बदले टैक्स (TAX) के 17 नियम, पढ़ लें वर्ना बाद में पछताएंगे

हाल ही में टैक्स (TAX) कानूनों में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव 1 अप्रैल 2017 से लागू हो गए हैं।

हाल ही में टैक्स (TAX) कानूनों में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव 1 अप्रैल 2017 से लागू हो गए हैं। बदले टैक्स नियमो में लेन-देन संबंधी कानून, भुगतान संबंधी कानून, टर्नओवर संबंधी कानून, बैंक में राशि जमा करने या निकालने संबंधी कानून, जमीन या घर की खरीद में भुगतान संबंधी कानून आदि में बड़े बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के बारे में हम आपको विस्तार से आगे बता रहे हैं। टैक्स नियम में हुए बदलावों को आपको एक बार जरूर पढ़ना चाहिए ताकि आप को भविष्य में किसी तरह की परेशानी ना हो।

भुगतान संबंधी बदलाव

भुगतान संबंधी बदलाव

(1) पूंजी और राजस्व व्यय दोनों में नकद द्वारा भुगतान करने की सीमा प्रति व्यक्ति 20000 से लेकर 10000 रुपये प्रति दिन कर दी गई है। दी गयी सीमा से अधिक भुगतान किये जाने पर उस खर्च को मूल्यह्रास किया जाएगा। हालांकि, माल गाड़ी के भाड़े को 35,000 रुपये ही रखा गया है।

लेन-देन संबंधी बदलाव

लेन-देन संबंधी बदलाव

(2) सेक्शन 269ST के तहद कोई भी व्यक्ति 2 लाख रूपए या उससे ज्यादा की नकद राशि नहीं ले सकता है।
(a) एक दिन में एक व्यक्ति से
(b) एक ही लेनदेन में
(c) एक कार्यक्रम या अवसर से संबंधित लेनदेन में।
ऊपर दिए गए नियमों के उल्लंघन में राशि के बराबर की राशि का दंड वसूला जाएगा।

खरीदने-बेचने से जुड़े नए नियम

खरीदने-बेचने से जुड़े नए नियम

(I) अगर किसी ने कोई सामान बेचा जिसका मूल्य 300000 है, लेकिन 100000 रु का बिल तीन बार बनाया, एक ही व्यक्ति के नाम और उस व्यक्ति से उसी दिन नकद लिया तो या धारा 269ST (ए) का उल्लंघन होगा।

कितना लेन-देन कर सकते हैं एक दिन में

कितना लेन-देन कर सकते हैं एक दिन में

ii) अगर कोई व्यक्ति 300000 रु का सामान बेचता है किसी व्यक्ति को और उसका पैसा एक दिन में 150000 रुपये नकद और दूसरे दिन रु 150000 लेता है तो यह धारा 269ST(बी) का उल्लंघन होगा, क्योंकि यह एक ही लेनदेन से संबंधित है।

एक बिक्री से कितनी राशि नगद में ले सकते हैं

एक बिक्री से कितनी राशि नगद में ले सकते हैं

iii) अगर कोई व्यक्ति बिक्री में 180000 रुपये लेता है और माल गाड़ी के 20000 रुपये का नकद लेता है तो यह धारा 26 9ST (सी) का उल्लंघन होगा। भले ही नकदी को अलग-अलग तारीखों पर लिया जाए, क्योंकि ये एक ही बिक्री से संबंधित हैं ।

100 प्रतिशत का जुर्माना

100 प्रतिशत का जुर्माना

iv) यदि कोई व्यक्ति अपनी कार को 3,00,000 रूपए में बेचता है और नकद में पैसे लेता है , तो उस पर 300000 रु जुर्माना लगाया जाएगा ।

1 फीसदी टीडीएस कटेगा

1 फीसदी टीडीएस कटेगा

(2 ए) नए कर कानून के मुताबिक पैनल प्रावधानों में मौजूदा प्रावधान 1.6.2016 से लागू होगा। जिसमें 1% टीसीएस जो 2 लाख से अधिक नकद बिक्री या 5 लाख रुपये से अधिक की गहनों की बिक्री से हटा दिया गया है। इसीलिए तरह 2 लाख से अधिक की नकद बिक्री पर कोई भी टीसीएस नहीं लिया जाएगा। इसमें सीधे उसी राशि के बराबर की राशि का जुर्माना लिया जाएगा।

नेट प्रॉफिट पर 6 फीसदी टर्न ओवर रसीद

नेट प्रॉफिट पर 6 फीसदी टर्न ओवर रसीद

3) 2 करोड़ रुपए के टर्नओवर केस हैं
कोई भी व्यक्ति अगर नकदी का भुकतान डिजिटल, ऑनलाइन, चेक, बैंक आदि के माध्यम से करता है तो उससे नेट प्रॉफिट 6% टर्नओवर / सकल रसीद लिया जाएगा। वही अगर कोई व्यक्ति नकदी के दुवारा भुकतान करता है तो उससे नेट प्रॉफिट 8% टर्नओवर / सकल रसीद के रूप में लिया जाएगा।

