जिन लोगों की वार्षिक आय 5 लाख रूपए से अधिक होती है, उन्हें आयकर देना अनिवार्य होता है। अगर आप आयकर रिटर्न ऑनलाइन फाइल करते हैं तो आपको रसीद भेजनी पड़ती है जिसे आईटीआर-वी भी कहा जाता है जिसे सेन्ट्रल प्रॉसिसंग सेल या सीपीसी बंगलुरू भेजा जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि आय कर कार्यालय जानता है कि आपने अपना रिटर्न दाखिल कर दिया है।

अब, आपके आयकर रिटर्न ऑनलाइन को ई-सत्यापन करने की सुविधा आ गई है जिसमें सीपीसी बंगलुरू को आईटीआर वी की कागज कॉपी भेजने की आवश्यकता नहीं होती है।
फाइल रिटर्न करने से पहले, आयकर वेबसाइट पर अपने आधार कार्ड को लिंक करने के लिए भी आपको आईटीआर-वी को भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
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करदाताओं को आयकर रिटर्न की अपलोडिंग के दौरान या बाद में रिटर्न को ई-सत्यापित करने का विकल्प दिया जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको 4 तरीके बता रहे हैं जिनके माध्यम से आप आयकर रिटर्न को ई-सत्यापित कर सकते हैं:
- नेट बैकिंग के द्वारा ई-फिलिंग वेबसाइट के माध्यम से ईवीसी
- आधार प्रमाणीकरण के द्वारा नेट बैकिंग
- किसी बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करते हुए ईवीसी
- ईमेल आईडी और मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल करते हुए ईवीसी
- करदाताओं के लिए, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख से अधिक होती है या अगर वहां रिफंड होता है, तो उन्हें दो विकल्प मिलते हैं: नेट बैकिंग के माध्यम से और बैंक खाता संख्या के माध्यम से।
नेट बैकिंग के माध्यम से ईवीसी को किस प्रकार बनाते हैं?
1. अपने पैन कार्ड विवरण का उपयोग करते हुए आयकर की वेबसाइट पर लॉगिन करें।
2. ई-फाईल पर जाएं और ईवीसी को जेनरेट करें।
3. बनाई गई ईवीसी, पंजीकृत मेलआईडी और मोबाइल नम्बर पर भेज दी जाएगी।
4. अगर करदाता पहले से ही ईवीसी को जेनरेट कर चुका है तो ''मेरे पास पहले ही अपने रिटर्न को ई-सत्यापित करने के लिए ईवीसी है।'' पर क्लिक करते हुए दिए गए बॉक्स में इसे दर्ज करें और जमा करें पर क्लिक कर दें।
नेट बैंकिंग के माध्यम से आयकर रिटर्न को ई-सत्यापित किस प्रकार करें?
आयकर रिटर्न को ई-सत्यापित करने के लिए, व्यक्ति को नेट बैंकिंग पर रजिस्टर होना आवश्यक होता है और अगर यूजर, नेट बैंकिंग को पहले से ही इस्तेमाल करता हैं तो उसके पास उस समय यूजर आईडी, लॉगिन पासवर्ड और ट्रांसजेक्शन पासवर्ड भी अवश्य होना चाहिए।
1. उस बैंक की आईडी पर जाएं, जिसमें आपका खाता हो और जहां से आप लेनदेन करते हों।
2. नेट बैंकिंग के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करते हुए ई-फीलिंग करें।
3. नेट बैकिंग के माध्यम से ईवीसी क्लिक करें।
4. आगे बढ़ें।
5. रिटर्न के विपरीत ई-सत्यापन पर क्लिक करें, जोकि अपलोड कर दिया गया है।
6. नेट बैकिंग के माध्यम से ई-फीलिंग में लॉगिन करें।
7. पुष्टिकरण पेज पर क्लिक करते हुए आगे जारी रखें।
8. सफल होने पर संदेश सामने दिखेगा। अब आगे किसी अन्य प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है।
9. आगे जरूरत पड़ सकती है इसके लिए दिए गए अटैचमेंट को डाउनलोड करके सेव कर लें।
कर देने के बाद अगर कोई धारक रिफंड क्लेम नहीं करता है तो वह ऑनलाइन सीधे ही इलेक्ट्रॉनिक वेरीफिकेशन कोड (ईवीसी) को जेनरेट कर सकता है जो ई-फाईलिंग और आयकर रिटर्न के लिए वैध होता है। वर्ष 2016 में आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि, 31 जुलाई 2016 है।
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