दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बीच भारत में सोने की कीमतें आज नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ऐसे में निवेशक अब सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के बीच सही विकल्प चुनने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप पहली बार निवेश करने जा रहे हैं, तो यह गाइड आपको सुरक्षित तरीके से सही फैसला लेने और तगड़ा मुनाफा कमाने में मदद करेगी।
बढ़ते दामों की वजह से मिडिल क्लास भारतीय परिवारों के लिए अब सीधे सोना खरीदना काफी महंगा सौदा साबित हो रहा है। इसकी जगह डिजिटल गोल्ड एक सुरक्षित और सस्ता विकल्प बनकर उभरा है, जो लंबी अवधि में अच्छी वेल्थ बनाने में मदद करता है। इन 'पेपर-बेस्ड' एसेट्स में न तो चोरी का डर है और न ही आम खरीदारों को शुद्धता की कोई टेंशन होती है।

SGB vs Gold ETF: निवेश से पहले जान लें ये बड़े अंतर
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) आज भी सबसे लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है। इसमें आपको सालाना 2.5 फीसदी ब्याज मिलता है, जो साल में दो बार आपके खाते में जमा किया जाता है। इसके अलावा, मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखने पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स से भी पूरी छूट मिलती है।
वहीं, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो निवेश में लचीलापन (लिक्विडिटी) चाहते हैं। आप इन्हें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयरों की तरह कभी भी खरीद या बेच सकते हैं। इन फंड्स में आमतौर पर 0.5 से 1 फीसदी के बीच एक छोटा सा एक्सपेंस रेशियो (मैनेजमेंट चार्ज) देना होता है।
| शहर | सोने का भाव (24K/10g) |
|---|---|
| मुंबई | Rs 78,500 |
| दिल्ली | Rs 78,650 |
| चेन्नई | Rs 78,800 |
नए निवेशकों के लिए क्या है बेस्ट स्ट्रैटेजी?
SGB में निवेश के लिए आपको भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई सीरीज आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। नए निवेशक अपने डीमैट अकाउंट के जरिए सीधे सेकेंडरी मार्केट से भी SGB खरीद सकते हैं। इस तरीके से अक्सर आपको गोल्ड यूनिट्स बाजार भाव से थोड़े डिस्काउंट पर मिल जाती हैं।
जब सोने के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर हों, तो अपनी मेहनत की कमाई को एक साथ निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। इसकी जगह सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश फैलाना ज्यादा समझदारी है। यह स्ट्रैटेजी आपकी खरीद की औसत लागत को कम करती है और भारतीय सर्राफा बाजार में अचानक आने वाली गिरावट से नए निवेशकों को बचाती है।
SGB और ETF में से किसे चुनें, यह पूरी तरह आपके फाइनेंशियल गोल और समय सीमा पर निर्भर करता है। लंबी अवधि की वेल्थ के लिए SGB परफेक्ट है, जबकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कैश के लिए ETF बेहतर है। सोने की इस बढ़ती चमक का फायदा उठाने के लिए आज ही छोटे निवेश से शुरुआत करें और अपनी पूंजी को सुरक्षित रखें।


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