अब अगर आप बैंक में ज्यादा पैसा ट्रांसफर करते हैं, या फिर आपके खाते में एक निश्चित राशि से अधिक रकम जमा होती है तो इसकी सूचना अपने आप आयकर विभाग को चली जाएगी।
अब अगर आप बैंक में ज्यादा पैसा ट्रांसफर करते हैं, या फिर आपके खाते में एक निश्चित राशि से अधिक रकम जमा होती है तो इसकी सूचना अपने आप आयकर विभाग को चली जाएगी। जी हां... 1 अप्रैल 2016 से नए नियम के मुताबिक अब अगर आप निर्धारित राशि से अधिक खाते में जमा करते हैं तो इसकी सूचना आयकर विभाग के पास चली जाएगी। इसमें शेयर की खरीद, मकान की खरीद, म्यूचुअल फंड में डिपॉजिट, क्रेडिट कार्ड से अधिक की खरीददारी करने के लिए एक निश्चित राशि की सीमा तय की गई है, जिससे ज्यादा का ट्रांजैक्शन करने पर इसकी रिसिप्ट आयकर विभाग के पास चली जाएगी। यह सूचना बैंक द्वारा आयकर विभाग को दी जाती है। अब हम आपको बताएंगे कि वो कौन से 10 ट्रांजेक्शन हैं जो लिमिट से अधिक होने पर इसकी सूचना इनकम टैक्स को दी जाती है।
अचल संपत्ति
अगर आप 30 लाख रुपए से अधिक की राशि की अचल संपत्ति की खरीददारी करते हैं या फिर बेचते हैं तो इस खरीददारी की जानकारी आयकर विभाग को बैंक द्वारा दे दी जाती है।
प्रोफेशनल इंडिविजुअल
अगर आप किसी दुकान से दो लाख रुपए से अधिक की खरीददारी करते हैं तो इस खरीददारी की सूचना आयकर विभाग को दे दी जाएगी।
कैश डिपॉजिट
अगर आपके सेविंग्स अकाउंट (बचत खाता) में 10 लाख रुपए से अधिक की राशि एकमुश्त जमा होती है तो इसकी सूचना बैंक द्वारा इनकम टैक्स विभाग को दे दी जाएगी।
करंट अकाउंट में कैश डिपॉजिट
अगर किसी व्यक्ति के करंट अकाउंट में 50 लाख या उससे ज्यादा की रकम निकाली जाती है या फिर जमा की जाती है तो इसकी सूचना आयकर विभाग के अधिकारियों को दे दी जाएगी।
बैंक ड्राफ्ट
अगर कोई व्यक्ति किसी तरह की खरीदारी या फिर भुगतान बैंक ड्राफ्ट द्वारा की जाती है और इसकी राशि यदि 2 लाख रुपए या उससे अधिक है तो इसकी जानकारी बैंक द्वारा इनकम टैक्स अधिकारियों को दे दी जाती है।
फाइनेंशियल सुरक्षा
अगर कोई व्यक्ति शेयर बाजार, म्युचूअल फंड, शेयर बॉन्ड आदि में निवेश करता है और वह राशि एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपए से अधिक होती है तो इसके ट्रांजेक्शन की सूचना आयकर विभाग को दी जाती है।
क्रेडिट कार्ड
अगर कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अपने क्रेडिट कार्ड से 2 लाख रुपए से अधिक की खरीदारी या फिर भुगतान करता है तो इसकी सूचना आयकर विभाग को दे दी जाएगी।
गोल्ड ईटीएफ
अगर कोई व्यक्ति गोल्ड ईटीएफ में एक लाख रुपए से अधिक का निवेश करता है तो इस निवेश की जानकारी आयकर विभाग को दी जाती है।
म्युचूअल फंड
अगर कोई निवेशक म्यूचुअल फंड में 2 लाख रुपए से अधिक का निवेश करता है तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को दी जाती है।
शेयर बाजार में निवेश
अगर कोई निवेशक शेयर बाजार में 1 लाख रुपए से अधिक का निवेश शेयर बाजार में करता है तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को दी जाती है।
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