For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

Rcom दिवाला प्रक्रिया के तहत लाया जाए या नहीं इस बारे में फैसला करेगा NCLAT

|

नई द‍िल्ली: रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) कर्ज के बोझ तले दबी कंपनी को दिवाला प्रक्रिया (Bankruptcy process) के तहत लाया जाए या नहीं इस बारे में फैसला नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) करेगा। बता दें कि आरकॉम (rcom) ने ट्रिब्यूनल (Tribunal) से इस मामले में दिवाला प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। कंपनी अपने कर्जदाताओं को उनका बकाया लौटाने में असफल रही है। वहीं RCom की इस याचिका का स्वीडन की गियर निर्माता कंपनी (Gear maker company) एरिक्सन (Ericsson) विरोध कर रही है।

अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम को 550 करोड़ वापस मिल सकते

 

550 करोड़ रुपये का बकाया पिछले महीने चुकाया

मुकेश अंबानी (mukesh ambani) से लेकर अनिल अंबानी (anil ambani) ने पिछले महीने एरिक्सन (Ericsson) की र‍कम को चुकाई थी। जी हां आरकॉम ने एरिक्सन (rcom Ericsson) का 550 करोड़ रुपये का बकाया पिछले महीने चुका दिया है। इस बात से अवगत करा दें कि सुप्रीम कोर्ट (supreme court) के निर्देश के बाद कंपनी ने यह बकाया चुकाया गया है।

जानकारी दें कि NCLAT के चेयरमैन एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ का मानना है कि यदि आरकॉम (Rcom) के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया की अनुमति दी जाती है तो एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये लौटाने पड़ सकते हैं। एनसीएलएटी (nclat) का कहना हैं कि क्यों एक पार्टी तो अपना बकाया ले लेती है, जबकि वित्तीय ऋणदाता (Financial lender) नुकसान उठाते हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा कि वह या तो आरकॉम की दिवाला प्रक्रिया को निरस्त कर सकता है या फिर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दे सकता है।

NCLAT ने यह भी कहा कि वह दूरसंचार विभाग (telecom department) के जवाब पर भी विचार करेगा। विभाग ने आरकॉम को स्पेक्ट्रम शुल्क को लेकर कारण बताओ नोटिस भेजा है। इस नोटिस के खिलाफ आरकॉम ने याचिका दायर की है। विभाग के मुताबिक, RCom को बकाया स्पेक्ट्रम शुल्क (Spectrum fee) चुकाना है। इसके मद्देनजर ट्रिब्यूनल 30 अप्रैल को दूरसंचार विभाग के जवाब पर गौर करेगा।

 

अनिल अंबानी को नहीं जाना पड़ेगा जेल, एरिक्सन का बकाया चुकाया ये भी पढ़ें

NCLAT की तरफ से यह निर्देश RCom के तीन कार्यकारियों की तरफ से दायर आवेदन के बाद आया है। इससे पहले 4 फरवरी को ट्रिब्यूनल (Tribunal) ने कहा था कि एनसीएलएटी (NCLAT) या सुप्रीम कोर्ट का अगला आदेश आने से पहले काई भी आरकॉम (Rcom) की संपत्ति को न तो बेच सकता है, न ही अलग कर सकता है और न ही उस पर किसी तीसरे पक्ष (third party) का अधिकार हो सकता है।

2,000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भुनाने को कहा

NCLAT ने 26 मार्च को दूरसंचार विभाग (telecom department) द्वारा RCom को जारी दो नोटिसों को स्थगित कर दिया था। बता दें कि विभाग ने भुगतान में देरी को देखते हुए RCom के स्पेक्ट्रम लाइसेंस (Spectrum license) निरस्त करने का नोटिस भेजा था। ज‍िसमें दो सदस्यीय पीठ ने दूरसंचार विभाग के एक्सिस बैंक (axix bank) को भेजे पत्र को भी स्थगित कर दिया था। इस पत्र में विभाग ने बैंक से RCom की 2,000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी (Bank guarantee) भुनाने को कहा था।

English summary

Anil Ambani's Company RCom Can Get Back 550 Crores

RCOM has paid Ericsson's outstanding of Rs 550 crore last month।
Story first published: Tuesday, April 9, 2019, 11:45 [IST]
Company Search
Enter the first few characters of the company's name or the NSE symbol or BSE code and click 'Go'
Thousands of Goodreturn readers receive our evening newsletter.
Have you subscribed?
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Goodreturns sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Goodreturns website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more