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सरकार लाचार : तेजी से बढ़ रहा नकली नोटों का कारोबार

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नई दिल्ली। भारतीय नोटों के साथ जालसाजी काफी तेजी से बढ़ी है। नोटबंदी के बाद नए डिजायन और आकार के नोट जारी किए गए थे, लेकिन जालसाजों ने इनकी भी नकल कर ली है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जारी एक रिपोर्ट में साफ साफ बताया है कि नकली नोटों का कारोबार थमा नहीं, बल्कि बढ़ा ही है। पाकिस्तान इस खेल को अब खुलकर खेल रहा है। हालांकि नोटबंदी के बाद कुछ समय तक नकली नोटों का कारोबार काफी समय तक थमा रहा था। लेकिन अब पाकिस्तान ने इन नोटों की नकल बनाने में कामयाबी हासिल कर ली है। इन नोटों को छापने स्पेशल स्याही का इस्तेमाल होता है। यह स्याही आमतौर पर लोगों को नहीं मिल सकती है। यह स्याही सरकारों को ही बेची जाती है। इससे साफ है कि पाकिस्तान इस स्याही को खरीदकर अपने सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में नकल भारतीय करेंसी धल्लड़ले से छाप रहा है। इसके अलावा अब पाकिस्तान इन नोटों को अपनी सीमा के माध्यम के अलावा अन्य रास्तों से भी भारत भेज रहा है। इसमें नेपाल का इस्तेमाल कर रहा है। कुछ समय पहले ही नेपाल के हवाई अड्डे पर भारी मात्रा में भारत की नकली करेंसी पकड़ी गई थी। ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि आपके पास जो 500 रुपये या 2000 रुपये का नोट वह असली है या नकली। आइये यह भी जानते हैं कि कैसे पहचाने इन नोटों को।

ये है नकली नोटों का हाल
 

ये है नकली नोटों का हाल

आरबीआई की तरफ से दी जानकारी के अनुसार नए डिजायन के 500 रुपये के नोटों की जालसाजी वर्ष 2018-19 में पिछले साल की तुलना में 121 फीसदी बढ़ी है। वहीं 2,000 रुपये के नोटों की जालसाजी 21.9 फीसदी बढ़ी है। वहीं 200 रुपये के नोटों के कुल 12,728 जाली नोट पकड़े गए हैं, जबकि 1 साल पहले यह संख्या मात्र 79 थी। 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोटों की जालसाजी में क्रमश: 20.2 फीसदी, 87.2 फीसदी और 57.3 फीसदी की वृद्धि हुई है। हालांकि केवल 100 रुपये का ऐसा नोट है जिसकी जालसाजी में 7.5 फीसदी की कमी देखी गई है। आरबीआई के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में बैंकिंग क्षेत्र में जिन नकली भारतीय नोटों की पहचान की गई है, उसमें 5.6 फीसदी आरबीआई ने की है और 94.4 फीसदी बैंकों ने की है। आरबीआई के अनुसार 1 जुलाई 2018 से 30 जून 2019 के बीच नोटों की छपाई में कुल 48.11 अरब रुपये खर्च किए गए, जबकि पिछले साल इसमें 49.12 अरब रुपये खर्च किए गए थे।

पाकिस्तान है नकली नोटो के पीछे

पाकिस्तान है नकली नोटो के पीछे

पाकिस्तान से भारत में झोंके जा रहे 2000 रुपये के नए नोट की ताजा खेप की जब्ती ने हिंदुस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस खेप में सप्लाई किए जा रहे 2000 रुपये के नोट में पाकिस्तानी तंत्र ने उन सभी सुरक्षा इंतजामों की हू-ब-हू नकल कर ली, जो बिना सरकारी मदद के मुमकिन नहीं है। सच तो यह है कि पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में छपकर भारतीय बाजार में लाकर झोंके जा चुके 2000 के इन नकली और भारत के असली नोट में फर्क करते वक्त भारतीय एजेंसियां और दिल्ली पुलिस भी चकराने लगी है।

