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इन मॉडल की है कार, तो चोरी होने का है ज्यादा खतरा

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नई दिल्ली। वाहन बीमा कंपनियों के लिए बड़ी कारें यानी एसयूवी की चोरी की बढ़ती घटनाएं दिक्कतों का कारण बनती जा रही हैं। चोर हुंडई क्रेटा, मारुति सुजुकी ब्रेजा और महिंद्रा स्कार्पियों जैसी कारों या एसयूवी को ज्यादा चुरा रहे हैं। इस कारण से वाहन बीमा कंपनियों के पास ज्यादा क्लेम आ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले एसयूवी चोरी के क्लेम करीब 15 से 20 प्रतिशत बढ़े हैं। इस तरह के क्लेम वित्तीय वर्ष 2018-19 में 10 हजार तक पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार देश में बीते वाली 100 कारों में से 35 से लेकर 40 तक का क्लेम फाइल होता है। इसके चलते वाहन बीमा कंपनियों को क्लेम के रूप में करीब 35 हजार करोड़ रुपये तक का पैसा देना पड़ा है।

 

इन बातों का रखें ध्यान

-अपनी कार हमेशा सुरक्षित जगह करें पार्क।

-ऑथराइज्ड पार्किंग न हो सीसीटीवी कैमरे लगी जगहों पर पार्क करें।

-कार पार्क करने के बाद सुरक्षा डिवाइस जरूर लगा दें।

-इनमें जीपीएस ट्रैकर, गियर लॉक, स्टियरिंग लॉक जैसे सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।

की-लेस चाबी वाली कारों की सुरक्षा में लगी सेंध

की-लेस चाबी वाली कारों की सुरक्षा में लगी सेंध

कुछ समय पहले तक की-लेस कारों को सुरक्षित समझा जाता था। लेकिन अब चोरों ने इसका तोड़ निकाल लिया है। एक इंश्योरेंस कंपनी ने ब्रेजा और क्रेटा जैसी कारों की चोरी के बाद करीब 2 हजार क्लेम का निपटारा किया है। देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी में हुंडई वेन्यू, ब्रेजा, क्रेटा और महिंद्रा बोलेरो जैसी गाड़ियां शामिल हैं। वाहन बीमा कंपनियों के अनुसार ऑटो कंपनियों कार चोरी रोकने की नई टेक्नोलॉजी के साथ आती है, लेकिन चोर इससे भी आगे निकल जाते हैं। ऐसा ही कुछ बिना चाबी की कारों के मामले में भी हुआ है। की-लेस कारों की चोरी 20 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। क्योंकि एसयूवी की रीसेल वैल्यू काफी अच्छी होती है। इसलिए चोर ऐसी कारों को निशाना बनाते हैं। इन कारों को दोबारा बेचने पर ज्यादा पैसा मिलता है।

जीपीएस ट्रैकर से तुरंत पकड़ में आ जाएगा चोर
 

जीपीएस ट्रैकर से तुरंत पकड़ में आ जाएगा चोर

वैसे तो कार की चोरी रोकने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। लेकिन कुछ उपाए ऐसे भी होते हैं, जिनसे अगर कार चोरी हो गई है, तो उसे खोजना आसान हो जाता है। ऐसा ही एक उपाए है जीपीएस ट्रैकर। जीपीएस डिवाइस अगर कार में लगी है, तो पुलिसी उसे आसानी से ट्रेस कर लेती है। इसलिए अपनी कार में जीपीएस डिवाइस जरूर लगान चाहिए। इसे लगवाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि यह छिपाकर लगाई जाए, जिससे चोरों की नजर इस पर न पड़े। तभी इस डिवाइस का पूरा फायदा मिल पाएगा। अगर कार में जीपीएस डिवाइस लगी है तो आपकी कार को कोई जैसे ही मूव करेगा, आपके पास मेसेज आ जाएगा।

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कार की चोरी रोकने की अन्य डिवाइसें

कार की चोरी रोकने की अन्य डिवाइसें

जीपीएस डिवाइस के अलावा भी अन्य डिवाइस आती हैं, जिनसे कार की चोरी को रोका जा सकता है। इसमें गियर लॉक, स्टियरिंग लॉक जैसी डिवाइसेज शामिल हैं। यह डिवाइसें काफी सस्ते में मिल जाती हैं। इन डिवाइसों को लॉक और अनलॉक करना भी काफी आसान हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिन वाहनों में गियर और स्टियरिंग लॉक लगे होते हैं, चोर उन्हें हाथ नहीं लगाते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि इन डिवाइस को तोड़ना काफी कठिन होता है। अगर चाहें तो आप टायर लॉक डिवाइस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह डिवाइसें कार की सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेंगी।

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English summary

Which model cars are stolen the most which security devices to use in cars to prevent theft

Information about car theft claims in auto insurance companies, which cars are the most stolen. How to take insurance claim on car theft.
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