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Mutual Fund : मार्च में मिला FD से डेढ़ गुना रिटर्न, जानें अच्छी स्कीमों का प्रदर्शन

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नई दिल्ली। म्युचुअल फंड (mutual fund) देश में तेजी से निवेश (investment) का विकल्प बन कर उभर रहे हैं। हर माह म्युचुअल फंड में निवेश का बढ़ना यही दर्शाता है। निवेश करने वालों को यहां पर पैसा लगाने पर अच्छा रिटर्न भी मिल रहा है। मार्च 2019 में म्युचुअल फंड में निवेश करने वालों को बैंक एफडी (Bank FD) से करीब डेढ गुना तक रिटर्न मिला है। मार्च में ICICI Pru Small cap Mutual Fund - D (G) स्कीम ने 12.5 फीसदी का रिटर्न दिया है। बैंकों में इस वक्त 1 साल की एफडी (FD) पर करीब 8 फीसदी का ब्याज मिल रहा है, जबकि म्युचुअल फंड की स्कीम ने एक माह में ही 12.5 फीसदी का रिटर्न मिला है। यहां पर खास बात यह है कि निवेश अपना पैसा म्युचुअल फंड (mutual fund) से चाहें तो एक माह में निकाल सकते हैं, लेकिन बैंक एफडी (Bank FD) से अगर आप पैसा बीच में निकालना चाहें तो पेनाल्टी देना होती है।

Mutual Fund : सिर्फ मार्च में ही दिया FD से डेढ़ गुना रिटर्न

 

म्युचुअल फंड के बारे में

देश में इस वक्त करीब 42 म्युचुअल फंड (mutual fund) कंपनियां है। यह कंपनियां लोगों को करीब 1200 इक्विटी स्कीम निवेश के लिए चला रही हैं। इनमें ज्यादातर ओपेन एंडेड स्कीम (mutual fund Open end scheme) हैं। ओपेन एंडेड स्कीम में पैसा कभी भी लगाया जा सकता है और कभी भी निकाला जा सकता है। वहीं क्लोज एंडेड स्कीम (mutual fund Close-ended scheme) में पैसा लगाने के बाद उसकी मैच्येरिटी पर ही निकाला जा सकता है।

मार्च में प्रमुख कैटेगरी की म्युचुअल फंड (Mutual Fund) स्कीमों का रिटर्न

मार्च में प्रमुख कैटेगरी की म्युचुअल फंड (Mutual Fund) स्कीमों का रिटर्न

स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड (Small Cap Mutual Fund)

-ICICI Pru Small cap Mutual Fund - D (G) ने दिया 12.5 फीसदी का रिटर्न

-Sundaram Select Micro Cap-Sr 17 Mutual Fund -DP-G ने दिया 11.4 फीसदी का रिटर्न

-ABSL Small Cap Mutual Fund - D (G) ने दिया 9.9 फीसदी का रिटर्न

लार्ज कैप म्युचुअल फंड (Large Cap Mutual Fund)

-HDFC Top 100 Mutual Fund - D (G) ने दिया 9 फीसदी का रिटर्न

-DSP Top 100 Equity Mutual Fund Direct (G) ने दिया 8.1 फीसदी का रिटर्न

-Reliance Large Cap Mutual Fund - Direct (G) ने दिया 8.0 फीसदी का रिटर्न

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लार्ज एंड मिड कैप म्युचुअल फंड (Large & Mid Cap Mutual Fund)
 

लार्ज एंड मिड कैप म्युचुअल फंड (Large & Mid Cap Mutual Fund)

-HDFC Growth Opportunities Mutual Fund - D (G) ने दिया 9.1 फीसदी का रिटर्न

-DSP Equity Opportunities Mutual Fund - Direct (G) ने दिया 8.3 फीसदी का रिटर्न

-Reliance Vision Mutual Fund - Direct (D) ने दिया 7.2 फीसदी का रिटर्न

मिड कैप म्युचुअल फंड (Mid Cap Mutual Fund)

-HDFC MidCap Opport Mutual Fund - Direct (G) ने दिया 8.9 फीसदी का रिटर्न

-Tata Mid Cap Growth Mutual Fund - Direct (G) ने दिया 8.5 फीसदी का रिटर्न

-ABSL Midcap Mutual Fund -Direct (G) ने दिया 8.3 फीसदी का रिटर्न

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टैक्स सेवर म्यूचुअल फंड (Tax Saver Mutual Fund) या ईएलएसएस (ELSS)

टैक्स सेवर म्यूचुअल फंड (Tax Saver Mutual Fund) या ईएलएसएस (ELSS)

