RBI : बैंकों का बढ़ सकता है एनपीए, जानिए कितना
नई दिल्ली, दिसंबर 30। बैंकों का एनपीए हाल ही में काबू में आता दिख रहा है, लेकिन आरबीआई ने इस मामले में नई चेतावनी जारी की है। आरबीआई ने बताया है कि अगर ओमीक्रॉन बेकाबू हुआ तो सितंबर 2022 तक बैंंकों का एनपीए 9.5 फीसदी के स्तर को छू सकता है।

जानिए आरबीआई ने क्या कहा
आरबीआई ने कहा है कि अगर कोरोना वायरस का नया वेरियंट ओमीक्रोन अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर डालता है तो बैंकों का फंसा हुआ कर्ज सितंबर, 2022 तक बढ़कर 8.1 फीसदी से लेकर 9.5 फीसदी के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि यह सितंबर, 2021 में 6.9 फीसदी पर आ गया है। आरबीआई की बुधवार को जारी अपनी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में यह आशंका जताई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंकों के खुदरा कर्ज पोर्टफोलियो में बढ़ते दबाव का सबसे ज्यादा असर होम लोन पर पड़ सकता है। इसमें चालू वित्तीय वर्ष में डबल डिजिट की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार हालांकि बैंकों की संपत्ति गुणवत्ता बेहतर हुई है, ग्रास एनपीए और शुद्ध एनपीए अनुपात सितंबर, 2021 में घटकर क्रमश: 6.9 फीसदी और 2.3 फीसदी पर आ गया, लेकिन वहीं निजी क्षेत्र के बैंकों में संपत्ति गुणवत्ता में कमी की दर अधिक होने से चिंता बनी हुई है।
इस लिए आरबीआई ने आगाह किया
आरबीआई ने स्ट्रेस परीक्षण के आधार पर रिपोर्ट में कहा है कि अगर सकल एनपीए अनुपात तुलनात्मक परिदृश्य के आधार पर सितंबर, 2022 तक बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो सकता है. और अगर अर्थव्यवस्था ओमीक्रोन लहर से प्रभावित होती है, तो गंभीर दबाव की स्थिति में यह 9.5 प्रतिशत तक जा सकता है।
देश में तेजी से फैल रहा है ओमीक्रॉन
भारत में कोरोना का नया वेरियंट ओमीक्रॉन तेजी से फैल रहा है। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार देश में इस वायरस के कुल मामले 800 के पार निकल चुके हैं। वहीं इस वेरियंट से प्रभावित राज्यों की संख्या 21 हो चुकी है।