वैश्विक बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग में गिरावट से राष्ट्रीय राजधानी सर्राफा बाजार में सोने के दाम में 350 रुपए की गिरावट आई है जिसके 10 ग्राम सोने की कीमत 29,650 रुपए रह गई है। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से उठाव घटने से चांदी भी 100 रुपए की गिरावट के साथ 41,600 रुपए प्रति किग्रा रह गई। आगे देखिए देश बड़े शहरों में सोने और चांदी के दाम।
अपने शहर में सोने के दाम देखने के लिए आप आगे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-
- नई दिल्ली सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- मुंबई में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- लखनऊ में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- जयपुर में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- चंडीगढ़ में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- पटना में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- नासिक में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- नागपुर में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- बड़ौदा में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- कोलकाता सोने का दाम प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट)
- अहमदाबाद सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- बैंगलोर में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- चेन्नई में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
- हैदराबाद में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट)
देश के 24 बड़े शहरों में सोने के दाम देखने के लिए यहां क्लिक करें, इसके साथ ही चांदी के दाम देखने के लिए यहां क्लिक करें।
सोने-चांदी के रेट बाजार पर निर्भर हैं, इसलिए दिए गए आंकड़े और वर्तमान में बाजार में सोने के दाम में फर्क हो सकता है। आगे पढ़ें, आखिर कैसे तय होती है सोने की कीमत
भारत के शहरों में सोने के भाव अंतरराष्ट्रीय भावों पर निर्भर करते हैं। इसलिए जब सोने के अंतरराष्ट्रीय भाव बढ़ते हैं तो कई शहरों में ज़्यादा महंगा सोना पड़ता है। हमारे यहां सोने की खानें ज़्यादा नहीं है हमें अपनी ज़रूरत का सोना आयात करना पड़ता है। भारत में सरकारी और निजी बैंक सोना आयात करते हैं , साथ ही कुछ एजेंसीज भी हैं जो कि विदेश से सोना खरीदकर डीलर्स को भेजती हैं। आयात करने वालों की ये सूची बदलती रहती है और सरकार इसमें बदलाव करती रहती है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ोदा, मिनरल और मेटल ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन, यूनियन बैंक, सिंडीकेट बैंक आदि सोने के आयातक हैं। भारत में 38 बैंक हैं जो सोना बाहर से खरीदते हैं। बाद में ये बैंक सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत का हिसाब लगाकर उसे भारत की मुद्रा में बदलते हैं फिर उस पर आयात शुल्क लगा देते हैं। इस तरह इसका भारत में सोने का भाव तय होता है।
कीमतें शहरों के बुलियन एसोसिएशन द्वारा निर्धारित होती है, जैसे कि मुंबई। उदाहरण के लिए मुंबई में आईबीजेए (इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन), सोने का डीलर्स का एक एसोसिएशन हैं जहां उनके द्वारा कीमतें निर्धारित होती हैं बाद में इन्हें रिटेलर्स तक भेज दिया जाता है। इसके बाद रेट को पूरी तरह निर्धारित करने के लिए ये बड़े डीलर्स से संपर्क करते हैं और भविष्य की कीमतें तय करते हैं।
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