राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (president ramnath kovind) ने मोबाइल सिम कार्ड (mobile sim card) लेने तथा बैंक खाता खुलवाने (open baank account) में पहचान पत्र के तौर पर आधार के स्वैच्छिक इस्तेमाल को मान्यता देने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति (president) की मंजूरी (approval) के बाद अब देश का कोई भी अपनी इच्छा से बैंक खाता खुलवाने या सिम कार्ड लेने के लिए आधार कार्ड को आईडी प्रूफ (id proof) के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है। बैंक खाता खुलवाने या सिम कार्ड लेने के लिए आधार कार्ड (aadhar card) को आईडी प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल को लेकर सरकार की ओर से लाए गए बिल के राज्यसभा से पास नहीं होने पर सरकार यह अध्यादेश लेकर आई है।
नए अध्यादेश की मंजूरी के साथ ही सरकार की ओर से आधार के गलत इस्तेमाल संबंधी नए नियम भी लागू हो गए हैं। आधार एक्ट (aadhar act) के नियमों का पालन नहीं करने पर कंपनी या संस्था पर 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना (fine) लगाया जा सकता है। यह राशि अदा नहीं करने पर रोजाना दस लाख रुपए का अतिरिक्त जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।
नए आधार और अन्य कानून संशोधन अध्यादेश के लागू होने का बाद सेवा प्रदाता कंपनियां स्वैच्छिक (Service provider companies voluntary) तौर पर आधार को आईडी के तौर पर देने वाले लोगों की बुनियादी बायोमेट्रिक जानकारी (Biometric information) और आधार संख्या का भंडारण नहीं कर पाएंगी। इसके अलावा आधार नंबर नहीं देने वाले व्यक्ति को भी बैंक खाता (bank account) या सिम कार्ड जैसी सेवा से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
- नए अध्यादेश के लागू होने के बाद आधार धारक की सहमति से आधार संख्या का ऑफलाइन या अन्य तरीके से भौतिक या इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन (Electronic verification ) किया जा सकता है।
- नाबालिग आधार धारक (Minor holder) 18 साल की आयु पूरी करने पर अपनी आधार संख्या को रद्द करा सकता है।
- यह नया अध्यादेश आधार एक्ट की धारा-57 पर प्रभावी नहीं होगा। धारा-57 प्राइवेट कंपनियों की आधार डाटा के इस्तेमाल की इजाजत देती है।
- पहचान सत्यापन के लिए दिए गए आधार डाटा (aadhar data) के इस्तेमाल पर तीन साल की जेल और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। यदि कोई कंपनी ऐसे मामले में दोषी पाई जाएगी तो उस पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। बैंक अंकाउंट बंद करने से पहले, जान लें ये महत्वपूर्ण बातें
दूसरी तरफ आपको इस बात से भी अवगत कराना चाहेंगे कि सुप्रीम कोर्ट (supreme court) के फैसले में साफ-साफ कहा गया है कि आधार को बैंक अकाउंट (aadhar bank account) से जोड़ना जरूरी नहीं है। अकाउंट के KYC के लिए दूसरे दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, आधार को पैन से कार्ड से लिंक करना जरूरी है और इसकी आखिरी तारीक 31 मार्च है।
इस बात की भी जानकारी दें कि अगर बैंक अकाउंट खुलवाने के दौरान आप अपनी मर्जी से उसे आधार से लिंक करवाना चाहते हैं तो करवा सकते है। ऐसे में आपके मन में यह भी सवाल उठता होगा कि क्या आपका अकाउंट आधार से जुड़ा है कि नहीं। तो इसके लिए आप ऑनलाइन चैक (online check) कर सकते है। जी हां घर बैठे इस बात की भी जानकारी ले सकते है कि आधार और अकाउंट लिंक है या नहीं।
1. सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट uidai.gov.in पर जाएं।
2. वेबसाइट खुल जाने के बाद "चेक आधार एंड बैंक अकाउंट लिंकिंग स्टेटस (Check Aadhaar & Bank Account Linking Status) पर क्लिक करें।
3. यहां एक पेज खुलता है जहां आपको 12 अंकों का आधार नंबर डालना है।
4. आधार नंबर सबमिट करने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा।
5. ओटीपी डालने के बाद लॉगिन करना है जिसके बाद स्टेटस आपके सामने होगा। अगर अकाउंट और आधार लिंक होगा तो सामने लिखा होगा- "Your Bank Aadhaar Mapping has been done। "
नोट : जानकारी के लिए बता दें कि आधार को कुछ जगहों पर जरूरी कर दिया गया है। जैसे पैन कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, एलपीजी गैस कनेक्शन से आधार लिंक कराना जरूरी है।
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