बड़ी साजिश का हिस्सा
 

बड़ी साजिश का हिस्सा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में जब्त नकली नोटों की खेप की जांच के बाद यह साबित हो रहा है कि एक बड़ी साजिश के तहत पाकिस्तान का सरकारी तंत्र भारत की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने के लिए हाई-क्वालिटी के जाली भारतीय नोट थोक के हिसाब से छाप रहा है। जांच में पता चला है कि कराची के 'मलीर-हाल्ट' इलाके में स्थित 'पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस' में छापे जा रहे इस जाली नोट में भी पहली बार 'ऑप्टिकल वेरियबल इंक' का इस्तेमाल किया गया है। यह विशेष किस्म की स्याही 2000 के नोट के धागे पर इस्तेमाल होती है। इस इंक की खासियत है कि यह नोट पर हरे रंग की दिखाई देती है। नोट की दिशा ऊपर-नीचे करने पर इस स्याही का रंग बदलकर खुद-ब-खुद नीला हो जाता है। सूत्रों के मुताबिक छह महीने पहले तक पकड़े जा चुके जाली नोटों की खेप में इस इंक का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। सूत्रों के मुताबिक, यह खास किस्म की स्याही एक विदेशी कंपनी बनाती है, जिसकी आपूर्ति सिर्फ चुनिंदा देशों की सरकार को ही की जाती है।

आसानी से नहीं मिलती है यह स्याही

आसानी से नहीं मिलती है यह स्याही

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार की मदद के बगैर इस इंक का इस्तेमाल जाली भारतीय नोटों को छापने में नहीं किया जा सकता है। 'ऑप्टिकल वेरियबल इंक' के इस्तेमाल से अब यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर ही पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में भारत की जाली मुद्रा धड़ल्ले से छप रही है। छपने के बाद भारत में इनके वितरण के लिए कराची में बैठे भारत के मोस्ट वॉन्टेड डॉन दाउद इब्राहिम के कंधों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और भारतीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ है किए इस वक्त चलन में अत्याधुनिक भारतीय मुद्रा (नोटबंदी के बाद छापे गए दो हजार और पांच सौ के नए नोट) एक और प्रमुख सिक्योरिटी फीचर की भी पहली बार आईएसआई ने हू-ब-हू नकल कर ली है।

भारत के लिए खतरनाक संकेत

भारत के लिए खतरनाक संकेत

यह भी उच्च भारतीय तकनीक का ही कमाल है कि, नोट को गोल आकार में मोड़ने पर इन लाइनों के आपस में सधे हुए तरीके से मिल पाना अब तक लगभग नामुमकिन समझा जाता था। अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा शुरू किए गए जाली नोटों के इस फजीर्वाड़े में इन लाइनों का मिलान कराना करीब-करीब संभव सा ही हो गया है जोकि उच्च क्वालिटी की असली भारतीय मुद्रा के लिए आने वाले समय में बेहद घातक साबित हो सकता है। यहां उल्लेखनीय है कि बीते छह महीने में ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारत में जब्त एफआईसीएन (फेक इंडियन करेंसी नोट) 2000 के भारतीय नोट में (24 अगस्त को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सहायक पुलिस आयुक्त अतर सिंह की टीम द्वारा जब्त) अधिकांश हाई सिक्योरिटी फीचर मौजूद मिले हैं। जोकि आने वाले समय में भारतीय खुफिया जांच एजेंसियों सहित भारतीय अर्थ-व्यवस्था के लिए सबसे ज्यादा घातक सिद्ध हो सकता है।

