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कॉलेज की पढ़ाई नहीं कर सका पूरी, पर Crypto से हर महीने कमा रहा करोड़ों रु

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नई दिल्ली, जनवरी 16। क्रिप्टोकरेंसी से अमीर बने ढेरों लोगों की कहानी आप सुन चुके होंगे। आज भी हम एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे क्रिप्टोकरेंसी ने मालामाल बनाया। ये शख्स अब हर महीने करोड़ों रु कमा रहा है। हैरानी की बात यह है कि ये शख्स अपनी टीनेज में ही क्रिप्टो मार्केट से जुड़ गया था। इतना ही नहीं ये व्यक्ति अपना कॉलेज भी पूरा नही कर पाया। हम बात कर रहे हैं जॉन पॉल की।

 

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2012 में खरीदे थे बिटकॉइन

2012 में खरीदे थे बिटकॉइन

जॉन पॉल एक कॉलेज ड्रॉपआउट हैं। इन्होंने बिटकॉइन माइनर बनने के लिए उच्च शिक्षा को त्याग दिया। अब वह हर महीने 1.3 मिलियन डॉलर (करीब 9.7 करोड़ रु) कमाते हैं। ऑस्टिन, टेक्सास के 24 वर्षीय जॉन पॉल (जेपी) बैरिक ने करीब 10 साल पहले 2012 में 1,400 डॉलर के बिटकॉइन खरीदे थे। वह तब स्कूल में थे और क्रिप्टोकरेंसी अभी तक लोगों के सामने ठीक से आई भी नहीं थी।

खूब की क्रिप्टो ट्रेडिंग

खूब की क्रिप्टो ट्रेडिंग

जेपी पढ़ाई का नाटक करते हुए अपनी रात बिटकॉइन ट्रेडिंग में बिताते थे। अधिक कमाने के लिए वे गेम खेलते। मगर उन्होंने कभी भी अपने शौक से करोड़पति बनने की उम्मीद नहीं की थी। 2017 में जेपी ने एक बिटकॉइन माइनिंग रिग की स्थापना की, जिसमें कंप्यूटर का एक ग्रुप पहेलियों को हल करके नया बिटकॉइन बनाता है। ये काम उन्होंने अपने माता-पिता के बेसमेंट में किया।

छोड़ दी पढ़ाई
 

छोड़ दी पढ़ाई

उस समय 17 वर्षीय जेपी नार्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे। लेकिन अपनी बिटकॉइन माइनिंग कंपनी शुरू होने के बाद जेपी ने पूरी तरह से स्कूल छोड़ने का फैसला किया। 18 साल की उम्र से जेपी ने पहला मिलियन यानी 10 लाख डॉलर बना लिए थे। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार उन्हें यह चीज पसंद आई कि कॉइन को खरीदने के लिए उन्हें एक निश्चित उम्र का होना जरूरी नहीं था, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे इतना आगे जाएंगे।

दिमाग में आया कमाल का आइडिया

दिमाग में आया कमाल का आइडिया

जेपी के अनुसार उनका अपना माइनिंग रिग बनाने का विचार तब आया जब उनके अंग्रेजी शिक्षक ने 2013 में एक बिजनेस आइडिया बनाने के लिए क्लास को एक असाइंमेंट सौंपा। उन्होंने माइनिंग रिग को ऑनलाइन बेचना शुरू किया और रिग बनाने के लिए अपने कुछ दोस्तों को फुल टाइम तौर पर काम पर रखा। बेसमेंट में, कंपनी ने 2 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की।

ये है आगे का प्लान

ये है आगे का प्लान

जेपी ने आयोवा में एक प्रॉपर्टी को किराए पर लेते हुए, अपने माता-पिता के बेसमेंट के ऊपर और बाहर उसे समतल करने का फैसला किया। आयोवा में उनकी फैसिलिटी अब 1,300 कंप्यूटरों पर प्रतिदिन 40,000 डॉलर कमाती है और जेपी के पास कुल 23 कर्मचारी हैं। बाद में उन्होंने स्कूल में आवेदन किया। उस समय वे एक सॉफ्टवेयर इंटर्न के रूप में काम कर रहे थे। उस समय उन्हें पता था कि वे कॉलेज में पूरे चार साल नहीं टिकेंगे। वे यह सुनिश्चित करने के लिए पहले वर्ष के लिए स्कूल गए कि उन्हें कॉलेज के माहौल का अनुभव करने और नए लोगों से मिलने का मौका मिले। वे अपने बिजनेस में अपना अधिकांश पैसा वापस डालते हैं। अब वे इसी साल ओक्लाहोमा में अपना एक नया ऑफिस खोलने की योजना बना रहे हैं।

English summary

Could not complete college studies but earning crores of rupees every month from crypto

John Paul is a college dropout. He left higher education to become a bitcoin miner. Now he earns $ 1.3 million (about Rs 9.7 crore) every month.
Story first published: Sunday, January 16, 2022, 13:02 [IST]
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