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2000 रुपये के नोट को लेकर जानिए सरकार ने क्या कहा

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नयी दिल्ली। 2016 में हुई नोटबंदी के बाद चलन में आये 2,000 रुपये के नोट को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर फर्जी खबरे फैलायी जा चुकी हैं। इन झूठी खबरों में अकसर कहा जाता है कि 2000 रुपये का नोट बंद हो जायेगा या सरकार इन नोटों को वापस जमा कर लेगी। सरकार की तरफ से कई बार पहले भी इस पर सफाई दी चुकी है कि 2000 रुपये का नोट वापस बंद करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। अब एक बार फिर इसी मामले पर सफाई देते हुए वित्त और कॉपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में सरकार द्वारा 2000 रुपये का नोट वापस लेने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। ठाकुर ने एक सवाल के जवाब में राज्य सभा में यह जानकारी दी, जिसमें पूछा गया था कि क्या सरकार 2000 रुपये का नोट बंद करेगी।

2000 रुपये के नोट को लेकर जानिए सरकार ने क्या कहा

 

किसने पूछा था सवाल

2000 रुपये का नोट बंद करने को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद ने सवाल पूछा था। निषाद ने कहा कि 2000 रुपये के नोट के चलते ब्लैकमनी बढ़ी है। लोगों के बीच गलतफहमी है कि आप 2000 रुपये का नोट को बदलने के लिए 1000 रुपये का नोट फिर से शुरू करने जा रहे हैं। निषाद के इसी सवाल के जवाब में ठाकुर ने सफाई दी। आपको पता होगा कि नवंबर 2016 में मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिये थे। इनमें 500 रुपये का नया नोट और 1000 की जगह 2000 रुपये का नोट जारी किया गया था।

कितना है नोटों का चलन

वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर करेंसी सर्कुलेशन यानी सिस्टम में मुद्रा चलन के बारे में कहा कि इसी साल मार्च तक नोटों का सर्कुलेशन 21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। वहीं मार्च 2018 तक यह करीब 18 लाख करोड़ रुपये और मार्च 2017 तक 13 लाख करोड़ रुपये था। वहीं नोटबंदी से पहले मार्च 2016 तक यह आँकड़ा 16.41 लाख करोड़ रुपये का था। सरकार ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी की थी।

 

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English summary

What is the future of 2000 rupee notes Know here

Govt rubbishes reports of ban of 2000 note. Fake news have been circulating in this regard on social media.
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