क्रेडिट कार्ड : खर्च से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया समझें

अब वो दौर चला गया जब लोग जेब में नोटों की गड्डियां रख कर चला करते थे। अब जमाना प्लास्टिक मनी का है। आपके पर्स में प्लास्टिक के तीन-चार कार्ड आपको कहीं भी घूमने-फिरने और शॉपिंग की आजादी दे देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश में प्लास्टिक मनी ने जोर पकड़ा है खासकर कि क्रेडिट कार्ड का। आम जन मानस के बीच क्रेडिट कार्ड लोकप्रिय तो है लेकिन वह इस्तेमाल करने से बचते हैं, क्योंकि इसे अभी भी उधार लेकर खर्च करने वाले नजरिए से देखा जाता है।

credit card

भारतीय दर्शन में चार्वाक दर्शन की एक लाइन भी है 'यावज्जीवेत सुखं जीवेत, ऋणं कृत्वा घृतं पिबेत', अर्थात उधार लेकर घी पियो लेकिन जब-तक जियो तब-तक सुख में जियो, पर भारतीय जनमान में ये बात ज्यादातर लोगों के गले नहीं उतरती है।

क्रेडिट कार्ड के प्रयोग का चलन देश में पिछले 2-3 वर्षों में तेजी से बढ़ा है। ज्यादातर प्राइवेट कंपनी या मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों में इसका प्रयोग तेजी से बढ़ा है। निजी बैंकों ने इसके लिए लोगों को लुभावने ऑफर भी दिए हैं। 20 से 25 हजार तक की क्रेडिट लिमिट का क्रेडिट कार्ड लोगों को कुछ समान्य कागजात जमा करके आसानी से मिल सकते हैं।

अब हम आपको विस्तार से समझाएंगे कि क्रेडिट कार्ड क्या है, इसका प्रयोग कैसे करें, इसके प्रयोग के बाद खर्च की गई राशि का भुगतान कैसे करें, भुगतान संबंधी विस्तृत विवरण, लेट पेमेंट से कैसे निपटें साथ ही क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड में क्या अंतर है इसके बारे में भी जानकारी देंगे।

क्या है क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड का मूल्य एक प्लास्टिक के टुकड़े से कहीं अधिक होता है। यह वित्तीय संस्था (बैंक) द्वारा दिया गया एक ऋण है जिसे आप उपयोग में ला सकते हैं और फिर मासिक किस्तों में कुछ समय में चुकाते हैं। आपके क्रेडिट कार्ड की एक निश्चित सीमा होगी और आपको अपना कुल बैलेंस उस सीमा के भीतर रखना होगा। जब आप बैंक में खर्च की गई रकम का भुगतान करते हैं, तो आप समझिए कि आप उधार लिया पैसा वापस चुका रहे हैं। अगर आप क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से प्रयोग करते हैं तो आपके पास हर महीने अपनी आय के प्रबंधन का एक सरल तरीका होगा।

तीन प्रकार के होते हैं क्रेडिट कार्ड-

साधारण उद्धेश्य क्रेडिट कार्ड (रिवाल्विंग क्रेडिट कार्ड)

ये क्रेडिट कार्ड कहीं भी, किसी भी चीज के लिए, कपड़ों से लेकर भोजन आदि तक के खर्चे के लिए प्रयोग किए जा सकते हैं। वीसा और मास्टरकार्ड इसके उदाहरण हैं। यदि आप अपनी खर्च की जाने वाली और हर महीने भुगतान की जाने वाली राशि में कुछ लचीलापन चाहते हैं, तो साधारण क्रेडिट कार्ड आपकी जरूरत के लिये उपयुक्त है। ध्यान रखें कि आपको खरीददारी पर कुछ छूट की अवधि मिलती है, लेकिन यदि आप बकाए का पूरा भुगतान हर महीने न करते हों तो बकाया राशि पर ब्याज लगाया जाता है।

स्टोर कार्ड (सिंगल या सीमित-उद्धेश्य कार्ड)

ये कार्ड किसी विशेष स्टोर या स्टोरों के समूह में ही,या विशेष उद्धेश्य के लिये ही प्रयोग किये जा सकते हैं। डिपार्टमेंट स्टोर कार्ड या अधिकांश आपके पसंदीदा कपड़े के स्टोरों के कार्ड इसके उदाहरण हैं। इस प्रकार के कार्ड पर ब्याज की दर काफी अधिक होती है। कई स्टोर खाता खोलने के समय विशेष प्रोमोशन(उदाहरण के लिए आपकी पहली खरीद पर15% की छूट) देते हैं,लेकिन अधिक ब्याज दर के कारण लंबे समय में यह खास उपयोगी नहीं होता है।

परंपरागत चार्ज कार्ड

चार्ज कार्ड में आपको खरीददारी या सेवाओं के लिये सारी रकम एक निश्चित समय में वापस कर देनी होती है। सामान्यतः इस प्रकार के क्रेडिट के लिये कोई ब्याज नहीं देना होता है,लेकिन आपको पूरा बकाया हर महीने भर देना पड़ता है। चार्ज कार्ड को ट्रैवल एंड एंटरटेनमेंट कार्ड भी कहा जाता है।

