For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

जीएसटी : जानिए सरकार और देश की चिंता और हर महीने का कलेक्शन

|

नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) कलेक्शन के आंकड़े लगातार सरकार के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। अचानक किसी माह जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकलता है, तो लगता है कि सब कुछ ठीक हो रहा है। लेकिन फिर कइ महीनों के जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के नीचे चला जाता है। यह जीएसटी लागू होने के बाद से हो रहा है। जीएसटी जुलाई 2017 को लागू हुई थी। तब से अब तक 29 महीने हो चुके हैं। इन 29 महीनों में केवल 9 बार ही जीएसटी का कलेक्शन का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला है। हालांकि जीएसटी लागू करने के दौरान यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि जल्द ही हर माह जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगा। लेकिन यह जीएसटी लागू होने के 29 माह बाद भी नहीं हो पाया है। यही कारण है कि अब जीएसटी की दरें बढ़ाने की तैयारी है। यानी पहले जीएसटी की दरें घटाई और बढ़ाया जाएगा।

 

क्या है चिंता का कारण

जीएसटी या कोई भी टैक्स तभी लोग देते हैं, जब कुछ खरीदते हैं या सेवा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अगर जीएसटी कलेक्शन नहीं बढ़ पा रहा है तो क्या यह नहीं माना जा सकता कि देश की अर्थव्यवस्था जीएसटी लागू होने वाली समय के करीब ही ठहरी हुई है।

आइये जानते हैं जीएसटी कम करने के तर्क का मतलब

आइये जानते हैं जीएसटी कम करने के तर्क का मतलब

जीएसटी जब लागू हुई थी, तब कई वस्तुओं पर इसकी दर ज्यादा थी, जिसे बाद में घटाया गया। यह ज्यादातर वस्तुएं रोज के इस्तेमाल की थीं। लेकिन सस्ता होने के बाद इनकी मांग नहीं बढ़ी। क्योंकि अगर मांग बढ़ती तो जीएसटी कलेक्शन बढ़ता। यानी लोग किसी तरह अपनी जरूरत का सामान ही खरीद पा रहे हैं। उनके हाथ में ज्यादा पैसा नहीं है, जिससे जीएसटी घटने के बाद भी वस्तुओं की मांग नहीं बढ़ी है।

-वर्ष 2017-18 में केवल 1 बार ही जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला

-वर्ष 2018-19 में केवल 4 बार ही जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला

-वर्ष 2019-20 के दौरान नवंबर तक केवल 4 बार ही 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला

आइये जानते हैं कि महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन कितना रहा

2019-20 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन
 

2019-20 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन

-अप्रैल में 1,13,865 रुपये

-मई में 1,00,289 रुपये

-जून में 99,939 रुपये

-जुलाई में 1,02,000 रुपये

-अगस्त में 98,203 रुपये

-सितंबर में 91,916 रुपये

-अक्टूब में 95,380 रुपये

-नवंबर में 1,03,491 रुपये

2018-19 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन

2018-19 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन

-अप्रैल में 1,03,458 रुपये

मई में 94,016 रुपये

जून में 95,610 रुपये

जुलाई में 96,500 रुपये

अगस्त में 93,960 रुपये

सितंबर में 94,442 रुपये

अक्टूबर में 1,00,710 रुपये

नवंबर में 97,637 रुपये

दिसंबर में 94,700 रुपये

जनवरी में 1,02,000 रुपये

फरवरी में 97,247 रुपये

मार्च में 1,06,577 रुपये

वर्ष 2017-18 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन

वर्ष 2017-18 में महीने के हिसाब से जीएसटी कलेक्शन

जुलाई में 94,063 रुपये

अगस्त में 90,669 रुपये

सितंबर में 93,141 रुपये

अक्टूबर में 83,346 रुपये

नवंबर में 80,808 रुपये

दिसंबर में 86,703 रुपये

जनवरी में 86,318 रुपये

फरवरी में 85,174 रुपये

मार्च में 1,03,458 रुपये

GST : कारोबारी ऐसे पाएंगे 3000 रुपये की पेंशन, उठाएं फायदा

English summary

Monthly GST Collection data how many times gst collection exceeded 1 lakh crore rupees

How many times GST collection has been more than Rs 1 lakh crore after implementation. How many months were implemented in GST. When was GST implemented. GST collection figures. GST collection by month of GST implementation so far.
Company Search
Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
Have you subscribed?
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Goodreturns sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Goodreturns website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more