आज के जमाने में, लोगों को पैसा निवेश करने के अलग-अलग तरीकों से लुभाया जा रहा है। आप कोई फाइनेंशियल निर्णय लें उससे पहले जरूरी है कि आप अपनी जरूरतों की सही गणना कर लें। यदि इस गणना में कोई गड़बड़ी होगी तो निवेश का निर्णय गलत हो सकता है।
इसलिए यह बेहतर है कि अकाउंट की कई मुख्य बातें ध्यान में रखकर ही निवेश का निर्णय लें। लोग केवल टैक्स बचाने के लिए जल्दी से टैक्स सेविंग स्कीम्स में निवेश करने की गलती करते हैं। वे निवेश के समय रिस्क कवरेज और बीमा जरूरतों पर ध्यान नहीं देते हैं। इसलिए इन पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है क्योंकि जीवन बीमा टैक्स बेनिफिट से ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
टर्म इंश्योरेंस एक इंश्योरेंस है जो फिक्स रेट भुगतान पर सीमित समय के लिए कवरेज प्रदान करता है। जब यह पीरियड खत्म हो जाता है, पुरानी कीमत पर प्रीमियम की कोई गारंटी नहीं होती है, और बीमाकर्ता को कवरेज छोड़ देना चाहिए। यदि बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो लाभार्थी को मृत्यु लाभ का भुगतान किया जाएगा।
भारत में अधिकतर बीमा कंपनियां टर्म इंश्योरेंस देती हैं। टर्म प्लान में कोई मैच्योरिटी वैल्यू नहीं होती है, इसलिए लोग कम प्रीमियम वाले प्लान देखकर टर्म इंश्योरेंस लेते हैं। निवेश की दृष्टि से, प्रीमियम की राशि महावपूर्ण चीज है और यह निवेश का निर्णय लेने का सबसे मुख्य कारण नहीं होना चाहिए।
लोगों में यह धारणा है कि इंश्योरेंस की ज़रूरत केवल शादीशुदा लोगों को ही होती है। तथ्य यह है कि जीवन बीमा हर उस व्यक्ति के लिए ज़रूरी है जिस पर कोई वित्तीय रूप से निर्भर हैं। अगर आपकी शादी नहीं हुई है लेकिन आपके माता-पिता आप पर निर्भर हैं तो भी आपको जीवन बीमा की ज़रूरत है। लगभग 30 साल की उम्र में टर्म इंश्योरेंस ले लेना चाहिए। यदि उम्र कम होगी तो प्रीमियम की राशि भी कम होगी।
आपके निवेश में यह सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अपनी ज़िंदगी को सुरक्षित बनाने के लिए कितनी राशि निवेश करनी है। आपका जो आंकड़ा है, उसके अनुसार प्लान आप इन्शोरेंस कंपनियों की वेबसाइट पर देख सकते हैं। एक निवेशक को समझने में यह मददगार है, क्यों कि यहां आप अपनी आय के अनुसार केलकुलेशन कर सकते हैं। आप यहां अंदाज़ा लगा सकते हैं कि अपनी आय के अनुसार आपको कितना निवेश करना चाहिए। टर्म इंश्योरेंस क्या है और इसका क्या फायदा है, पढ़िए पूरी जानकारी
निवेश प्लान का पीरियड भी महत्वपूर्ण बिन्दु है। यह समय विभिन्न कंपनियों में अलग-अलग होता है। समय जितना ज़्यादा होगा प्रीमियम भी उतना ही ज़्यादा होगा। महिलाओं के लिए टर्म इंश्योरेंस क्यों है जरुरी?
इंश्योरेंस कंपनियां ऐसे टर्म प्लान दे रही हैं जिनमें कुल राशि को घटाने या बढ़ाने का विकल्प होता है। अपने अंतिम निर्णय तक पहुंचने से पहले एक निवेशक को अपनी जरूरतों का आंकलन हर 5 साल में करना चाहिए। कम से कम प्रीमियम के साथ एक साधारण प्लान पर्याप्त होगा। 2018 के 5 बेहतरीन टर्म इंश्योरेंस प्लान
एक निवेशक इंश्योरेंस प्लान सीधे बीमा कंपनियों की वेबसाइट से या पॉलिसी की साइट्स जैसे पॉलिसीबाज़ार और कवरफॉक्स आदि से ले सकते हैं। टर्म इंश्योरेंस प्लान ऑनलाइन खरीदने के दो फायदे हैं। यदि ऑनलाइन खरीदा जाएगा तो कम खर्च आयेगा। एक ही बीमा कंपनी का प्लान अगर ऑनलाइन खरीदा जाये तो वह ऑफलाइन की तुलना में सस्ता पड़ेगा। सबसे बड़ी बात यहाँ आप अनेक कंपनियों के प्लांस की कीमत, फीचर, विशेषताएँ और उपलब्धता देख सकते हैं। टर्म इंश्योरेंस को ऑनलाइन खरीदते समय ध्यान दें ये 5 बातें
किसी इंश्योरेंस एजेंट पर निर्भर रहने के बजाय यदि आप खुद ही फॉर्म भरते हैं तो ज़्यादा बेहतर होगा। इससे निवेशक को वहाँ लिखते समय बहुत सी चीजों की जानकारी मिलेगी। इसमें आपको फेमिली हिस्ट्री, स्मोकिंग, अभी का ट्रीटमेंट, यदि कोई चल रहा है तो, पुरानी बीमारी, ये सब बताना चाहिए, नहीं तो आवेदन पूरा नहीं होता है। चिंता मुक्त रहना है तो टर्म प्लान का बीमा लीजिये
बीमा लेने वाले के लिए यह भी ज़रूरी है। यह सलाह दी जाती है कि टर्म इंश्योरेंस के लिए अपने निर्भर व्यक्ति को नॉमिनी बनाएँ, और नॉमिनी को भी इंश्योरेंस कवर का पता रहे जो आप ले रहे हैं और साथ ही उसको यह भी पता रहे कि डोक्यूमेंट कहाँ रखे हैं। यदि बीमित व्यक्ति की असामयिक मृत्यु हो जाती है तो टर्म प्लान का लाभ प्लान के नॉमिनी को मिलेगा।
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