जब आप होम लोन लेने के लिए बैंक जाते हैं तो आप के पास फ्लोटिंग ब्याज दर (परिवर्तनीय ब्याज दर) या फिक्जड इंटरेस्ट रेट (निश्चित ब्याज) के बीच एक विकल्प होता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, निश्चित ब्याज दर पर होम लोन लेने पर अवधि के दौरान कभी नहीं बदलता है। वहीं फ्लोटिंग दर आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में बदलाव के साथ बदलती है।
पढ़ें- पहली बार फ्लैट खरीदते वक्त याद रखें ये 8 बातें

एक व्यक्ति 10 फीसदी की तय ब्याज पर बैंक से होम लोन लेता है, अगर उसकी ईएमआई (किश्त) 10,500 रुपये प्रति माह है, तो वह व्यक्ति पूरी अवधि के दौरान बैंक को 10,500 रुपये प्रति माह का भुगतान जारी रखेगा, जब-तक उसका लोन समाप्त नहीं हो जाता है।
क्या है फ्लोटिंग ब्याज दर
दूसरी तरफ फ्लोंटिंग ब्याज दरें उसी सिद्धांत पर काम नहीं करती हैं। ये ब्याज दर बाजार की स्थितियों के अनुसार बदलती रहती है। इसका असर बैंक को देने वाली मासिक किश्त पर होता है। इसमें आपकी ईएमआई ऊपर-नीचे होती रहती है, अधिकतम समय ब्याज दरें एक मुख्य ऋण द्वारा निर्धारित होती हैं। मुख्य ऋण दर कम या ज्यादा होने पर ब्याज दर घटती बढ़ती रहती है। फ्लोटिंग होम लोन में बाजार के हिसाब से ब्याज दर तय होती है।
फ्लोंटिंग दरों की चाल कैसे कम या ज्यादा होती है?
फ्लोटिंग ब्याज दरों के कम या ज्यादा होने का सबसे बड़ा और मुख्य कारण भारतीय रिजर्व बैंक की पॉलिसी पर निर्भर करता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का मानना है कि मुद्रास्फीति बढ़ रही है, तो रेपो रेट में में वृद्धि होगी, रेपो दर वह ब्याज दर है जिस पर रिजर्व बैंक, बैंकों को पैसा उधार देता है। जब रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंको के लिए पैसे की लागत अधिक हो जाती है। जिसकी वजह से बैंक अपने ग्राहकों के लिए ब्याज दर बढ़ा देते हैं।
पढ़ें- नया फ्लैट खरीदने के लिये जरूरी दस्तावेजों की सूची
ऐसा हमेशा नहीं होता है, लेकिन, अधिकतर समय इस प्रकार की स्थिति हो जाती है। दूसरी ओर अर्थव्यवस्था में विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों को कम करने का फैसला किया जाता है। ऐसा होने पर होम लोन पर फ्लोटिंग ब्याज दर बदल जाती।
एक बार फिर हम आपको ये बताना चाहते हैं कि फ्लोटिंग ब्याज दरों के कम या ज्यादा होने का यही एक मुख्य कारक नहीं है। ये बैंको पर भी निर्भर करता है कि वह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में परिवर्तन करने पर वह ब्याज दरों में परिवर्तन करें या ना करें।
More From GoodReturns

इंडिपेंडेंस डे स्पेशल FD: आज रात खत्म हो रहा है निवेश का मौका, पैसा लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?



Click it and Unblock the Notifications