
ऐसे में एक से अधिक या डुप्लीकेट पैन कार्ड रखना गैरकानूनी माना जाता है। अत: एक से अधिक पैन कार्ड होने पर संबंधित विभाग को इस बारे में सूचित कर देना चाहिए, अन्यथा सरकार लीगल नोटिस जारी कर दंड स्वरूप संबंधित व्यक्ति पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगा सकती है। ऐसे कई कारण होते हैं जब एक व्यक्ति अनजाने में ही एक नये पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है-
1. घर का पता बदलने पर
घर का पता बदलने पर दूसरे पैन कार्ड के लिए आवेदन करने की कोई आवश्कता नहीं होती है। परमानेंट अकाउंट नंबर, आपकी परमानेंट आईडेंटिटी होती है जो कि पूरे भारतवर्ष में एक जैसी ही रहती है। घर बदलने पर संबंधित विभाग को पत्राचार के नये पते के बारे में सूचित कर देना चाहिए, जिसके लिए कोई एड्रेस प्रूफ देना आवश्यक है।
2. विभागीय असावधानी के कारण
यदि विभागीय असावधानी के कारण किसी व्यक्ति के नाम दो पैन कार्ड जारी हो गये हैं तो उसे आयकर विभाग की साइट http://incometax.sparshindia.com/pan/newPAN.asp पर जाकर इसकी जानकारी दे देना चाहिए, साथ ही जिस कार्ड को निरस्त किया जाना है। उसके बारे में विवरण दे देना चाहिए।
इसके अलावा आप एनएसडीएल टिन फैसिलिटेशन सेंटर्स या यूटीआई पैन सेंटर्स को पत्र लिखकर भी अतिरिक्त पैन कार्ड की जानकारी दे सकते हैं। पत्र के विषय में 'पैन डेटा में बदलाव' लिखना अनिवार्य है। अतिरिक्त पैन नंबर अंतिम लाइन में लिखा जाना चाहिए।
अतिरिक्त पैन कार्ड होने पर आप किसी न्यायिक अधिकारी को भी इस संबंध में पत्र लिखकर सूचना दे सकते हैं। पत्र में अपना नाम, पता, फोन नंबर, जिस पैन नंबर को आप रखना चाहते हैं उसका विवरण, के अलावा जिस पैन नंबर को आप निरस्त करवाना चाहते हैं उसका विवरण दिया जाना चाहिए। भविष्य में किसी मुश्किल से बचने के लिए पत्र देने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा जारी की गई रशीद को अपने पास सुरक्षित रखे।
याद रखे ऐसा कर आप एक जिम्मेदार नागरिक होने की भूमिका निभायेंगे।


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