इसमें जब तक कंपनी अपने कर्मचारियों को शेयर ऑफर नहीं करती है तब तक वो किसी तरह का शेयर नहीं ले सकते हैं। तमाम कंपनियां जो शेयर ऑफर करती हैं उनके शेयर्स में कम से कम तीन साल का लॉक इन पीरियड होता है, यानि इस दौरान कर्मचारी इन शेयर्स को बेंच नहीं सकता और ना ही कंपनी छोड़ कर जा सकता है।
कर्मचारियों को साथ बनाए रखने की कोशिश
यदि भविष्य में बौद्धिक पूंजी वाली कंपनियों का राज होगा तब ज्यादातर कंपनियां अपने बेहतरीन कर्मचारियों को कंपनी के साथ बनाए रहने की कोशिश करेगी। इस लिहाज़ से भारत के भविष्य के लिए यह प्रबंधन तकनीक नई सदी की अद्भुत योजना होगी।
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