व्यक्ति की कमाई के आधार पर काटा जाने वाला कर टीडीएस (TDS-Tax Deducted at Source) है। तो वहीं नियोक्ता वह व्यक्ति है जो कर्मचारी या स्टॉक ब्रोकर को राशि का भुगतान करता है। टीडीएस कर्मचारी के टैक्स फाइलिंग के बोझ को घटाता है और सरकार को स्थिर राजस्व सुनिश्चित करता है। अधिकतम मामलों में, टीडीएस की कटौती सीमित आय के आधार पर की जाती है। घोड़ों की दौड़, लॉटरी और अन्य खेलों से जीती गई राशि पर 30% का उच्चतम टीडीएस लागू होता है।
जहाँ टीडीएस एकत्रित किया जाता है वहीं टीडीएस प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, आमतौर पर यह कटौतीकर्ता या बैंक द्वारा जारी किया जाता है।
सरकार, आरबीआई, सहकारी समितियों आदि को किए गए भुगतानों पर टीडीएस छूट दी जाती है। यदि एकत्रित राशि और वास्तविक देय राशि में विसंगतियाँ हैं तो धनवापसी का अनुरोध किया जा सकता है।
टीडीएस कर की एक छोटी सी राशि है जिसे किसी व्यक्ति या व्यवसाय की मासिक, सालाना, समय-समय पर या कभी-कभी होने वाली कमाई से काटा जा सकता है (कमाई वेतन तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें ब्याज, कमीशन, शुल्क आदि भी शामिल हैं)। कमाई नियमित या अनियमित भी हो सकती है। व्यक्ति के सालाना वेतन एवं व्यवसाय की सालाना कमाई के आधार पर आयकर लगाया जाता है। TDS रिफंड के लिए क्लेम कैसे करें?
1 टीडीएस कटौती के लिए न्यूनतम वेतन कितना होना चाहिए?
अगर कर्मचारी का वेतन आयकर स्लैब के अंतर्गत आता है तो उसे टीडीएस चुकाना पड़ सकता है। यदि एक व्यक्ति की सालाना कमाई 2.5 लाख से कम है तथा सिनियर सिटिज़न की सालाना कमाई 3 लाख से कम है और सुपर सिनियर की कमाई 5 लाख से कम है तो उसे टैक्स चुकाने की ज़रूरत नहीं है तथा ऐसे में टीडीएस भी नहीं काटा जाएगा।
नहीं। टीडीएस बचत, निश्चित और पुनरावर्ती खातों, शेयर और उनसे मिलने वाले लाभांश, घोड़ों की दौड़ और बीमा कमीशन की आय, लॉटरी या गेम से संबंधित पुरस्कार राशि, एनएसएस जमा में भुगतान, यूटिआय या म्यूचुअल फंड की पुर्न खरीदी जैसे कमाई के ज़रियों पर भी लागू होता है। इससे संबंधित विवरण आयकर अधिनियम, धारा 192 से 194 एल में उपलब्ध है।
टीडीएस कटौरी की पुष्टि के रूप में नियोक्ता /कटौतीकर्ता आपको टीडीएस प्रमाण पत्र या फॉर्म 16 और 16ए प्रदान करता है। आप अपने आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉग इन करके अपना फॉर्म 26 एएस दे सकते हैं या मेनू के 'अपना कर क्रेडिट देखें' विकल्प से भी देख सकते हैं।
यदि आपकी आय 2.5 लाख से कम है केवल तब आपका टैक्स डिडक्ट नहीं होगा। ऐसी स्थिति में आपको फॉर्म 15जी/15एच (विभिन्न श्रेणियों के नागरिकों पर लागू) के माध्यम से यह बताना होगा कि आपकी आय 2.5 लाख से कम है और यह फॉर्म भर कर कंपनी या बैंक में जमा करना होगा। फॉर्म 15जी आम नागरिकों के लिए और फॉर्म 15एच सिनियर सिटिज़न के लिए है। आप फॉर्म 13 के माध्यम से आयकर विभाग के मूल्यांकन अधिकारी से भी अनुरोध कर सकते हैं इससे कम कर की कटौती या कटौती ना पाने का प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपकी आय न्यूनतम कर दर से अधिक है तो आपको टीडीएस में छूट नहीं मिलेगी।
आयकर अधिनियम की धारा 201 के तहत कटौतीकर्ता को सरकार को राशि पर ब्याज चुकाना पड़ सकता है। ब्याज की गणना इस तरह होगी: ए) प्रत्येक महीने या आधे महीने के लिए 1 प्रतिशत, इसकी गणना कटौती की तारीख से लेकर कटौती की वास्तव तारीख से की जाती है (ii) लंबित कर पर हर महीने या आधे महीने के लिए 1 या 1.5 प्रतिशत है, इसकी गणना कटौती की तारीख से लेकर कटौती की वास्तव तारीख से की जाती है । धारा 271सी के तहत, कटौतीकर्ता को कर कटौती या भुगतान नहीं किए गए कर के बराबर की राशि का जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
नहीं। कर की कटौती और कर को जमा करने की ज़िम्मेदारी नियोक्ता/कटौतीकर्ता की होती है ना की कर्मचारी की।
7 यात्रा खर्चों पर भी टीडीएस कटौती लागू होती है?
नहीं, यात्रा खर्चों पर टीडीएस कटौती लागू नहीं होती है।
8 क्या सेवा कर पर भी टीडीएस लागू होता है?
इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि सेवा कर सेवा प्रदाता के लिए आय नहीं है, सेवा कर को छोड़कर कुल राशि पर टीडीएस काटा जाना है, यदि सेवा कर चालान में अलग रूप से इंगित किया गया है।
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