For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

भारत के चलते पाकिस्तान का कपड़ा कारोबार चौपट, जानें कारण

|

नई दिल्ली। पाकिस्तान पिछले साल तक भारतीय कॉटन के प्रमुख खरीदारों में शामिल था, लेकिन इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार बंद होने के कारण पाकिस्तान भारत से सस्ता कॉटन का आयात नहीं कर पा रहा है, बल्कि उसे अमेरिका, ब्राजील व दूसरे देशों से महंगा कॉटन खरीदना पड़ रहा है। पाकिस्तानी मीडिया द न्यूज की एक रिपोर्ट में पिछले महीने इस बात की आशंका जताई गई थी कि कॉटन के उत्पादन में गिरावट के कारण पाकिस्तान को घरेलू खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों से महंगा कॉटन आयात करना पड़ सकता है। इससे पाकिस्तान का एकमात्र कपड़ा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे जहां पाकिस्तान का कपड़ों का निर्यात भी प्रभावित हो रहा है, वहीं कारोबार मंदा होने से नौकरियों में छंटनी का दौर भी शुरू हो गया है।

 

पाकिस्तान में घटा उत्पादन

भारतीय कारोबारियों की मानें तो अगर पाकिस्तान दोबारा भारत से व्यापार शुरू करता है तो पिछले साल के मुकाबले इस साल वह भारत से ज्यादा कॉटन खरीद सकता है, क्योंकि पाकिस्तान में इस साल कॉटन का उत्पादन कम है।

अनुच्छेद 370 कमजोर करने के विरोध में तोड़े कारोबारी संबंध

कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को भारत द्वारा निष्प्रभावी किए जाने के बाद पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से भारत से व्यापारिक संबंध तोड़ लिया, जिस कारण पाकिस्तानी कारोबारी भारत से सस्ता कॉटन आयात नहीं कर पा रहे हैं।

भारत से मिल जाता था सस्ता कपास

भारत से मिल जाता था सस्ता कपास

रिपोर्ट में पाकिस्तान कॉटन जिनर्स एसोसिएशन (पीसीजीए) के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उत्पादन में 26.54 फीसदी की गिरावट की आशंका जताई गई थी। सीमावर्ती देश होने के कारण पाकिस्तान को भारत से आयात करने के लिए परिवहन लागत कम लगती है, जिससे उसके लिए भारत से कॉटन का आयात करना सस्ता होता है, लेकिन इस साल वह व्यापार बंद होने के कारण भारत से कॉटन नहीं खरीद पा रहा है। भारतीय कॉटन का भाव इस समय करीब 69 सेंट प्रति पौंड है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कॉटन का भाव 74 सेंट प्रति पौंड है। इस लिहाज से भी पाकिस्तान के लिए भारत से कॉटन का आयात करना सस्ता पड़ सकता है।

ये हैं पाकिस्तान में कॉटन उत्पादन के आंकड़े
 

ये हैं पाकिस्तान में कॉटन उत्पादन के आंकड़े

अमेरिकी एजेंसी यूएसडीए की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में इस साल कॉटन का उत्पादन 89.9 लाख गांठ है, जो पिछले साल के 97.5 लाख गांठ से करीब आठ फीसदी कम है। यूएसडीए के अनुसार, पाकिस्तान में इस साल कॉटन की खपत 137.2 लाख गांठ रह सकती है और उसे अपनी खपत की पूर्ति के लिए 46.2 लाख गांठ कॉटन का आयात करना पड़ सकता है। पाकिस्तान में इस साल कॉटन का उत्पादन कम है, लेकिन वहीं भारत में कॉटन का उत्पादन इस साल पिछले साल से ज्यादा है।

ये है भारत में उत्पादन के आंकड़े

ये है भारत में उत्पादन के आंकड़े

कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ताजा अनुमान के अनुसार, भारत में इस साल कॉटन का उत्पादन 354 लाख गांठ रह सकता है जबकि पिछले साल देश में कॉटन का उत्पादन 312 लाख गांठ था। कॉटन कारोबारियों के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार बंद होने के कारण इस साल पाकिस्तान भारत से कॉटन नहीं खरीद पा रहा है और उसे अमेरिका व दूसरे देशों से ही आयात करना पड़ रहा है। पाकिस्तान द्वारा भारत से कॉटन आयात पर विचार करने की संभावनाओं के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "भारत से व्यापारिक रिश्ते तोड़ने का फैसला पाकिस्तान का है, इसे बहाल करने के बारे में भी फैसला उसे ही लेना होगा।"

पाकिस्तान की राय बदलने की उम्मीद कम

पाकिस्तान की राय बदलने की उम्मीद कम

हालांकि उन्होंने कहा कि दोबारा व्यापार शुरू होने की संभावना कम दिखती है, लेकिन अगर पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापार शुरू होगा तो पाकिस्तान पिछले साल के मुकाबले ज्यादा कॉटन भारत से खरीद सकता है, क्योंकि इस साल पाकिस्तान में कॉटन का उत्पादन कम है।

आरबीआई : कहीं आपका 500 रु का नोट नकली तो नहीं, चल रहा पाक का खेल

English summary

Business stopped due to Pakistan not being able to buy cheap cotton from India

Problems in Pakistan have been increasing since the break up of trade relations with India. Pakistan's economic problems. Pakistan's cotton business on the verge of closure. Pakistan's problems increased due to breaking of business relationship with India.
Company Search
Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
Have you subscribed?
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Goodreturns sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Goodreturns website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more