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Mutual Fund : एसआईपी करते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना रहेंगे नुकसान में

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नई दिल्ली, अगस्त 5। रेगुलर और अनुशासित तरीके से निवेश करने के एक ऑप्शन के रूप में रिटेल निवेशक म्यूचुअल फंड एसआईपी को खूब पसंद कर रहे हैं। दरअसल एसआईपी से रिटेल निवेशकों को कम्पाउंडिंग की मदद से एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिलती है। मगर जानकारी की कमी के कारण कई एसआईपी निवेशक, विशेष रूप से नए निवेशक, निवेश में गलतियां कर सकते हैं। निवेश के मामले में गलती आपको सीधे पैसों का नुकसान करा सकती है। या तो आपको घाटा हो सकता है या फिर बढ़िया रिटर्न नहीं मिलेगा। यहाँ हम आपको ऐसी 5 सामान्य गलतियों की बारे में बताने जा रहे हैं, जो एसआईपी निवेशक के पैसे को बर्बाद कर सकती हैं। जरूरी है कि आप इन गलतियों से बचें।

 

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कम कीमत वाली एनएवी को सस्ता समझना

कम कीमत वाली एनएवी को सस्ता समझना

कई रिटेल निवेशक कम एनएवी वाले फंड को सस्ता मानते हैं और इस तरह हाई रिटर्न पाने की उम्मीद में एसआईपी के माध्यम से उस फंड में निवेश करते हैं। हालांकि कई वजह हैं, जिनके चलते किसी फंड का एनएवी कम या ज्यादा हो सकता है। उदाहरण के लिए किसी फंड का एनएवी उसकी अंडरलाइंग एसेट्स की मार्केट वैल्यू पर निर्भर करता है। इसलिए पुराने फंड्स की तुलना में नए फंड्स में कम एनएवी होगी। निवेशकों को एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश पर विचार करते समय फंड के सिर्फ एनएवी पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

ग्रोथ प्लान के बजाय डिविडेंड विकल्प चुनना
 

ग्रोथ प्लान के बजाय डिविडेंड विकल्प चुनना

कई निवेशक ग्रोथ ऑप्शन के बजाय डिविडेंड प्लान चुनते हैं, क्योंकि उन्हें म्यूचुअल फंड की डिविडेंड इनकम ज्यादा सही लगती है। हालांकि, ऐसे निवेशक इस बात से अनजान हैं कि डिविडेंड का भुगतान फंड द्वारा अपने एयूएम (एसेट अंडर मैनेजमेंट) से किया जाता है। नतीजतन डिविडेंड के भुगतान के चलते फंड की एनएवी कम हो जाती है।

बाजार में गिरावट पर एसआईपी रोकना

बाजार में गिरावट पर एसआईपी रोकना

बाजार में गिरावट या मंदी आने पर अक्सर कई निवेशक अपनी एसआईपी को बंद कर देते हैं क्योंकि उन्हें और अधिक नुकसान होने का डर होता है। हालांकि ऐसा करना नुकसानदेग है, क्योंकि बाजार में गिरावट पर फंड में कम एनएवी पर अधिक यूनिट खरीदकर ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है। बाजार में मंदी की स्थिति में एसआईपी जारी रखने से आपकी निवेश लागत कम हो जाएगी और लंबी अवधि में उच्च रिटर्न मिलेगा।

10 का 20 वाली मानसिकता रखना

10 का 20 वाली मानसिकता रखना

निवेश कभी भी 10 का 20 वाली मानसिकता के साथ न करें। यानी कि आपका पैसा रातोंरात डबल नहीं होगा। मार्केट में तेजी दौरान मिले तगड़े रिटर्न ने बड़ी संख्या में नए रिटेल निवेशकों को एसआईपी के माध्यम से इक्विटी फंड में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। कई लोग तगड़े रिटर्न की उम्मीद में अपने छोटी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए एसआईपी के माध्यम से इक्विटी फंड में निवेश करते हैं। जबकि एसआईपी लंबे के समय के टार्गेट के लिए है।

केवल हाल फिलहाल का परफॉर्मेंस देखना

केवल हाल फिलहाल का परफॉर्मेंस देखना

कई एसआईपी निवेशक फंड के हालिया प्रदर्शन के आधार पर फंड का चयन करते हैं। खासकर पिछले 1 साल के दौरान मिले हुए रिटर्न को। हालांकि इस तरह के आउटपरफॉर्मेंस या अंडर-परफॉर्मेंस पर नजर डालना सही नहीं है। फंड का कम से कम 5 साल का सालाना रिटर्न देखें।

English summary

Mutual Fund Do not make these 5 mistakes while doing SIP otherwise you will be in loss

Many retail investors consider a fund with a low NAV to be cheaper and thus invest in that fund through SIPs in the hope of earning higher returns.
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