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रिलायंस जियो बेचेगी अपनी टावर संपत्ति, सीसीआई से मिली मंजूरी

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नयी दिल्ली। रिलायंस जियो अपनी टेलीकॉम टावर एसेट्स बेचने की तैयारी में है। जियो अपनी टेलीकॉम संपत्तियाँ कनाडा की ब्रूकफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स और दूसरे निवेशकों को बेचेगी। रिलायंस जियो को अपनी टेलीकॉम संपत्तियां बेचने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग या सीसीआई की मंजूरी मिल गयी है। करीब एक महीने पहले देश की इकलौती मुनाफे में चल रही टेलीकॉम कंपनी जियो की पेरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया था कि इसने एसेट मैनेजमेंट फर्म ब्रुकफील्ड के साथ अपनी टावर इकाई में 25,215 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एक समझौता किया है। इस सौदे के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज का उद्देश्य अपने हाई कैपेक्स दूरसंचार व्यवसाय में कर्ज को कम करना और डिजिटल सेवाओं को तैयार करने पर ध्यान देना है।

क्या हुआ है समझौता

क्या हुआ है समझौता

एग्रीमेंट के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडरी रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग्स या आरआईआईएचएल ने ब्रूकफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स और इसके साझेदारों के साथ टॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट द्वारा जारी की जाने वाली इकाइयों में 25,215 करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता किया है। सौदे में शामिल ब्रूकफील्ड के साझेदार ब्रिटिश कोलंबिया इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन, जीआईसी इंफ्रा होल्डिंग्स की सब्सिडरी एनहेरा इन्वेस्टमेंट और वैल्केरी लोन इनवेस्टमेंट हैं। आपको बता दें कि टावर इन्फ्रा ट्रस्ट की रिलांयस जियो इन्फ्राटेल में 51 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी प्रमुख स्पॉन्सर आरआईआईएचएल है।

जियो को मिलेगी 30 साल तक सर्विस
 

जियो को मिलेगी 30 साल तक सर्विस

करार में मास्टर सर्विसेज एग्रीमेंट करार के तहत जियो टावर पोर्टफोलियो का 30 साल तक इस्तेमाल करेगी। एक ऐसे समय में जब भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया अभी भी इंडस टावर्स और भारती इंफ्राटेल के विलय के लिए सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं, टावर हिस्सेदारी का सौदा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दूरसंचार सेक्टर में चल रहे कॉम्पिटीशन में जियो को अधिक क्षमता मिलेगी। रिलायंस ने पिछले साल जुलाई में इस सौदा का ऐलान कर दिया था। केवल रेगुलेटरी मंजूरियां मिलनी बाकी थीं।

इन्फ्रा एसेट्स को किया गया था अलग

इन्फ्रा एसेट्स को किया गया था अलग

सौदे की घोषणा से पहले मार्च 2019 में करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की टावर और फाइबर पैसिव इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स को रिलायंस जियो से अलग किया गया था। फाइबर और टावर बिजनेस, जियो डिजिटल फाइबर और रिलायंस जियो इन्फ्राटेल तीनों अलग-अग इकाइयों के रूप में मौजूद हैं। रिलायंस जियो इन्फ्राटेल के पोर्टफोलियो में 130,000 संचार टावर हैं, जिसे बढ़ाकर 175,000 करने की योजना है।

 

रिलायंस जियो ने शुरू की नयी धमाकेदार सर्विस, पेटीएम और गूगलपे से होगा मुकाबला

English summary

Reliance Jio will sell its tower property approval from CCI

Jio will sell its telecom assets to Canada's Brookfield Infrastructure Partners and other investors. Reliance Jio has got the approval of Competition Commission of India or CCI to sell its telecom assets.
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