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Loan लेने वालों को बड़ी राहत, 2 साल तक मिल सकती है किस्त भरने से छूट

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नई द‍िल्‍ली: कोरोना संकट से जूझ रही आम लोगों को केंद्र सरकार एक बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। ज‍िसके तहत लोन लेने वालों को बड़ी राहत म‍िल सकती है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि लोन मोराटोरियम की सुविधा को 2 साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। बता दें कि इस पर फैसला आरबीआई और बैंक करेंगे।

Loan लेने वालों को राहत, 2 साल तक मिल सकती किस्त भरने से छूट

 

3 महीने के लिए बढ़ाया गया था लोन मोरेटोरियम

बीते मार्च महीने में कोरोना संकट को देखते हुए रिजर्व बैंक के निर्देश पर बैंकों ने एक अहम फैसला लिया था। आरबीआई ने तीन महीने के लिए लोन मोरेटोरियम का ऐलान किया था। लेकिन बाद में इस अवधि को 3 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दलील दी है कि कोरोना संकट में जिन कठिन आर्थिक हालातों को देखते हुए मोरेटोरियम सुविधा दी गई थी वह अभी समाप्त नहीं हुई है, ऐसे में मोरेटोरियम की सुविधा को इस साल दिसंबर तक बढ़ाया जाना चाहिए।

 31 अगस्त को खत्म हुआ लोन मोरेटोरियम

31 अगस्त को खत्म हुआ लोन मोरेटोरियम

आज मंगलवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के माध्यम से केंद्र और आरबीआई ने अदालत को सूचित किया कि लोन के पुनर्भुगतान पर मोहलत 2 साल तक बढ़ सकती है। तुषार मेहता ने कहा कि हम प्रभावित सेक्टर्स की पहचान कर रहे है। जो कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान के प्रभाव के अनुसार अलग-अलग लाभ उठा सकते हैं। लोन मोरेटोरियम एक तरह की सुविधा है जो कोरोना से प्रभावित ग्राहकों या कंपनियों को दी जा रही थी। इसके तहत ग्राहक या कंपनियां अपनी मासिक किस्त को टाल सकती हैं। इस सुविधा का लाभ लेते वक्त तात्कालिक राहत तो मिलती है लेकिन बाद में ज्यादा पैसे देने होते हैं। मार्च से शुरू हुई ये सुविधा सिर्फ 31 अगस्त तक के लिए थी।

 पिछले हफ्ते सरकार पर की थी सख्त टिप्पणी
 

पिछले हफ्ते सरकार पर की थी सख्त टिप्पणी

इसके पहले पिछले हफ्ते इस मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के प्रति सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि लोन मोरेटोरियम के मामले में वह अपना रुख स्पष्ट करने के लिए जल्द हलफनामा दे और रिजर्व बैंक के पीछे छुपकर अपने को बचाये नहीं। लोन मोरेटोरियम यानी कर्ज की किश्तें चुकाने के लिए मिली मोहलत के दौरान ब्याज माफी के अनुरोध वाली एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अर्थव्यवस्था में समस्या सरकार के लॉकडाउन की वजह से आई है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी पक्ष से कहा कि आपने कहा है कि रिजर्व बैंक ने इस बारे में निर्णय लिया है। हमने इस बारे में रिजर्व बैंक का जवाब देखा है. केंद्र सरकार आरबीआई के पीछे छुप रही है।

बैंकरों ने की थी अपील

बैंकरों ने की थी अपील

जानकारी दें कि बीते दिनों देश के कई बड़े बैंकरों ने इस सुविधा को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की थी। एचडीएफसी लिमिटेड के चेयरमैन दीपक पारेख और कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक उदय कोटक ने कहा था कि इस सुविधा को आगे नहीं बढ़ाया जाए, क्योंकि बहुत से लोग इसका अनुचित फायदा उठा रहे हैं।

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English summary

Loan Moratorium can be extended for up to 2 years

In the midst of the Covid-19 epidemic, the moratorium on payment of loan installments can be extended for two years.
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