2019 के आम चुनाव से पहले केंद्र सरकार प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों को राहत देने के स्‍वभाव में नजर आ रही है। रिर्पोट के अनुसार इस साल के अंत तक ग्रेच्‍युटी की समय सीमा को घटाने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि अभी किसी भी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी को 5 साल नौकरी करने पर ग्रेच्‍युटी का लाभ मिलता है। अब सरकार की ओर से इस समय सीमा को घटाकर 3 साल करने की तैयारी है। यदि ऐसा हुआ तो इसका फायदा करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा।

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ग्रेच्‍युटी क्‍या है

ग्रेच्‍युटी की गणना करने से पहले यह जान लीजिए की ग्रेच्‍युटी होती क्‍या है। तो आपको बता दें कि किसी कंपनी में काम करने के दौरान कर्मचारी के वेतन का एक भाग ग्रेच्‍युटी के रुप में कटता है। ग्रेच्‍युटी के अधिनियम के अनुसार प्रत्‍येक कंपनी, जिसमें 10 से अधिक कर्मचारी हैं कर्मचारी को ग्रेच्‍युटी देने के लिए बाध्‍य है। ग्रेच्‍युटी कर्मचारी के मूल वेतन एवं महंगाई भत्‍ते की राशि के आधार पर दी जाती है। आगे जानिए की ग्रेच्‍युटी की गणना कैसे की जाती है-

ग्रेच्‍युटी की गणना

ग्रेच्‍युटी का भुगतान कंपनी की ओर से हर 5 साल में किया जाता है ऐसे में 5 साल की सर्विस के बाद सर्विस के दौरान हर साल के बदले अंतिम महीने के बेसिक वेतन और महंगाई भत्‍ते को जोड़कर उसे पहले 15 से गुणा किया जाता है। इसके बाद सर्विस में कुल साल और इसके बाद हासिल होने वाली राशि को 26 से भाग देने पर आपकी कुल ग्रेच्‍युटी की राशि आ जाती है।

ग्रेच्‍युटी की गणना करने का फॉर्मूला
अंतिम महीने का बेसिक पे + महंगाई भत्‍ता x 15 x सर्विस में दिए गए साल/ 26

 

उदाहरण से भी समझें

मान लीजिए आपने ने किसी संस्‍थान में 5 साल 2 महीने नौकरी की है तो नौकरी पांच साल की मानी जाएगी। इस दौरान आपकी अंतिम बेसिक पे 25 हजार रुपए है। इस पर आपको 15 हजार का महंगाई भत्‍ता मिलता है। ग्रेच्‍युटी निकालने के लिए आप पहले 25 हजार और 15 हजार का जोड़ निकालिए। इसे जोड़ने का आंकड़ा 40 हजार आएगा। अब इस राशि को 15 से गुणा करने पर कुल राशि 6 लाख आएगी। इसमें अब आप अपनी सर्विस के कुल साल यानी 5 से गुणा कीजिए। 6 लाख को 5 से गुणा करने पर 30 लाख की राशि आई। आखिर में इस 26 से भाग कर दीजिए। भाग करने पर 1,15385 रुपए राशि आएगी। यही आपकी ग्रेच्‍युटी राशि है जो कंपनी को छोड़ने पर आपको मिलेगी। ग्रेच्‍युटी से जुड़े टैक्‍स के नियम

ग्रेच्‍युटी की समय सीमा घटने से होगा लाभ

यदि सरकार ग्रेच्‍युटी की समय सीमा 5 साल से घटाकर 3 साल करती है तो सवा करोड़ कर्मचारियों को फायदा हो सकता है। कर्मचारी यूनियनों की ओर से ग्रेच्‍युटी की समय सीमा को एक साल करने की मांग की जा रही है।