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2020 : लगातार दो तिमाहियों में घटी GDP और मंदी में आ गया भारत

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नयी दिल्ली। कोरोना संकट आने के बाद दुनिया भर की इकोनॉमी को तगड़ा झटका लगा। जिन देशों की जीडीपी में भारी गिरावट आई उनमें भारत भी शामिल है। बल्कि पिछली लगातार दो तिमाहियों में जीडीपी में गिरावट के चलते अब भारत तकनीकी मंदी में आ गया है। हालांकि जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी अनुमान से कम घटी। इसे अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। मगर एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं कि आगे की राह आसान नहीं होगी। आइए जानते हैं इस साल कैसी रही जीडीपी।

रियल जीडीपी में भारी गिरावट
 

रियल जीडीपी में भारी गिरावट

अप्रैल-जून 2020 में भारत की रियल जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। बल्कि ये 40 वर्षों में पहली गिरावट भी रही। वहीं जुलाई-सितंबर 2019 तिमाही में जीडीपी में 4.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी। इसके बाद इसी साल जुलाई-सितंबर में भारत की जीडीपी में साल दर साल आधार पर 7.5 फीसदी की गिरावट आई। इससे पहले 2020 की ही जनवरी-मार्च तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था 3.1 फीसदी की दर से बढ़ी थी। मगर वो भी पिछले 8 सालों की सबसे कम ग्रोथ रेट थी।

मंदी और तकनीकी मंदी

मंदी और तकनीकी मंदी

2020 की जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी में बढ़त के बाद अप्रैल-जून और जुलाई-सितंबर तिमाहियों में गिरावट आई। इससे भारत तकनीकी मंदी में आ गया। यहां मंदी और तकनीकी मंदी का फर्क जानना जरूरी है। जब किसी देश की अर्थव्यवस्था में लगातार दो तिमाहियों में गिरावट आती है तो माना जाता है उस देश की इकोनॉमी तकनीकी मंदी में है। मगर यदि किसी देश की इकोनॉमी लंबे समय तक गिरावट दर्ज करती रहे तो माना जाता है कि अब उस देश की अर्थव्यवस्था में मंदी आ गई है। मगर ये भी गौर करने वाली बात है कि ऐसा कुछ साफ नहीं है कि कितने समय तक अर्थव्यवस्था में गिरावट के बाद मान लिया जाए कि अब देश की अर्थव्यस्था में मंदी आ गई है।

साफ नहीं है तस्वीर
 

साफ नहीं है तस्वीर

जीडीपी में कम गिरावट को सुधार के तौर पर देखा जा रहा है, मगर एक्सपर्ट्स स्थिति का एक और रुख भी पेश कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार ये सुधार बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया हो सकता है, क्योंकि असल नंबर डेटा में संशोधन के बाद सामने आएंगे। एक अनुमान ये भी लगाया गया है कि 2020-21 में भारत की रियल जीडीपी में 10.5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। यानी आगे राह आसान नहीं होगी। खपत मांग और निवेश, अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी फैक्टर, में ज्यादा तेजी की संभावना नहीं जताई घई है। इनमें सुधार की ज्यादा उम्मीद नहीं है।

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English summary

2020 GDP falls for two consecutive quarters and india came in recession

At the same time, there was a growth of 4.4 percent in GDP in the July-September 2019 quarter. Subsequently, in July-September this year, India's GDP fell by 7.5 percent on a year-on-year basis.
Story first published: Tuesday, December 1, 2020, 17:31 [IST]
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