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ATM ट्रांजैक्शन के फेल होने पर बैंक रोज 100 रुपये देता है मुआवजा

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नई द‍िल्‍ली: एटीएम (ATM) से कैश (Cash) निकालते वक्त ट्रांजैक्शन फेल (Transaction failure) होने की वजह से पैसा अटक जाता है। लेकिन दूसरी तरफ आपके पास खाते से पैसे कटने का मैसेज भी आ जाता है। खाते में बैलेंस (Account balance) होने के बावजूद एटीएम से ट्रांजैक्शन (ATM transaction) फेल होने यानि पैसा नहीं निकलने की शिकायतों को बैंकिंग लोकपाल (Banking lokpal) ने गंभीरता से लेते हुए नया नियम बनाया है। इस नियम के अनुसार बैंकों (Bank) को हर्जाने के तौर पर रोजाना 100 रुपये का जुर्माना (Fines) देना होगा।

 

हालांकि बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि ATM फेल होने की वजह से अगर आपके सेविंग्स अकाउंट (Savings account) से पैसे कट जाते हैं तो बैंक (Bank) की तरफ से आपको मुआवजा मिलेगा। शिकायत (complaint) करने के 7 दिनों के भीतर अगर आपका पैसा वापस नहीं आता तो बैंक को हर दिन 100 रुपए के हिसाब से मुआवजा (Compensation) देना होगा।

करीब 16 हजार शिकायतें मिली

जी हां भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के बैंकिंग लोकपाल को पिछले वित्त वर्ष में करीब 16 हजार ऐसी शिकायतें मिली थीं। हालांकि आरबीआई (RBI) ने ग्राहकों (Customers) को शिकायतों को देखते हुए 1 जुलाई, 2011 को एक नियम बनाया था, जिससे ज्यादार लोग बेखबर हैं।

आरबीआई (RBI) कहता है कि अगर एटीएम (ATM) पर किसी कारण से पैसा नहीं निकलता है और खाते (Account) से पैसा डेबिट (Money debit) होने का संदेश ग्राहक को मिलता है तो फिर वो कार्ड जारी करने वाले बैंक (Bank) को 30 दिन के भीतर शिकायत करें। हालांकि बैंक (Bank) को एक हफ्ते के अंदर पैसा वापस खाते में क्रेडिट (credit) करना होगा। एक हफ्ते के बाद प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से बैंक पर जुर्माना लगेगा।

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30 द‍िन के अंदर करें शिकायत दर्ज
 

30 द‍िन के अंदर करें शिकायत दर्ज

आरबीआई (RBI) का यह नियम सभी तरह के एटीएम (ATM) पर लागू है। इसमें बैंक के एटीएम (Bank ATM), अन्य बैंकों के एटीएम और व्हाईट लेबल एटीएम पर लागू है। वहीं दूसरी ओर बता दें कि नियम के अनुसार समय से शिकायत का निपटान न होने पर ग्राहक बैंक (Bank Customers) का जवाब पाने से 30 दिनों के भीतर बैंकिंग लोकपाल से शिकायत कर सकता है। वह उस स्थिति में भी ओम्बड्समैन का दरवाजा खटखटा सकता है अगर वह बैंक के जवाब से संतुष्ट नहीं है या बैंक उसे जवाब नहीं देता है।

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बैंकों को देनी होगी ये जानकारी

बैंकों (Bank) को नियम के अनुसार एटीएम (ATM) में शिकायत (complaint) के लिए अधिकारी का नाम और फोन नंबर बताना होगा। इसके अलावा बैंकों को टोलफ्री (Toll free) अथवा हेल्प डेस्क नंबर का भी डिस्पले (display) करना होगा। वहीं अगर खाते से पैसा कट जाए तो ग्राहकों (Customers) को परेशान नहीं होना चाहिए। ग्राहकों को मान लेना चाहिए कि उनका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित होता है। अगर वो यह सोच लें कि उनका पैसा वापस नहीं मिलेगा तो यह गलत है। हालांकि ग्राहकों को इसके बारे में तुरंत अपने बैंक (Bank) को सूचित करना पड़ेगा।

हेल्‍पलाइन नंबर के जर‍िये शिकायत दर्ज करें

बता दें क‍ि अगर किसी भी कारणवश अगर बैंक (Bank) आपकी मदद नहीं करते हैं और आपको लगता है कि आपके साथ गलत हो रहा है, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। जी हां अगर कभी आपके साथ भी ऐसा हो, तो आप हफ्ते के सातों दिन उपभोक्ता हेल्पलाइन (Helpline) टोल फ्री नंबर 14404 या 1800-11-4000 पर अपनी शिकायत दर्ज (File complaint) कर सकते हैं। आप चाहें तो उपभोक्ता विभाग की वेबसाइट www.consumerhelpline.gov.in पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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English summary

Bank Will Pay Penalty For ATM Transaction Failure

According to RBI regulations, if your money does not come back within 7 days of complaining, the bank will be compensated by 100 rupees per day।
Story first published: Tuesday, May 7, 2019, 15:10 [IST]
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