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Lockdown को बिजनेस के मौके में बदला, कमा लिए 6 करोड़ रु, जानिए 11 किसानों की कहानी

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नयी दिल्ली। मार्च 2020 में अचानक लगे लॉकडाउन ने सभी को हैरान-परेशान कर दिया था। लॉकडाउन से कारोबार ठप्प हो गए थे। महाराष्ट्र के अहमदनगर में किसानों की हालत भी इससे अलग नहीं थी। मुंबई, पुणे और अन्य पड़ोसी शहरों में सब्जी और फल बेचने वाले किसानों के पास बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा हो गया था। मगर उनके पास बेचने के लिए कोई बाजार नहीं था। हालांकि उसी संकट में कुछ किसानों को नया आइडिया आया। उन्होंने एक नया सॉल्यूशन ढूंढा, जो उनके बिजनेस की नींव था। इस क्षेत्र में करीब 1 दर्जन किसानों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए प्लान। अप्रैल में उन्होंने बिचौलियों और खरीदारों पर भरोसा करने के बजाय डायरक्ट ग्राहकों से रिलेशन बनाने के लिए सोशल मीडिया में कदम रखा। इससे उनके बिजनेस को पंख लग गए।

 

बन गयी पूरी कम्युनिटी

बन गयी पूरी कम्युनिटी

लगभग एक साल बाद 2021 में इस छोटे समूह ने 480 किसानों के एक समुदाय का रूप ले लिया है। इन किसानों ने मिल कर एक फार्मर प्रोड्यूस कंपनी 'किसानकनेक्ट' शुरू कर दी। इतना ही नहीं अब ये कंपनी डायरेक्ट ग्राहकों को सब्जियों और फलों के 1 लाख बॉक्स बेचती है। कंपनी की वैल्यू इस समय 6.6 करोड़ रुपये हो गयी है। जुन्नार के 39 वर्षीय किसान और समूह के संस्थापक सदस्य मनीष मोर कहते हैं क्षेत्र के किसान सोशल मीडिया पर पहले से ही एक दूसरे के संपर्क में थे और समाधान तलाश रहे थे। एक बार जरूरी वस्तुओं के लिए लॉकडाउन खुल तो एक डिजिटल बाजार बनाने के प्रयास में 11 किसानों ने कदम बढ़ाए।

मिला अनुभव का फायदा
 

मिला अनुभव का फायदा

मनीष के पास एग्रीकल्चर और बिज़नेस मैनेजमेंट में बीएससी की डिग्री है। उन्होंने बिग बाज़ार और रिलायंस जैसी रिटेल कंपनियों के साथ मिलकर काम किया है। किसानों की जरूरतों के बारे में भी उन्हें अच्छी जानकारी है। हालांकि द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मनीष ने पहले ही अपनी नौकरी छोड़ दी थी और 2008 में खेती शुरू कर दी थी।

हाउसिंग सोसायटी से शुरुआत

हाउसिंग सोसायटी से शुरुआत

मनीष के अनुसार अप्रैल 2020 में हमने अपने नेटवर्क के माध्यम से मुंबई और पुणे में आवासीय सोसाइटियों में पहुंचना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे कारोबार फैलता गया और उनका नेटवर्क 100 आवासीय सोसायटी तक हो गया, जिनमें वे हर हफ्ते सीधे सब्जी की टोकरियां पहुंचाते हैं। इस टोकरी का वजन 4 किलो से 12 किलो तक होता है और इसमें कई तरह की सब्जियां होती हैं।

सब्जियों और फलों की सुरक्षित पैकेजिंग

सब्जियों और फलों की सुरक्षित पैकेजिंग

अहमदनगर जिले के रहटा के एक और एमबीए किसान और ग्रुप के सदस्य श्रीकांत ढोचावाले बताते हैं कि डायरेक्ट सेलिंग कन्सेप्ट ने बिचौलियों को खत्म कर दिया। वे कहते हैं हमने सब्जियों और फलों की सुरक्षित पैकेजिंग करके और खरीदारों के दरवाजे पर 24 घंटे से कम समय में हाइजेनिक बॉक्स उपलब्ध कराके एक नया डिलीवरी मॉडल तैयार किया।

पहले महीने में 40 लाख रु की कमाई

पहले महीने में 40 लाख रु की कमाई

अपने बिजनेस के पहले महीने में ही किसानों को शानदार रेस्पोंस मिला। उन्होंने 40 लाख रुपये का कारोबार किया। इस सफलता को देखते हुए कई किसान उनके साथ जुड़ने लगे। पहले 6 महीनों में उन्होंने व्हाट्सएप से बिजनेस किया। मगर फिर अपनी बी वेबसाइट तैयार की। इस समय कंपनी मोबाइल ऐप, वेबसाइट और ग्राहक सेवा केंद्र के जरिए खरीदारों से ऑर्डर लेती है।

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English summary

kisan konnect turned Lockdown into a business opportunity earned 6 crores know story of 11 farmers

Nearly a year later in 2021, this small group has taken the form of a community of 480 farmers. Together these farmers started a farmer production company 'KisanConnect'.
Story first published: Tuesday, April 6, 2021, 20:02 [IST]
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