क्रेडिट कार्ड फायदे

आपको नकद साथ रखने या चेक लिखने की जरूरत नहीं है। आप इसका प्रयोग अनपेक्षित,इमरजेंसी खर्चों,जैसे,कार की मरम्मत और चिकित्सा के बिलों के भुगतान के लिये कर सकते हैं। य़दि कभी-कभार आपके पास आवश्यक वस्तुओं जैसे, भोजन, पानी और या अन्य किसी जरुरत के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद आपको एक मासिक विवरण मिलता है, जिसमें आपकी सभी खरीदियों का रिकार्ड होता है, जिससे आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि आप कितना खर्च कर रहे हैं।

भुगतान की प्रक्रिया

आप अपने सारे खर्चों को एक मासिक भुगतान में एकीकृत कर सकते हैं।
आपको खर्च की सुरक्षा और बढ़ी हुई उत्पादन वारंटी मिल सकती है, अर्थात आपकी क्रेडिट लिमिट बढ़ सकती है।

क्रेडिट कार्ड के प्रयोग के बारे में चेतावनी

कार्ड पर किये गए खर्च के लिये आप जिम्मेदार हैं।
खरीदी गई वस्तुएं जमा हो रहे वित्त प्रभारों के कारण अपेक्षा से अधिक महंगी पड़ सकती हैं।
यदि आप अपने कार्ड खाते का कुप्रबंध करते हों तो आपको ओवर-लिमिट या लेट फीस लग सकती है।
आपको एक बजट बनाना होगा और तय करना होगा कि आप जो भी खर्च कर रहे हैं,उसका भुगतान कर सकते हैं।
आवेग में आकर खरीददारी करने से बचें,जो आपके बजट को बिगाड़ सकती है।
देर से भुगतान करने या ओवर लिमिट प्रभार आपके क्रेडिट स्कोर पर बुरा असर डाल सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड का जिम्मेदारी से प्रयोग करें

क्रेडिट कार्ड सुविधाजनक होते हैं और आपको हर महीने अपने सारे खर्चों का ध्यान रखने के लिये एक सरल तरीका प्रदान करते हैं। यह सुविधा पाने के लिये काफी जिम्मेदार होना पड़ता है। अपने कार्ड-प्रयोग को ठीक से प्रबंधित करके आप अपना एक ट्रैक रिकार्ड बना सकते हैं जो उधारदाताओं को दिखाता है कि आप अपने क्रेडिट का प्रबंधन कैसे करते हैं। अच्छा ट्रैक रिकार्ड होने पर उधार दाता आपको और बड़ी, महत्वपूर्ण खरीद पर जैसे नई कार या मकान के लिये ऋण दे सकते हैं।

आवश्यक बिंदु

आप भले ही किसी भी कारण से क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करें पर यह आवश्यक है कि
हमेशा कम से कम अपने मासिक विवरण में दी गई न्यूनतम बकाया राशि का भुगतान अवश्य करें। यदि आप सारे बकाये का भुगतान हर महीने कर दें तो और भी अच्छा है क्योंकि तब आप भारी ब्याज से बच सकते हैं। भुगतान हर बार समय पर करें। यह सुनिश्चित कर लें कि आपके सभी लेन-देन आपके कार्ड की सीमा के भीतर हैं। कभी भी अपनी भुगतान की क्षमता से अधिक खर्च न करें।

इस दिशानिर्देश को ध्यान में रखें:

क्रेडिट कार्ड खर्च और अन्य ऋण कभी आपकी टैक्स के बाद की आय के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिये।
क्रेडिट समस्या के इन संकेतों के लिये जागरूक रहें
आपको बिलों के आने से पहले यह पता ही न हो कि आपने कितना उधार लिया है।
आप अक्सर बिलों का भुगतान देर से करते हों।
आप अक्सर न्यूनतम क्रेडिट कार्ड भुगतान करने में असमर्थ होते हों।
आप अक्सर अपनी क्रेडिट की सीमा पार कर लेते हों या उस तक पहुंचते हों।
आप भुगतान करने के लिये अपनी क्रेडिट लाइनों या कैश एडवांस का प्रयोग करते हों।

क्रेडिट की कठिनाईयों से कैसे निपटें

अपने उधारदाताओं से संपर्क करें और उनसे बात करें। इससे आप एक भुगतान-अनुसूची की व्यवस्था कर सकते हैं।
अपने क्रेडिट कार्ड का प्रयोग बंद कर दें।

डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में क्या अंतर है?

जब आप खरीदी करते हैं या नकद निकालते हैं तो डेबिट कार्ड आपके खाते से सीधे रकम निकालता है, जबकि क्रेडिट कार्ड का हर लेनदेन आपके चार्ज-बिल में जाता है। क्रेडिट कार्ड के मामले में आपको उधारदाता को वापस पैसों का भुगतान करना होता है जबकि डेबिट कार्ड में खर्च की रकम सीधे आपके बैंक अकाउंट से कट जाती है।

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