एक समय था जब कोर्इ निजी बिमा कम्पनी नहीं थी। प्लान लेने के लिए ऑन लार्इन सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। हमें आवश्यकता होने पर पूरी तरह भारतीय जीवन बीमा निगम के एजेंट पर निर्भर रहना पड़ता था।
कुछ वर्षों से बीमा व्यवसाय में नाटकीय परिवर्तन हुआ है। इस क्षेत्र में निजी बीमा कम्पनियों के उतरने और पॉलिसी के ऑन लाइन उपलब्धता के कारण बीमा संसार का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। परन्तु अब भी बहुत व्यक्ति इस बारें में प्रश्न पूछते हैं कि बीमा कराने के लिए क्या आपको एलआर्इसी एजेंट की जरुरत पड़ती है ?
रुचिकर यह है कि अब भी ऐसी कर्इ एल आर्इ सी पॉलीसी है, जिसे लेने के लिए बीमा एजेंट की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए यदि आप टर्म इंश्योरेंस पालिसी लेना चाहते हैं या पेंसन पॉलिसी के लिए एलआर्इसी की वेब साइट पर जाते हैं। इन सभी तरह की एल आर्इ सी पॉलिसी के लिए आपको एल आर्इ सी एजेंट की जरुरत पड़ती है।
वो कंपनियां जहां एजेंट की जरूरत नहीं
दूसरी तरफ यदि आप निजी क्षेत्र की बीमा कम्पनियों की पॉलिसी जैसे- एच डी एफ सी लार्इफ, आर्इ सी आर्इ सी आर्इ प्रुडेंसियल या एविआ लार्इफ आदि कोर्इ भी प्लान लेना चाहते हैं, तो ये सभी प्लान ऑन लाइन उपलब्ध हैं। इन सभी प्लान के लिए आपको किसी एजेंट की आवश्यकता नहीं रहती। यहां तक निजी बीमा कम्पनियां आपको यूलीप प्लान भी ऑन लार्इन खरीदने की सुविधा उपलब्ध करा रही है। ऑन लार्इन से आपको वह लागत नहीं चुकानी पड़ती, जिसका अतिरिक्त भार बीच में एजेंट रखने से देना रहता है।
एल आर्इ सी पॉलिसी को एजेंट के माध्यम से लेने से कुछ लाभ भी है। जैसे एजेंट हर पॉलिसी के लाभ के बारें में विस्तृत जानकारी पर प्रकाश डालता है। परन्तु ऐसे समय में आपको इस बात की भी सावधानी रखनी चाहिये कि कहीं एजेंट आपको गलत जानकारियां दे कर गुमराह तो नहीं कर रहा है।
बेहतर होगा आप किसी भी ऑन लार्इन पॉलिसी को लेने के पहले इसकी शर्तों को सावधानी से पढ़ लें। विशेषतया टर्म पालिसी में हानि यह रहती है कि आपको अंत तक सभी तथ्यों के बारें में जानकारी नहीं मिलती। उदाहरण के लिए आपको उस तथ्य के बारें में तुरन्त स्पष्टीकरण नहीं मिलता, जिसे आप जानना चाहते हैं। अत: अच्छा यही होगा कि किसी पॉलिसी के बारें में सही और सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए किसी एजेंट के पास ही जायें।


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