दिल्ली-एनसीआर के लोगों की जेब पर आज तगड़ी मार पड़ी है। पिछले 48 घंटों के भीतर दूसरी बार सीएनजी (CNG) के दाम बढ़ गए हैं। इस ताजा बढ़ोतरी के साथ ही अब ईंधन की कीमत 80 रुपये प्रति किलो के अहम आंकड़े को पार कर गई है। कीमतों में आए इस उछाल के बाद अब शहर के मुसाफिरों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को महंगाई के बड़े झटके के लिए तैयार रहना होगा।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज सुबह कीमतों में एक रुपये प्रति किलो का इजाफा किया है। बता दें कि ठीक दो दिन पहले भी दाम इसी तरह बढ़ाए गए थे। अब ऑटो और ऐप-आधारित कैब के किराए बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। यही नहीं, डिलीवरी सर्विस कंपनियां भी अपनी फीस बढ़ा सकती हैं, क्योंकि ईंधन महंगा होने से उनका ऑपरेशनल खर्च बढ़ गया है। अक्सर देखा गया है कि जब भी फ्यूल के दाम बढ़ते हैं, तो खाना और सामान डिलीवर करना भी महंगा हो जाता है।

दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की नई कीमतें
| शहर | मौजूदा रेट (₹/किलो) |
|---|---|
| दिल्ली | 80.59 |
| नोएडा और गाजियाबाद | 83.20 |
| गुरुग्राम | 84.40 |
सीएनजी की कीमतों में यह अचानक उछाल वैश्विक ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी और घरेलू सप्लाई में कमी की वजह से आया है। जब इनपुट कॉस्ट बढ़ती है, तो गैस कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डाल देती हैं। आर्थिक जानकारों को डर है कि इससे जरूरी चीजों और सेवाओं की महंगाई बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी ईंधन की कीमतों के ट्रेंड पर नजर रख रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर देश की आर्थिक स्थिरता और भविष्य में ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर पड़ता है।
इसका असर सिर्फ ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और पावर सेक्टर पर भी पड़ेगा। ईंधन के दाम लगातार ऊंचे रहने से रिटेल प्राइस इंडेक्स (RPI) में उछाल आ सकता है। यही वजह है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती को लेकर फिलहाल सावधानी बरत रहा है। कंपनियों को भी अब अपना मुनाफा बचाने के लिए लॉजिस्टिक्स की रणनीति पर दोबारा सोचना होगा। कुल मिलाकर, इन बढ़ती कीमतों का आखिरी बोझ आम जनता को ही उठाना पड़ता है।
बढ़ती कीमतों के बीच राहत की उम्मीद
बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए राज्य सरकारें आने वाले समय में वैल्यू ऐडेड टैक्स (VAT) में कुछ बदलाव कर सकती हैं। इस बीच, प्रशासन लोगों को दिल्ली मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। जब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है, तब तक खर्चों को सही ढंग से मैनेज करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट एक बेहतर विकल्प हो सकता है। घर का बजट बिगड़ने से बचाने के लिए कीमतों में होने वाले रोजाना के बदलावों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।


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