इन म्यूचुअल फंड योजनाओं को पिछले कुछ समय तक के रिकॉर्ड, एजेंसियों जैसे- क्रिसिल, व्यय अनुपात, पोर्टफोलियो, एक्जिट लोड आदि की रेटिंग का अध्ययन करने के बाद सलाह के तौर पर पेश किया जा रहा है।
म्यूचुअल फंड हमेशा इक्विटी की तरह होते हैं जो कि जोखिम भरा निवेश होता है। लेकिन अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं और किसी अच्छे म्यूचुअल फंड को देख रहे हैं तो आपको काफी होमवर्क करने की जरूरत पड़ सकती है। इस होमवर्क से बचने के लिए आप ये आर्टिकल पढ़ें जो कि आपके लिए काफी मददगार साबित होगा।
विभिन्न एजेंसियों के रिकॉर्ड
यहां हम आपको कुछेक म्यूचुअल फंड योजनाओं के बारे में बताएंगे, जो कि शुरूआती निवेशकों के लिए सही विकल्प साबित हो सकती हैं। इन म्यूचुअल फंड योजनाओं को पिछले कुछ समय तक के रिकॉर्ड, एजेंसियों जैसे- क्रिसिल, व्यय अनुपात, पोर्टफोलियो, एक्जिट लोड आदि की रेटिंग का अध्ययन करने के बाद सलाह के तौर पर पेश किया जा रहा है।
ब्लू चिप म्यूचुअल फंड
एसबीआई ब्लू चिप फंड इस म्यूचुअल फंड को सबसे अच्छा लार्ज कैप फंड माना जाता है जिसमें शुरूआत में निवेश किया जाना चाहिए। पोर्टफोलियो बहुत अच्छा है और पिछले कुछ समय में फंड का प्रदर्शन असाधारण रहा है। चलिए जानते हैं इस फंड के बारे में कुछ खास बातें जो आपके निवेश का ज़ाया नहीं होने देगा।
एसबीआई ब्लू चिप फंड
एसबीआई ब्लू चिप फंड के पास 8,300 करोड़ रुपये के प्रबंधन के तहत बड़ी संपत्ति है। इसका मतलब है कि बहुत सारे निवेशकों ने इस योजना में अपना भरोसा दिखाया है और निवेश किया है।
कम है खर्च
योजना का दूसरा सकारात्मक पहलू यह है कि इसमें व्यय अनुपात, बहुत कम 1.97 प्रतिशत है। हमनें अभी तक सिर्फ क्वांटम लॉन्ग टर्म इक्विटी को छोड़कर इतना कम व्यय अनुपात कहीं और नहीं देखा है।
एसबीआई ब्लू चिप फंड में क्यों करें निवेश?
एसबीआई ब्लू चिप फंड में निवेश करने के पर्याप्त कारण हैं। इनमें से एक कारण यह भी है कि इसका व्यय अनुपात कम है जोकि निवेशकों के लिए रिटर्न में सुधार लाएगा। दूसरा कारण यह है कि
ईटी शेयरों के लिए जोखिम में कटौती
एसबीआई ब्लू चिप के पोर्टफोलियो में स्टॉक, अच्छे हैं और अच्छी बात यह है कि यह, आईटी शेयरों के लिए जोखिम में कटौती करते हैं। फंड, सनफार्मा शेयरों के एक्सपोज़र से बढ़ गया है, जो कि अब
एचडीएफसी बैंक
एचडीएफसी बैंक के बाद पोर्टफोलियो में दूसरा सबसे ज्यादा वेटेज वाला है। रोचक बात यह है कि पोर्टफोलियो, शीर्ष तीन, भारत इलेक्ट्रॉनिक, रिलायंस इंड्रस्टी और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के साथ मजबूत प्रतीत होता है। आप भारतीय स्टेट बैंक की ग्रोथ फंड खरीदते हैं, तो नेट एसेट वैल्यू 29.81 रुपए है और दूसरी तरफ लाभांश योजनाएं, 16.96 रुपए के एनएवी के साथ आती हैं।
क्वांटम लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड
क्वांटम लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड, एक अन्य फंड है जिसे हम आपको बताना चाहते हैं पर किसी भी फंड के आने वाले समय के रिटर्न को समझना बहुत ही मुश्किल काम है। आपको बता दें कि इस इक्विटी
विभिन्न आंकड़ों पर गौर करें
फंड का रिटर्न काफी अच्छा रहा है और इसका व्यय अनुपात, एसबीआई फंड चिट की अपेक्षा कहीं कम है। वास्तव में, क्वांटम लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड का व्यय अनुपात 1.25 फीसदी के स्तर पर कारोबार में सबसे अच्छा है। हमें इसके पोटफोलियो की वजह से इसका फंड सही लगता है, जोकि काफी विविध है। पोर्टफोलियो में बजाज ऑटो, एचडीएफसी बैंक, हीरो मोटर कॉर्प आदि जैसे स्टॉक्स हैं। इसे क्रिसिल की ओर से नम्बर वन का दर्जा दिया गया है।
क्वांटम लॉन्ग टर्म इक्विटी से रिटर्न
क्वांटम को 2006 में लांच किया गया था और इससे पिछले 10 वर्षों में औसतन 14 प्रतिशत का रिटर्न प्राप्त हुआ। पिछले वर्ष का रिटर्न सबसे ज्यादा था जोकि 16 प्रतिशत था जबकि अन्य फंड का रिटर्न सिर्फ 7 से 10 प्रतिशत ही आया था। एक बात और है जिसका उल्लेख हम करना चाहते हैं कि फंड का बहुत उच्च निकास अनुपात है।
तो ना करें निवेश
अगर आप निवेश कर रहे हैं और एक साल पहले ही निवेश से निकास करने की संभावना है, तो बिल्कुल भी निवेश न करें। निकास भार, 4 प्रतिशत है, अगर आप 6 महीने पहले ही फंड से अलग हो जाते हैं वहीं 6 महीने से 1 साल के बीच हटने पर 3 प्रतिशत का निकास भार देना पड़ता है। इसलिए, आप पहले सुनिश्चित कर लें कि आपको कितने समय के लिए निवेश करना है, इसके बाद ही इसमें निवेश करें।
अस्वीकरण (डिस्क्लेमर)
यह लेख, प्रतिभूतियों या अन्य वित्तीय साधनों में क्रय या विक्रय के लिए सिफारिश नहीं करता है। ग्रेनियम इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, इसकी सहायक, सहयोगी या लेखक, इनमें निवेश करने के बाद होने वाले नुकसान आदि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। लेखक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य, ऊपर उल्लेखित इन योजनाओं से जुड़ा हुआ नहीं है।
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