डेट म्यूचुअल फंड वे फंड हैं जो ऋण उपकरणों में निवेश करते हैं जैसे ट्रेजरी बिल्स, सरकारी प्रतिभूतियों, निवेश (सीडी) का प्रमाण पत्र, वाणिज्यिक पत्र (सीपीएस), बांड, मुद्रा बाजार के साधन।
हालांकि, खुदरा निवेशक चुनिंदा उपकरणों में प्रत्यक्ष निवेश नहीं कर सकते हैं। वे डेट म्यूचुअल फंड में निवेश के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। डेट म्यूचुअल फंड वे फंड हैं जो ऋण उपकरणों में निवेश करते हैं जैसे ट्रेजरी बिल्सए सरकारी प्रतिभूतियोंए निवेश (सीडी) का प्रमाण पत्र, वाणिज्यिक पत्र (सीपीएस), बांड, मुद्रा बाजार के साधन।
हालांकि, खुदरा निवेशक चुनिंदा उपकरणों में प्रत्यक्ष निवेश नहीं कर सकते हैं। वे डेट म्यूचुअल फंड में निवेश के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। इन्हें 'कर्ज' कहा जाता है क्योंकि निवेशक ने इन उपकरणों को जारी करके ऋणदाता (निवेशक) से पैसा उधार लिया होता है।
वे बैंक की सावधि फिक्स्ड डिपॉजिट के मुकाबले बेहतर क्यों है?
एक रूढ़िवादी निवेशक के लिए, ब्याज आय और साधन की सुरक्षा की नज़र से फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे पसंदीदा साधन है।
आइए, अब देखते हैं कि डेट फंड कैसे बेहतर हैं।
लिक्विडिटी
डेट म्यूचुअल फंड जरूरत के अनुसार लिक्विडेट किया जा सकता है और राशि खाते में जमा हो जाएगी। कई म्युचुअल फंड हाउस निर्दिष्ट महीने से अधिक होने पर चार्ज नहीं करते हैं।
कई बैंक समय से पहले राशि निकालने पर फीस चार्ज करते और हैं अधिक राशि निकलवाने के लिए की जाने वाली कीगजी कार्यवाही के लिए फीस चार्ज करते हैं। साथ ही, आपको अपेक्षा से कम ब्याज दर भी मिल सकती है।
पूंजी की सुरक्षा
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे सुरक्षित साधन माना जाता है क्योंकि यह सरकार के द्वारा समर्थित होता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक 1 लाख रुपए की सीमा तक की राशि का ही आश्वासन देता है।
डेट फंडों का मूल्यांकन ICRA, CRISIL, CARE आदि रेटिंग कंपनियों के द्वारा किया जाता है।। एक उच्च क्रेडिट रेटिंग जारीकर्ता का कम डिफ़ॉल्ट जोखिम इंगित करता है। उच्च आप क्रेडिट रेटिंग के साथ फंड ले सकते हैं। आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि डेट फंडों ऋण जोखिम और ब्याज दर जोखिम के साथ जुड़ होते हैं।
टैक्स पोस्ट रिटर्न
36 महीने से कम के लिए आयोजित डेट म्यूचुअल फंडों पर टैक्स स्लैब के हिसाब से लगाया जाता है। बैंक में जमा राशि के मामले मेंए एक निवेशक के लिए हर साल ब्याज पर करों का भुगतान करना जरूरी है।
बजट में अरुण जेटली ने डेट म्यूचुअल फंडों पर लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ के लिए कर में 10 फीसदी से 20 प्रतिशत वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा।
इसका मतलब है कि डेट म्यूचुअल फंडों पर इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी कर लगाया जाता है। जबकिए लघु अवधि के पूंजीगत लाभ के लिए व्यक्तिगत निवेशक पर लागू कर के रूप में लगाया जाता है।
ध्यान दें कि डेट फंड की कम अवधि के पूंजीगत लाभ को आय में जोड़ा जाता है और फिर अपने कर की दरों के अनुसार कर लगाया जाता है जबकि, लंबी अवधि के पूंजीगत कर लाभ के लि,ए यह इंडेक्सेशन के साथ 20% गणना की जाती है।
लचीलापन
डेट फंड फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में अधिक लचीलापन प्रदान करते हैं। आप सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान या व्यवस्थित वापसी की योजना जैसे विकल्पों में से चुन सकते हैं। बाजारों के अनुसार और ब्याज दरों में प्रचलित एक कोष से दूसरे कोष में स्थानांतरित होना लचीलापन है।
निष्कर्ष
हालांकिए एक ऋण म्यूचुअल फंड को बनाए रखने में एक लागत होती है। डेट म्यूचुअल फंड उन व्यक्तियों के लिए है जो अपने धन पर मध्यम जोखिमए अच्छी वापसी और पूंजी प्रशंसा चाहते हैं। यदि केवल कैपिटल प्रोटेक्शन मायने रखती हैए तो आपको फिक्स्ड डिपॉजिट करवानो चाहिए।


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