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Business Idea : नौकरी छोड़ी और गांव लौट कर मोती की खेती शुरू की, लाखों में है कमाई

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नई दिल्ली, मई 4। पटना और इसके आसपास के क्षेत्रों के किसान आम तौर पर मक्का, दाल, दाल, अनाज और चावल उगाते हैं। मगर इस क्षेत्र के एक 28 वर्षीय व्यक्ति ने अलग ही दिशा में जाने का फैसला किया। चंपारण जिले के मुरारे गाँव के नितिल भारद्वाज मोती की खेती से लाखों कमा रहे हैं। नितिल पारंपरिक किसान परिवार से हैं, लेकिन दिल्ली में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करते थे। उन्होंने 2017 की शुरुआत में एक कंप्यूटर प्रोफेशनल के रूप में जॉब शुरू की था और हर महीने लगभग 30,000 रुपये कमाते थे। लगभग उसी समय, उनके पिता ने मोती की खेती पर एक समाचार लेख पढ़ा और जाना कि कैसे यह एक लाभदायक बिजनेस हो सकता है।

 

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आकर्षक लगा आइडिया

आकर्षक लगा आइडिया

नितिल के पिता ने मोती की खेती के आइडिया को उनके साथ साझा किया। उन्हें ये आइडिया आकर्षक होने के साथ-साथ बिहार में अनएक्सप्लोर्ड (यानी इस दिशा में ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया था) भी लगा। उसी साल नितिल ने अपनी छुट्टी के दौरान इस बिजनेस पर गंभीर विचार किया और इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया। नितिल ने मध्य प्रदेश में बोमोरिया पर्ल फार्म में प्रशिक्षण लेना शुरू किया और कुछ महीनों तक वहां मैनेजमेंट के साथ काम किया।

वापस लौटे गांव

वापस लौटे गांव

जरूरी ट्रेनिंग लेकर नितिल अपने गाँव में मोती की खेती शुरू करने के लिए लौट आए। पहले प्रयास में ही नितिल को कामयाबी मिली। नितिल ने पहली ही बार में 75,000 रुपये कमाए। इतना ही नहीं उन्होंने उन छह प्रवासी श्रमिकों को रोजगार भी दिया, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपनी नौकरी खो दी थी। उन्होंने गांव में भारद्वाज पर्ल फार्म एंड ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया।

मिली सरकारी मदद
 

मिली सरकारी मदद

द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार नितिल कहते हैं कि मोती की खेती के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यकीन हो गया कि वे फुल टाइम एम्प्लॉयमेंट से वे अपना परिवार नहीं चला पाएंगे। वे मैनस्ट्रीम खेती में प्रवेश नहीं करना चाहते थे, और इसलिए इस नए विकल्प को आजमाने का फैसला किया। 2018 में, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी। फिर गाँव में, अपने परिवार की ज़मीन में से एक एकड़ पर एक तालाब खोदने का फ़ैसला किया, जिसमें मोती की खेती के लिए सरकारी अनुदान भी मिला।

शुरुआत में कम सीप लगाए

शुरुआत में कम सीप लगाए

नितिल कहते हैं कि 2019 में उन्होंने तालाब में 400 सीप लगाए। आम तौर पर एक एकड़ के एक तालाब में 25,000 से 30,000 सीप लगाए जा सकते हैं। लेकिन उन्होंने छोटी शुरुआत की, क्योंकि इसमें जोखिम शामिल था। नितिल कहते हैं उन्होंने 25,000 रुपये का निवेश किया और 8-10 महीने तक सीप उगाए, जिससे उन्हें 75,000 रुपये मिले।

लाखों में कमाई

लाखों में कमाई

2020 में, उन्होंने लगभग 25,000 मोती लगाए, जिनसे उन्हें 30 लाख रुपये कमाने की उम्मीद है। उन्होंने अब तक 3.6 लाख रुपये कमाए हैं, और वे कहते हैं कि अक्टूबर 2021 तक उनकी आय में वृद्धि जारी रहेगी। इसके अलावा नितिल तालाब का उपयोग जलीय कृषि के माध्यम से मछली की खेती के लिए कर रहे हैं। प्रत्येक सीप पर लगभग 40 रुपये का खर्च आता है। एक सीप दो मोती पैदा कर सकता है, और उनमें से प्रत्येक औसतन 120 रुपये पर बिकता है।

English summary

Business Idea quit job and returned to village started cultivating pearl now earning in lakhs

Nitil returned to his village to start cultivation of pearls after taking necessary training. Nitil succeeded in the first attempt. Nitil earned Rs 75,000 in the first time.
Story first published: Tuesday, May 4, 2021, 20:03 [IST]
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