कितनी है कर छूट सीमा

कितनी है कर छूट सीमा

(4) कर छूट सीमा 2,50,000 / - पहले जैसी है
5 लाख तक की आय पर 5% टैक्स देय होगा
(i) इसके साथ 5 लाख रु पर टैक्स दर 5% है जो पहले यह 10% थी। वही 3.5 लाख रुपये की आय के लिए अधिकतम 2500 रुपये की कर छूट दी जाएगी।

10 फीसदी अधिभार

10 फीसदी अधिभार

(ii) किसी व्यक्ति की आय 50 लाख रुपये से अधिक है लेकिन 1 करोड़ रुपये से कम है, तो कर का 10% @ अधिप्रभार देना होगा। और जिन लोगों की कुल आय 1 करोड़ से अधिक है उन्हें 15% @ अधिप्रभार पहले की तरह ही देना होगा।

50 हजार से ज्यादा किराया लेने पर 5 फीसदी टीडीएस

50 हजार से ज्यादा किराया लेने पर 5 फीसदी टीडीएस

(5) किराए का भुगतान - किसी भी व्यक्ति से प्रति माह रु 50,000 लेने पर 5% से टीडीएस ( यह सभी टैक्स ऑडिट पर लागू नहीं होता ) कटौती की जायेगी।

भूमि-इमारत संबंधी कानून में बदलाव

भूमि-इमारत संबंधी कानून में बदलाव

(6) भूमि और इमारतों के संबंध में पूंजीगत लाभ - लंबे समय में होने वाले पूंजीगत लाभ को 3 वर्ष से 2 साल के लिए कर दिया गया है। अचल संपत्ति सहित सभी संपत्तियों के लिए आधार वर्ष 01.04.1981 से 01.04.2001 कर दिया गया है।

50 करोड़ सालाना कारोबार पर कार्पोरेट टैक्स

50 करोड़ सालाना कारोबार पर कार्पोरेट टैक्स

(7) वर्ष 2017-18 के लिए कॉर्पोरेट टैक्स के तहद अगर उनका सालाना कारोबार 50 करोड़ हुआ है तो उसे कम करके 25% किया गया है। इसी के साथ फर्म कर दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है वह अभी भी 30% है।

चेक के जरिए करें दान

चेक के जरिए करें दान

(8) धारा 80 जी के तहत 2,000 रूपए से अधिक के दान में कोई कटौती नहीं होगी, जब तक इसका भुकतान नकद के रूप में हुआ है। इसलिए जो ट्रस्ट 80 जी के द्वारा दान ले रही हैं उन्हें यह सलाह दी जाती है कि वे 2000 रुपये से ज्यादा का दान( डोनेशन ) चेक / आरटीजीएस / डिजिटल मोड के जरिये ही स्वीकार करें।

ये बिंदु भी हैं महत्वपूर्ण

ये बिंदु भी हैं महत्वपूर्ण

(9) अन्क्वोट शेयरों की बिक्री पर उनकी बिक्री के मुताबिक कर लगेगा।

(10) स्पेसफाइड गुड्स की खरीदार के पास पैन कार्ड ना होने पर, टीसीएस की दर को दुगना या 5% वसूला जाएगा।

(11) वित्तीय वर्ष 2017-18 से अगर नियत तारीख के भीतर सूद नहीं भरा गया है तो 31 दिसंबर से 5000 की देर की फीस और इसके बाद 10000 ली जायेगी।

आधार को पैन से जोड़ें

आधार को पैन से जोड़ें

(12) प्रत्येक व्यक्ति, जिनको भी आधार नंबर मिल गया है वे 1 जुलाई 2017 से पहले रीटर्न ऑफ़ इनकम को बता दें। इसके अलावा 1 जुलाई 2017 को जिन लोगों को पैन कार्ड मिला है वे अपने आधार कार्ड का नंबर भी टैक्स अथॉरिटी दें वरना उनका पैन कार्ड अवैध माना जाएगा। पैन कार्ड और आधार कार्ड को तब तक नहीं जोड़ा जा सकता है, जब तक कि आधार कार्ड पर दिया नाम और पैन कार्ड पर दिया नाम एक ना हो। इसलिए जितना जल्दी हो अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड का नाम सही करा लें।

30 दिन के भीतर करें आवेदन

30 दिन के भीतर करें आवेदन

13) जहां पंजीकृत ट्रस्ट अपने ऑब्जेक्ट क्लाज धारा 12 एए को संशोधित करते हैं। वहां संशोधित धाराओं के अनुमोदन के लिए सीआईटी में 30 दिनों के भीतर आवेदन करना होता है।

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