नोटबंदी के बाद कुछ समय तक पाक से नहीं आ रहे थे नकली नोट

नोटबंदी के बाद कुछ समय तक पाक से नहीं आ रहे थे नकली नोट

वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से पाकिस्तान से नकली नोटों का आना काफी समय तक तकरीबन बंद रहा। हालांकि, इसी साल जून के पहले ही सप्ताह में नेपाल की पुलिस ने काठमांडू स्थित त्रिभुवन हवाई अड्डे पर करीब 7.67 करोड़ रुपये के जाली भारतीय मुद्रा की बड़ी खेप पकड़ी थी। काठमांडू में जाली भारतीय नोटों की उस बड़ी खेप की जब्ती से भारतीय खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। भारतीय जाली नोटों की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के दौरान ही यह बात भी निकल कर सामने आई थी कि अब पाकिस्तानी आकाओं ने नेपाल के रास्ते न भेजकर कतर के रास्ते जाली नोट भारत में झोंकने का नया रूट तलाश लिया है। ताकि भारतीय खुफिया एजेंसियों की आंखों में धूल आराम से झोंकी जा सके।

2000 का नोट असली है या नहीं, ऐसे जानें

2000 का नोट असली है या नहीं, ऐसे जानें

500 रुपये और 2000 रुपये का नोट असली है या नकली, यह जानने के लिए रिजर्व बैंक ने तरीका बताया है। उसकी बेवसाइट पर दी जानकारी के अनुसार नकली नोटों को पहचाना जा सकता है।

2000 का नोट असली है या नहीं, ऐसे जानें

-नोट को रोशनी के सामने रखने पर 2000 रुपये लिखा दिखेगा

-आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर रखने पर 2000 लिखा दिखेगा

-देवनागरी में 2000 लिखा दिखेगा

-नोट के केन्द्र में सेंटर में महात्मा गांधी की तस्वीर है

-छोटे-छोटे अक्षरों में आरबीआई अंग्रेजी और 2000 लिखा है

-नोट के सिक्योरिटी थ्रेड पर भारत, आरबीआई अंग्रजी में और 2000 लिखा है

-नोट को हल्का सा मोड़ने पर इसके थ्रेड का रंग हरा से नीला हो जाता है

-गारंटी क्लॉज, गवर्नर के हस्ताक्षर, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो नोट के दाहिने भात में है

-महात्मा गांधी की तस्वीर और इलेक्ट्रोटाइप (2000) वाटरमार्क है

-ऊपर में सबसे बाईं तरफ और नीचे में सबसे दाहिने तरफ लिखे नंबर बाएं से दाएं तरफ धीरे धीरे बड़े होते जाते हैं

-नोट के दाहिनी तरफ अशोक स्तम्भ बना हुआ है

500 रुपये का नोट असली है नकली, ऐसे पहचानें

500 रुपये का नोट असली है नकली, ऐसे पहचानें

-इस नोट को रोशनी के सामने रखने पर यहां 500 लिखा दिखेगा

-आंखों के सामने 45 डिग्री पर रखने पर यहां 500 लिखा दिखेगा

-देवनागरी में 500 लिखा दिखेगा

-पुराने नोट की तुलना में महात्मा गांधी की तस्वीर की पोजिशन में मामूली सी अलग है

-500 के नोट को हल्का सा मोड़ने पर सिक्योरिटी थ्रेड का रंग हरा से नीला हो जाता है

-पुराने नोट की तुलना में गारंटी क्लॉज, गवर्नर के हस्ताक्षर, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ लगाया गया है

-इस जगह पर महात्मा गांधी का फोटो और इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क है

-ऊपर में बाईं तरफ और नीचे में सबसे दाहिने तरफ लिखे नंबर बाएं से दाएं देखने पर बड़े होते जाते हैं

-नोट पर लिखा 500 का रंग बदलता है। यह हरा से नीला होता जाता है

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English summary

Fake notes of 500 rupees and 2000 rupees coming from pakistan how to identify a fake or genuine note

Pakistan has copied the Rs 500 and Rs 2000 notes issued after the note ban.
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