नई दिल्ली। एशिया के सबसे अमीर आदमी अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी अब नहीं रह गए हैं। अमीरी का यह ताज एक झटके में उनसे छिन गया है। यही नहीं उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को भी एक झटका लगा है। आरआईएल भी अब मार्केट कैप के मामले देश की टॉप नहीं रह गई है। मुकेश अंबानी और आरआईएल दोनों को यह झटका शेयर बाजार की सोमवार की भारी गिरावट से लगा है। सोमवार को शेयर बाजार बंद होने के साथ ही अमीरी के यह ताज उनसे एक झटके में छिन गया है। इस एक दिन की गिरावट के चलते मुकेश अंबानी की वैल्थ करीब 44000 करोड़ रुपये घटी थी। इस प्रकार उनके लिए यह दोहरा झटका रहा है।
जैक मॉ फिर बने एशिया के सबसे आदमी
शेयर बाजार की इस गिरावट के चलते जहां मुकेश अंबानी को करीब 44000 करोड़ रुपये (5.6 बिलियन डॉलर) का नुकसान हुआ, इससे जैक मॉ उनसे आगे निकल गए। ब्लूमबर्ग बिलियनर इंडेक्स के अनुसार अब जैक मॉ 44.5 बिलियन डॉलर की वैल्थ के साथ एशिया के सबसे अमीर आदमी हैं। उनकी वैल्थ इस वक्त मुकेश अंबानी से करीब 2 बिलियन डॉलर ज्यादा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सोमवार को आयी भारी गिरावट के चलते एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की संपत्ति में 44000 करोड़ रुपये की गिरावट आयी। मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर सोमवार को 156.90 रुपये या 12.35 फीसदी की गिरावट के साथ 1113.15 रुपये पर बंद हुआ। इससे एक ही दिन में मुकेश अंबानी की संपत्ति में 5.6 अरब डॉलर की गिरावट आई।
रिलायंस के शेयर में आयी गिरावट से इसकी बाजार पूंजी 7,05,655.56 लाख करोड़ रुपये पर आ गयी। रिलायंस के शेयर में आयी इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों का गिरना। कच्चे तेल की कीमतों में 1991 में हुए खाड़ी युद्ध के सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी। इसकी वजह है सऊदी अरब की तरफ से रूस के साथ प्राइस वॉर शुरू करना। सऊदी अरब ने अपने सेलिंग प्राइस में बड़ी कटौती की है। कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट के चलते ही रिलायंस का शेयर नीचे गिर गया, क्योंकि इससे कंपनी की तेल आमदनी प्रभावित होगी।
सोमवार को आई गिरावट के चलते बाजार पूंजी के मामले में टीसीएस ने रिलायंस को पछाड़ दिया। जहां रिलायंस का मार्केट कैप 7,05,655.56 लाख करोड़ रुपये रह गया, वहीं टीसीएस के शेयर में भी भारी गिरावट आयी, मगर फिर भी यह रिलायंस के मुकाबले कम गिरा। टीसीएस के शेयर में करीब 7 फीसदी की गिरावट आई और इसका बाजार पूंजी 7,40,045.31 करोड़ रुपये रहा। इसी के साथ बाजार पूंजी के मामले में एक बार फिर से टीसीएस अव्वल नंबर पर आ गयी है।
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सऊदी अरब के रूस के साथ प्राइस वॉर शुरू करने से ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 14.25 डॉलर या 31.5 फीसदी गिर कर 31.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गये। ये 17 जनवरी 1991 को शुरू हुए खाड़ी युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमतों में प्रतिशत में सबसे बड़ी गिरावट है। इस भारी गिरावट के कारण कच्चे तेल के दाम 12 फरवरी 2016 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गये। उधर यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड के दाम 11.28 डॉलर या 27.4 फीसदी लुढ़क कर 30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गये। यह भी जनवरी 1991 में खाड़ी युद्ध के बाद प्रतिशत में सबसे बड़ी गिरावट है।
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