-HSBC Tax Saver Equity Mutual Fund -Direct (G) ने दिया 9.5 फीसदी का रिटर्न

-Sundaram LT Tax Adv.- Sr-III- DP (G) Mutual Fund ने दिया 9.1 फीसदी का रिटर्न

-IDFC Tax Adv. (ELSS) -Direct (G) Mutual Fund ने दिया 8.4 फीसदी का रिटर्न

(नोट : म्युचुअल फंड (mutual fund) स्कीम का यह रिटर्न 31 मार्च 2019 तक का है।)

शेयर बाजार के एक्सपर्ट (Stock market expert) की राय

शेयरखान में उपाध्यक्ष मृदुल कुमार वर्मा के म्युचुअल फंड (mutual fund) में निवेश हरदम ही अच्छा माना जाता है। लोगों को चाहिए अपना कुछ न कुछ पैसा म्युचुअल फंड (mutual fund) में जरूर लगाएं। हालांकि इनका मानना है कि म्युचुअल फंड में पैसा हरदम हर माह निवेश के तरीके यानी सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (सिप) (Systematic Investment Plan) (SIP) के तहत ही लगाना चाहिए। इस तरीके से निवेश करने पर जहां रिस्क कम हो जाता है वहीं अच्छे रिटर्न का चांस बढ़ जाता है। इसके अलावा सबसे जरूरी बात है कि लोगों को म्युचुअल फंड (mutual fund) में सिप (sip) माध्यम से पैसा कम से कम 3 से 5 साल के लिए लगाना चाहिए, तभी अच्छा रिटर्न (mutual fund return) मिलेगा।

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जानें म्युचुअल फंड में सिप क्या है (What is SIP)

जानें म्युचुअल फंड में सिप क्या है (What is SIP)

म्युचुअल फंड (mutual fund) में निवेश के एक तरीके को सिस्टेमेटिक प्लान (Sistmatic Investment Plan) यानी सिप (SIP) कहते हैं। सिप (SIP) में किसी म्यूच्यूअल फंड में एक निश्चित अंतराल पर लगातार निवेश किसा जाता है। दरअसल यह करीब करीब पोस्ट ऑफिस (Post office) की आरडी (RD) की तरह होता है। इस तरह का निवेश शेयर बाजार मे होने वाले उतार चढ़ाव का म्युचुअल फंड (mutual fund) पर पड़ने वाले निगेटिव प्रभाव को कम करता है और रिटर्न का बढ़ाने में मदद करता है।

सिप (SIP) या एकमुश्‍त कर सकते हैं निवेश

म्‍युचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश में दो विकल्‍प मिलते हैं। एक में पैसा एक साथ लगा सकते हैं, जबकि दूसरे में हर माह निवेश का विकल्‍प का मिलता है। हर माह निवेश के विकल्प को सिस्‍टेमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) कहते हैं। अगर आपके पास एक साथ बड़ी रकम नहीं है तो आप सि‍स्‍टमैटि‍क इनवेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP) के माध्‍यम से निवेश शुरू कर सकते हैं। म्‍युचुअल फंड की कई स्‍कीम 500 रुपये से निवेश की शुरुआत की अनुमति देती हैं।

हालांकि सिप (SIP) से निवेश में आसानी

सिप (SIP) माध्यम से निवेश करने मैं बहुत ही आसानी है। इसमें निवेश करने के लिए आपको चुने गए म्युचुअल फंड (mutual fund) को अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होता है। इससे आपकी तरफ से तय की गई तारीख को आपकी तरफ से तय की गई रकम आपके बैंक अकाउंट से अपने आप ही कट कर म्युचुअल फंड कंपनी में चली जाती है। सिप (SIP) शुरू करने के बाद यह पूरा प्रोसेस अपने आप हर माह होता रहता है।

सिप (SIP) से घटता है निवेश का जोखिम

म्युचुअल फंड (mutual fund) में सिस्टेमेटिक प्लान (Sistmatic Investment Plan) यानी सिप (SIP) माध्यम से निवेश करने से जोखिम कम होता है और ज्यादा लाभ मिलने का चांस बढ़ जाता है। जब भी हम किसी म्युचुअल फंड में सिप (SIP) के माध्यम से निवेश करते हैं तो हमारा पैसा एक निश्चित अंतराल पर म्यूच्यूअल फंड (mutual fund) में निवेश होता है जो शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करता है। इसके अन्य फायदे जानते हैं

छोटी रकम से निवेश संभव

अगर आप के पास एकमुश्त रकम नहीं है तो सिप (SIP) की शुरुआत केवल 500 रुपये से भी हो सकती है। बाद में धीरे धीरे यही छोटी रकम एक दिन बड़ी रकम का रूप ले लेगी।

