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कोरोना का कहर : मई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से 7366 करोड़ रु निकाले

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नयी दिल्ली। कोरोनावायरस का कहर बरकरार है। कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस संकट के चलते आर्थिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी के मद्देनजर विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजारों में बिकवाली करना भी बरकरार है। मई लगातार ऐसा तीसरा महीना रहा जिसमें भारतीय बाजारों में से विदेश निवेशकों ने अच्छी खासी रकम निकाल ली। मई में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 7366 करोड़ रुपये निकाल लिए। डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार 1 से 29 मई (जो महीने का आखिरी कारोबारी दिन रहा) तक एफपीआई ने इक्विटी बाजार में 14569 करोड़ रुपये का निवेश किया, मगर डेब्ट सेगमेंट से 21935 करोड़ रुपये निकाल लिए। यानी कुल 7366 करोड़ रुपये निकाले गए।

पिछले 2 महीनों के मुकाबले कम की बिकवाली
 

पिछले 2 महीनों के मुकाबले कम की बिकवाली

हालांकि विदेशी निवेशकों ने पिछले 2 महीनों के मुकाबले मई में कम पैसे निकाले। मार्च में एफपीआई ने 1.1 लाख करोड़ रु भारतीय बाजारों से निकाल लिए थे, जबकि अप्रैल में 15403 करोड़ रु की निकासी हुई थी। हालांकि अगर मई में देखें तो महीने के पहले हफ्ते में एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजारों में 15958 करोड़ रु का निवेश किया था। इसमें 18637 करोड़ रु इक्विटी बाजार में आए थे, जबकि डेब्ट से 2679 करोड़ रु निकाले गए। इसका मतलब है कि पहले हफ्ते के बाद बचे हुए महीने में एफपीआई ने ज्यादा बिकवाली की।

एक दिन में पलटा पासा

एक दिन में पलटा पासा

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि 8 मई को भारतीय इक्विटी बाजार में एक ही दिन में एफपीआई ने 2.3 अरब डॉलर का निवेश किया था, जिससे पूरे महीने का परिदृश्य ही बदल गया। एक ही दिन में इस तगड़े निवेश के पीछे का कारण इस साल आई गिरावट हो सकता है, जिससे विदेशी निवेशकों को वैल्यूशन काफी आकर्षक लगे। मगर एक्सपर्ट ये भी कहते हैं कि कोरोना महामारी विभिन्न देशों और क्षेत्रों में फैल गई है। इससे विदेशी निवेशकों ने जोखिम को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो में भारत जैसे उभरते बाजारों की हिस्सेदारी कम कर ली है।

गोल्ड और डॉलर की तरफ बढ़ा रुझान
 

गोल्ड और डॉलर की तरफ बढ़ा रुझान

कोरोना जैसे संकट के समय निवेशकों का रुख इक्विटी बाजार से हट कर गोल्ड और डॉलर जैसे सुरक्षित ऑप्शन की तरफ हो जाता है। ये देखा भी गया है कि निवेशकों ने इक्विटी से पैसा निकाल कर पिछले कुछ महीनों में गोल्ड में निवेश बढ़ाया गया है। इससे गोल्ड की निवेश मांग भी काफी बढ़ी है। फिलहाल मार्केट और एफपीआई की रुझान के बारे में एक्सपर्ट्स सटीक राय नहीं देते। मगर भारत में लॉकडाउन में राहत से स्थिति बेहतर हो सकती है।

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English summary

Coronavirus havoc Foreign investors withdraws Rs 7366 crore from Indian markets in May

According to depository data, from 1 to 29 May (which was the last trading day of the month), FPI invested Rs 14569 crore in the equity market, but pulled out Rs 21935 crore from the debt segment. That means a total of Rs 7366 crore was withdrawn.
Story first published: Sunday, May 31, 2020, 13:55 [IST]
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