भारतीय शेयर बाज़ार तेजी से गिर रहा है और बहुत से निवेशक चाहते हैं कि वे उन म्यूचल फंड से बाहर निकल जायें, जिन पर ऋण का भार ज्यादा है। अपने धन को अच्छी वेल्यू वाले इक्वीटी म्यूचल फंड़ में निवेश कर यह सुनिश्चित कर लें कि ऐसे म्यूचल फंड ने कम कीमत में वजनी शेयरों को अपने पोर्टफोलियों में रख रखा है।

यदि आप एक म्यूचल फंड से निकल कर दूसरे म्यूचल फंड में निवेश करते हैं, तो कुछ बातें आपको जाननी जरुरी हैं।
साधारणतया अधिकांश म्यूचल फंड एक ट्रांजेक्शन स्लीप रखते हैं, इस स्लीप को भर कर म्यूचल फंड में तदनुसार परिवर्तन कर सकते हैं। ऑन लाइन से भी अपनी म्यूचल फंड स्कीम को बदल सकते हैं, बशर्ते आपके पास अपना पीन व पासवर्ड हो। इस संबंध में म्यूचल फंड आपकी सहायता करेगा।
यह बात ध्यान रखें कि आपको उस म्यूचल फंड की कुल असेट वेल्यू मालूम होनी चाहिये। स्लीप में जिस स्कीम का नाम भरना है, वह सही ढंग से भरें। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपने लाभांश लेने का कौनसा विकल्प चुना है -लाभांश वितरित करने वाला या उसे पुन:निवेश का ।
लाभांश को वितरित करने का विकल्प यदि चुना है, तो धनराशि निवेशक के हाथ में रहती है, जिस पर आयकर नहीं लगता है।
आप एक म्यूचल स्कीम को छोड़ कर दूसरी को चुनते हैं तो इसमें कुछ आवश्यक परिवर्तन होते हैं। तात्पर्य यह है कि एक स्कीम से आप बाहर निकल रहे हैं और दूसरी में आप प्रवेश कर रहे हैं। ऐसा करने पर आपको म्यूचल फंड की नर्इ स्कीम में प्रवेश करने और पुरानी स्कीम को छोड़ने पर जो भार लगता है, उसे आपको ध्यान में रखना चाहिये।
क्या वास्तव में म्यूचल फंड स्कीम में परिवर्तन करना जरुरी है:
यह आप पर निर्भर करता है कि आप म्यूचल फंड स्कीम में परिवर्तन चाहते हैं। ऐसा करने पर आपको विशेषज्ञों की सलाह लेना आवश्यक है। उदाहरण के लिए मार्च 2015 में सेंसेक्स 30 हजार पोइन्ट के करीब था, जबकि मार्च 2016 में यह गिर कर 23 हजार पोइन्ट पर आ गया है। अर्थात एक वर्ष में लगभग 23 प्रतिशत बाज़ार गिरा है।
अत: यदि आपने घाटा देने वाले म्यूचल फंड में निवेश किया है तो आपको इससे बाहर निकलने के लिए विशेषज्ञों की सलाह लेना आवश्यक है। विशेषज्ञ आपको बतायेंगे कि मारकेट के गिरने पर किस म्यूचल फंड स्कीम में निवेश करने का अभी अच्छा समय है।
निष्कर्ष: आपको इस संबंध में यह बात ध्यान में रखनी चाहिये कि नर्इ म्यूचल स्कीम में प्रवेश करने और पुरानी से बाहर निकलने पर आपको कितना भार वहन करना पड़ेगा।
बार-बार किसी एक स्कीम से बाहर निकलना और दूसरी में प्रवेश करने से आपको अधिक भार वहन करना पड़ेगा़। लम्बी अवधि में अधिक रिटर्न पाने के लिए आपको अच्छी म्यूचल फंड स्कीम में निवेश कर ठहरना चाहिये।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन



Click it and Unblock the Notifications