सिप (SIP) में होता है कम रिस्क

सिप (SIP) में एक निश्चित अंतराल पर रकम म्यूच्यूअल फंड (mutual fund) में डाली जाती है। इससे मार्केट में होने वाली है उतार-चढ़ाव मे होने वाले जोखिम को कम करता है। इसे समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए आपके पास 1,00000 रुपये निवेश करने के लिए है। और इस रकम को आप एक साथ निवेश ना करके आप इस रकम को 10,000-10,000 हजार रुपये की 10 किस्त में हर महीने जमा करते हैं यानी हर महीने 10,000 हजार रुपये का निवेश करते हैं। ऐसे में शेयर बाजार मे होने वाले उतार चढ़ाव को एवरेज करने का मौका आपको 10 बार मिलेगा, जो आपका रिस्क कम कर देगा।

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म्‍युचुअल फंड (Mutual fund) से जुड़े शब्‍द

म्‍युचुअल फंड (Mutual fund) से जुड़े शब्‍द

एनएवी (NAV) (Net Asset Value) : जब भी म्यूचुअल फंड (Mutual fund) की बात होती है तब एक टर्म जो बार-बार प्रयोग में आती है, वह है- NAV. एक म्यूचुअल फंड (Mutual fund) कई जगह पैसे निवेश करता है इसलिए अगर किसी समय फंड से पैसा वापस लेना है तो यह उसकी NAV पर निर्भर करता है। अगर बेचना न भी हो तो फंड में पैसे के बारे में जानने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। किसी म्यूचुअल फंड (Mutual fund) की NAV वो कीमत है जिससे उस फंड की एक यूनिट खरीदी या बेची जा सकती है।

ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी एसेट (Asset Management Company) (AMC) : मैनेजमेंट कंपनी वह कंपनी होती है जो अलग-अलग प्रकार की म्यूचुअल फंड (Mutual fund) स्कीम लेकर बाजार में आती हैं। जैसे रिलायंस ग्रोथ फंड (म्यूचुअल फंड स्कीम) को रिलायंस कैपिटल ऐसेट मैनेजमेंट लिमिटेड ने लॉन्च किया, जो एक एएमसी यानी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी है।

पोर्टफोलियो मैनेजर (Portfolio Manager) : एक बार अगर आपका पैसा म्यूचुअल फंड (Mutual fund) स्कीम में चला गया, तब उस धन का प्रबंधन पोर्टफोलियो मैनेजर करते हैं। वे आपके धन को शेयर या फिर बॉन्ड में निवेश करते हैं, यह निवेश आपकी स्कीम कैसी है उस पर निर्भर करता है। अगर स्कीम के नजरिये से देखा जाये तो उनके निर्णय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि वे सिर्फ आपका नहीं, बल्कि आपके जैसे हजारों लोगों के धन का प्रबंधन करता है।

म्‍युचुअल फंड इंट्री लोड (MF Entry load) : म्‍युचुअल फंड इंट्री लोड एक महत्वपूर्ण शब्द है, जो हर म्यूचुअल फंड (Mutual fund) निवेशक के सामने आता है। एंट्री लोड और एक्ज‍िट लोड यानी जब आप निवेश कर रहे हैं, उस वक्त पड़ने वाला शुल्क और जब आप स्कीम से बाहर निकल रहे हैं, उस वक्त पड़ने वाला शुल्क, जब आप म्चूचुअल फंड (Mutual fund) खरीदते हैं तब कई बार आपको एनएवी से ज्यादा पैसा देना पड़ता है। और बेचते वक्त हो सकता है आपको कम एनएवी मिले. हालांकि यह निवेशकों के लिये अच्छा नहीं होता।

म्‍युचुअल फंड पोर्टफोलियो (Mutual Fund Portfolio) : सभी शेयर और निवेश किया गया धन मिलकर पोर्टफोलियो बनता है, तो अगर कोई म्यूचुअल फंड स्कीम रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज ऑटो, आईडीबीआई बैंक और कुछ सरकारी बॉन्ड खरीदते हैं तो ये सभी एकत्र होकर एक पोर्टफोलियो बनते हैं।

एयूएम (AUM) : पूर्ण धन जो निवेश किया गया है, उस कुल धन को एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम कहते हैं। एयूएम (AMU) बाजार के वातावरण और निवेशकों के निवेश व धन निकालने की तीव्रता के हिसाब से घटता बढ़ता रहता है।

एसआईपी (SIP) : ज्यादातर ओपन एंडेड में आप हर महीने छोटे-छोटे निवेश कर सकते हैं या फिर तिमाही, छहमाही या सालाना भी। इसे सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) कहते हैं. यह बैंक के आवर्ती जमा की तरह कार्य करता है।

एनएफओ न्यू फंड ऑफर (NFO) : म्यूचुअल फंड (Mutual fund) के नये ऑफर होते हैं जिनकी फेस वैल्यू 10 रुपए होती है।

(नोट-निवेश सलाह ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

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English summary

Mutual fund Returns of mutual fund schemes in March 2019

In March 2019, mutual fund schemes have given more returns than bank FD.
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